बचना है कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से तो करना होगा आपको बस यह एक काम

कई शोधों में यह बात सामने आई है कि व्यायाम करने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा, निष्क्रिय जीवन जीने वाली महिलाओं की अपेक्षा 30 से 40 प्रतिशत तक कम होता है।

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Written By: Anshumala | Published : February 14, 2019 6:05 PM IST

व्‍यायाम सभी प्रकार के कैंसर के खिलाफ रक्षा-कवच की तरह काम करता है। कैंसर से होने वाली करीब एक तिहाई मौतें मोटापे और आरामतलब जीवनशैली के कारण होती हैं। इसमें कोलोन और स्‍तन कैंसर भी शामिल हैं। कई लोग दिल की बीमारियों से बचने के लिए व्‍यायाम करते हैं लेकिन व्‍यायाम कैंसर से बचाने में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्‍यादातर कैंसर अनुवांशिक नहीं, बल्कि खराब जीवनशैली के कारण होते हैं।

व्‍यायाम से कम हो मोटापा और स्‍तन कैंसर

कई शोधों में यह बात सामने आई है कि व्‍यायाम करने वाली महिलाओं को स्‍तन कैंसर होने का खतरा, निष्क्रिय जीवन जीने वाली महिलाओं की अपेक्षा 30 से 40 प्रतिशत तक कम होता है। इसमें महिलाओं का हॉर्मोन एस्‍ट्रोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिन महिलाओं के रक्‍त में एस्‍ट्रोजन का स्‍तर अधिक होता है, उन्‍हें स्‍तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। व्‍यायाम करने से एस्‍ट्रोजन का स्‍तर कम हो जाता है इसलिए महिलाओं को स्‍तन कैंसर होने का खतरा भी घट जाता है।

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बुजुर्ग महिलाओं को भी खतरा

यहां तक कि बूढ़ी महिलाओं को भी एस्‍ट्रोजन के बारे में सोचने की जरूरत होती है। मेनापोज के बाद वसा कोशिकाएं इस हार्मोन का निर्माण करती हैं। जो महिलाएं एक्‍सरसाइज करती हैं, उनमें वसा कम होती है इसलिए एस्‍ट्रोजन का निर्माण भी कम होता है। दुनिया भर की महिलाओं में स्‍तन कैंसर सबसे अधिक देखा जाता है। ऐसे में महिलाएं व्‍यायाम के जरिए स्‍तन कैंसर के संभावित खतरे को कम कर सकती हैं।

कोलन कैंसर को हराएं

अकेले अमेरिका में हर साल करीब 50 हजार लोग कोलोन कैंसर के कारण अपनी जान गंवाते हैं। तीन दर्जन से अधिक शोध में यह बात सामने आयी कि व्‍यायाम करने से कोलोन कैंसर का खतरा 20 फीसदी तक कम हो जाता है। इसके फायदे महिलाओं और पुरुषों दोनों को होते हैं। हालांकि, पुरुषों में व्‍यायाम के फायदे ज्‍यादा देखे जाते हैं। वर्जिश करने से पाचन अम्‍ल और अन्‍य कारकों पर भी सकारात्‍मक असर पड़ता है। और ऐसा माना जाता है कि ये कारक भी कोलोन कैंसर के संभावित कारण हो सकते हैं। एक्‍सरसाइज करने से मोटापा कम होता है, इनसुलिन का स्‍तर स्थिर रहता है इससे भी कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। ताजा शोध में भी यह बात सामने आयी है कि शारीरिक गतिविधि डीएनए को सुधारती है जिससे कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है।

कितना व्‍यायाम है काफी

जानकार मानते हैं कि हफ्ते के अधिकतर दिन 30 मिनट का व्‍यायाम करना चाहिए। हालांकि, अगर आप ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ हासिल करना चाहते हैं तो आपको रोजाना एक घंटा व्‍यायाम करने का लक्ष्‍य बनाना चाहिए। मध्‍यम व्‍यायाम जैसे तेज चलना और साइकिल चलाना आदि भी काफी है। हालांकि, अगर आप ज्‍यादा लाभ प्राप्‍त करना चाहते हैं तो आपको थोड़े कड़े व्‍यायाम करने चाहिए।

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