क्या स्मोकिंग पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को नुकसान पहुंचाती है? डॉक्टर से जानिए धूम्रपान के साइड- इफेक्ट्स

स्मोकिंग किसी के भी फेफड़ों के लिए ठीक नहीं। लेकिन, महिलाओं में स्मोकिंग की आदत फेफड़ों के साथ-साथ अन्य ऑर्गन्स को भी बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।

क्या स्मोकिंग पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को नुकसान पहुंचाती है? डॉक्टर से जानिए धूम्रपान के साइड- इफेक्ट्स
VerifiedVERIFIED By: Dr. Jyoti Mehta

Written by Sadhna Tiwari |Updated : August 1, 2025 6:53 PM IST

Smoking health hazards for women-लंग कैंसर का खतरा स्मोकिंग के कारण तेजी से बढ़ता है। वहीं, स्मोंकिग आपकी हेल्थ को अन्य कई तरीकों से भी नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन, यह भी देखा जा रहा है कि लोगों में सिगरेट पीने की आदत तेजी से बढ़ रही है। पुरुषों की तरह ही महिलाओं में भी स्मोंकिग की आदत में इजाफा देखा जा रहा है। इसके कई कारण हैं। वहीं, कुछ स्टडीज में ऐसे भी तथ्य सामने आए हैं कि महिलाओं में स्मोकिंग के नुकसान पुरुषों की तुलना में अधिक देखे जा रहे हैं।

जैसा कि आज के समय में वर्किंग महिलाओं के जीवन में स्ट्रेस एक हिस्सा बन चुका है। ऐसे में महिलाओं में धूम्रपान जैसी हानिकारक आदतें भी अपना लेती हैं। लगभग 20% महिलाएं काम के तनाव के कारण सिगरेट पीती हैं, जिससे भविष्य में उन्हें फेफड़ों के कैंसर का गंभीर खतरा हो सकता है। इन महिलाओं को फेफड़ों से जुड़ी क्रोनिक बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए धूम्रपान छोड़ना बेहद जरूरी है। वर्ल्ड लंग कैंसर डे (World Lung Cancer Day 2025) पर एक्सपर्ट महिलाओं से अपील की है कि वे अपने फेफड़ों की हेल्थ पर ध्यान दें और धूम्रपान से दूरी बनाएं।

स्मोकिंग से बढ़ता है इन बीमारियों का रिस्क

तलेगाव स्थित ऑन्को लाइफ कैंसर सेंटर के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ज्योती मेहता ने कहा कि, ऑफिस में काम के वजह से आने वाले तनाव के कारण लगभग 10% महिलाएं धूम्रपान को प्राथमिकता देती हैं। धीरे-धीरे धूम्रपान फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है और कैंसर तथा अन्य सांस संबंधी रोगों का कारण बनता है। हर महीने 27 से 35 वर्ष की उम्र की 10 में से 2 महिलाएं लगातार खांसी, थकावट और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए आती हैं।

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पुणे स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. आदित्य देशमुख ने कहा सिगरेट पीना फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। धीरे-धीरे यह फेफड़ों की कोमल परतों को क्षति पहुंचाता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता घटती है और सांस लेने में दिक्कत होती है। सिगरेट में मौजूद हानिकारक रसायन सीधे तौर पर फेफड़ों के कैंसर, ब्रोंकाइटिस, दमा और सीओपीडी जैसी बीमारियों को जन्म देते हैं।

काम का बढ़ता तनाव और उसे कम करने के लिए धूम्रपान का सहारा लेना एक खतरनाक ट्रेंड बन चुकी है। इससे फेफड़ों का कैंसर तो होता ही है साथ ही इन बीमारियों का रिस्क भी बढ़ता है-

  • क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)
  • अस्थमा
  • ब्रोंकाइटिस

बढ़ता है सर्विकल कैंसर का खतरा

अमेरिकन कॉलेज ऑफ आब्स्ट्रेटिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मोकिंग की आदत पुरुष और महिला दोनों के लिए फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ा सकता है। लेकिन महिलाओं में स्मोकिंग की वजह से सर्विकल कैंसर यानी बच्चेदानी के कैंसर का रिस्क भी बढ़ जाता है। स्मोकिंग ना करने वाली महिलाओं की तुलना में स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में सर्विकल कैंसर का रिस्क 6 गुना बढ़ सकता है।

पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं

सिगरेट पीने से महिलाओं के यूट्रस को भी नुकसान होता है। वहीं, कुछ रिसर्च के अनुसार, सिगरेट पीने वाली महिलाओं में पीरियड्स के दौरान दर्द और क्रैम्प्स जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

फेफड़ों के कैंसर के कारण क्या हैं?

धूम्रपान के अलावा प्रदूषण, धुआं, केमिकल्स के सम्पर्क में आने से होने वाला डैमेज, कुछ पुरानी बीमारियों और अनुवांशिक कारणों से भी लोगों में लंग कैंसर हो सकता है।

स्मोकिंग से महिलाओं को किस तरह की समस्याएं होती हैं?

स्मोकिंग करने से  महिलाओं में लंग कैंसर का रिस्क बढ़ने के साथ-साथ सर्विकल कैंसर और पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं बढ़ने का रिस्क बढ़ जाता है।