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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 29, 2022 5:08 PM IST
बच्चों में अर्थराइटिस के इन 4 शुरुआती संकेतों को बिल्कुल भी न करें नजरअंदाज, उम्र के साथ बढ़ने लगेगी बच्चे की परेशानी
बच्चे दुर्घटनाओं और बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यही वजह है कि बीमारी की पहचान अक्सर देर से ही हो पाती है और बुखार, सूजन, जोड़ों में दर्द और थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। माता-पिता को अक्सर लगता है कि बच्चों के जोड़ों में दर्द या फिर सूजन खेल-कूद या फिर उनके शरीर के बढ़ने पर हो रही होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये जुवेनाइल आईडियोपैथिक अर्थराइटिस हो सकता है, जिसकी वजह से भी आपका बच्चा इन लक्षणों का शिकार हो सकता है। बच्चों में अर्थराइटिस का ये प्रकार बहुत आम है और ये 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के तरीके।
अगर बच्चा जोड़ों पर या उसके आस-पास सूजन या फिर गर्माहट महसूस करने के साथ-साथ दर्द से भी परेशान है तो बच्चे में अर्थराइटिसका संकेत हो सकता है।
सुबह के वक्त बच्चे का चलना-फिरना हमेशा से मुश्किल रहता है लेकिन जब सुबह चलने के दौरान बच्चे के जोड़ों में दर्द या फिर वह लंगड़ा कर चलता है तो ये अर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ये स्थिति हर गुजरते दिन के साथ बिगड़ती जाती है इसलिए इसका ध्यान रखें।
बुखार और जोड़ों में दर्द वायरल इंफेक्शन की वजह से भी हो सकता है, जिसमें डेंगू, चिकनगुनिया शामिल है। हालांकि ये कभी-कभार ब्लड कैंसर जैसी अनुवांशिक बीमारी की वजह से भी हो सकता है।
इस स्थिति की तुरंत पहचान और इलाज जरूरी होता है। ये आम वायरल बुखारया फिर रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली कुछ बीमारियों की वजह से भी हो सकता है। इसलिए जोड़ों के आस-पास होने वाली परेशानी को हल्के में न लें।
अपनी डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें। वे लोग, जो मांसाहारी हैं उनके लिए फिश लिवर ऑयल बहुत फायदेमंद हो सकता है क्योंकि ये हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। अपने बच्चे को रोजाना इनका सेवन करने दें।
रोजाना 1-2 लीटर पानी पीना अच्छा होता है, इससे मांसपेशियों के दर्द से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह उचित पाचन में मदद करता है और कब्ज को भी कंट्रोल करता है।
कम से कम सप्ताह में 5 दिन 30 मिनट जरूर टहलें।
अपने बच्चों को बचपन से ही डेली रूटीन में हेल्दी आदतों को शामिल करने के लिए कहें, जो बच्चे को सालों तक फिट रखने में मदद करेंगी।