गर्मियों में होने वाली बीमारियों से बचें, अपनाएं ये टिप्स

यदि आपके शरीर में पर्याप्त पानी है, तो आप 90 फीसदी बीमारियों से लड़ सकते हैं। ऐसे में खुद को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें।

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Written By: IANS | Updated : April 18, 2019 6:27 PM IST

गर्मी का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। गर्मी और उमस के बीच यह इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है। पाचन और त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ ही मौसमी फ्लू और संक्रमण का भी इस दौरान खतरा बना रहता है। ऐसे में गर्मी को लेकर पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए। गर्मी में होने वाली बीमारियों से परहेज करने या लड़ने के लिए स्टेहैप्पी फार्मेसी के प्रबंध निदेशक डॉ. सुजीत पॉल कुछ जरूरी टिप्स साझा कर रहे हैं -

रहें हाइड्रेटेड : यदि आपके शरीर में पर्याप्त पानी है तो आप 90 फीसदी बीमारियों से लड़ सकते हैं। पानी को शरीर के फाइबर द्वारा हमारे कोलोन में खींच लिया जाता है और यह नरम मल बनाने में शरीर की मदद करता है। साथ ही बिना किसी तकलीफ के इसका रास्ता भी आसान हो जाता है।

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फाइबर इनटेक : अनाज, सब्जियां, फलियां और फल जैसे फाइबर के बेहतरीन स्रोत वाले खाद्य पदार्थ हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं और व्यक्ति कब्ज होने की आशंका से दूर होता है, जो अंतत: फिशर का कारण बनता है।

कम कैफीन : गर्मी में कैफीन का सेवन भी आपके पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, जो आगे चलकर अल्सर, एसिडिटी और जलन का कारण बनता है।

वर्कआउट : पसीने का निकलना बहुत अच्छा है क्योंकि यह आपके शरीर से गंदगी को निकालने में मदद करता है। साथ ही आपके शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में भी सहायक है। हम जितना अधिक शारीरिक तौर पर सक्रिय रहेंगे, हमारे लिए जीवन खुशहाल होगा।

धूप से दूरी : संभव हो तो धूप में तीन घंटे से ज्यादा रहने से परहेज करें और सूती जैसे हल्के कपड़े पहनें।

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नियमित हेल्थ चेकअप : कई बार हम कुछ लक्षणों की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए डॉक्टर के पास जाने से परहेज करते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि स्वास्थ्य के मालमों में हम विशेषज्ञ से संपर्क करें। किसी भी तरह की गंभीर समस्या से बचने के लिए नियमित तौर पर हेल्थ चेकअप के लिए जाना चाहिए।

गर्मी के मौसम में कई अन्य तरह की समस्या भी हो जाती हैं जैसे- जॉन्डिस, टाइफॉयड और फूड प्वॉयजनिंग आदि। बेहतर होगा कि आप अपने खान-पान की आदतों के साथ धूप में समय बिताने को लेकर सतर्क रहें। बाहर के खाने से परहेज करें। भोजन स्किप ना करें और बाहरी ड्रिंक एवं अल्कोहल की बजाय स्वास्थ्यकर विकल्पों जैसे छोटे बदलाव बड़ा अंतर ला सकते हैं।

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