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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 8, 2022 12:37 PM IST
61 फीसदी लोगों को नहीं पता स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण! स्टडी में दावा 3 पुरुषों पर 1 महिला कराती है चेकअप
ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जो किसी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती है और मीरा रोड स्थित वॉकहार्ड हॉस्पिटल द्वारा किए गए एक सर्वे में स्ट्रोक से जुड़े कुछ चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे में ये खुलासा हुआ है कि करीब 61 फीसदी लोगों को ये पता ही नहीं होता है कि स्ट्रोक के संकेत कौन से होते हैं। स्ट्रोक के संकेतों में शामिल हैं संतुलन न बैठा पाना, आंखों में जलन, धुंधला-धुंधला दिखाई देना, चेहरे का एक तरफ झुक जाना, हाथों में कमजोरी, बोलने में दिक्कत।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम लोगों में स्ट्रोक को लेकर अभी भी जागरूकता की कमी है। लेकिन स्ट्रोक के शुरुआती घंटे में उपचार से बहुत सी जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। स्ट्रोक के मरीज की जरूरत को हल करके और स्ट्रोक के शुरुआती संकेतोंकी पहचान करने में मदद करने के लिए अस्पताल कई पहल कर रहे हैं।
स्ट्रोक तब होता है जब हमारे दिमाग में रक्त की आपूर्ति कम हो या जाती है या फिर किसी वजह से बंद हो जाती है। ये किसी भी वक्त किसी को भी हो सकता है। इस जानलेवा स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित लोगों के बीच अभी भी जागरूकता की बहुत कमी है। जब भी स्ट्रोक की बात आती है तो हमारे दिमाग के लिए वक्त सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
सर्वे में खुलासा हुआ है कि पहले स्ट्रोक के शुरुआती साढ़े चार घंटे बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं और इस दौरान स्ट्रोक के उपचार को लेकर 64 फीसदी लोग जागरूक हैं। हालांकि हैरान कर देने वाली बात ये है कि करीब 61 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि आखिर स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हैं क्या। इन चेतावनी भरे संकेतों को देखते हुए रोगी को तुरंत स्ट्रोक के उपचार वाले अस्पताल में ले जाना चाहिए, जहां रोगी की अच्छी तरह से देखभाल की जा सके।
सर्वे में ये भी खुलासा हुआ कि करीब 65.4 फीसदी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि अगर मरीज को समय पर अस्पताल और पूरे तरीके से उसकी देखभाल की जाए तो स्ट्रोक को रोका जा सकता है और रोगी को फिर से ठीक किया जा सकता है।
3 में से 1 महिला कराती है चेक-अप
लोगों को अपने स्वास्थ्य के महत्व के बारे में चिंता होनी शुरू हो गई है और अब 95.2 फीसदी लोगों को लगता है कि साल में एक बार तो फुल बॉडी चेक-अप कराना चाहिए। इसके अलावा 82.7 फीसदी लोग हर साल अपना सालाना चेक-अप कराते हैं। हालांकि हर 3 पुरुषों के मुकाबले एक महिला ही बॉडी चेकअप करवाती है। इस सर्वे में करीब 200 लोगों ने हिस्सा लिया था।