होंठों के आस-पास की स्किन हुई सफेद तो आपको हुआ Vitiligo, बच्चों के इन 2 अंगों पर पहले दिखते हैं लक्षण

Vitiligo symptoms in kids : ज्यादातर विटिलिगो के मामले 20 साल की उम्र से कम लोगों में ही शुरू हो जाते हैं और इनमें से 25 फीसदी मामले 8 साल की उम्र में ही सामने आते हैं। ये समस्या किसी भी उम्र से शुरू हो सकती है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Updated : June 25, 2022 6:05 PM IST

Vitiligo symptoms in kids : विटिलिगो (vitiligo), एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हमारी स्किन पर ऐसे चकत्ते हो जाते हैं और उन चकत्तों वाली जगह का रंग उड़ जाता है। स्किन पर होने वाले ये सफेद दाग तब होते हैं, जब हमारी त्वचा का रंग (पिगमेंट) बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती है या फिर मर जाती हैं। कुछ मामलों में इनका काम बंद कर देना भी स्किन पर सफेद दाग का कारण बनता है। ये स्थिति शरीर के किसी भी भाग पर हो सकती है, जिसमें मुंह, बाल या आंखें भी शामिल हैं। ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। हालांकि इसके उपचार से त्वचा की रंगत में सुधार हो सकता है, लेकिन यह रोग को खत्‍म नहीं करता है।

बात करें बच्चों की तो उन्हें भी ये परेशानी हो सकती है लेकिन ये किस उम्र में बच्चों को होती है इसके लक्षण व्यस्कों से कितने अलग होते हैं, इसकी जानकारी लोगों को कम ही है। आइए जानते हैं बच्चों को कैसे प्रभावित करती है ये बीमारी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

मुंबई स्थित क्यूटिस स्किन सॉल्यूशन के बोर्ड सर्टिफाइड डर्माटोलॉजिस्ट एंड लेजर सर्जन डॉ. अप्रातिम गोयल का कहना है कि ज्यादातर विटिलिगो के मामले 20 साल की उम्र से कम लोगों में ही शुरू हो जाते हैं और इनमें से 25 फीसदी मामले 8 साल की उम्र में ही सामने आते हैं। ये समस्या किसी भी उम्र से शुरू हो सकती है।

बात करें बच्चों की तो बच्चों में ये समस्या सेगमेंटल होती है, यानी के एक हिस्से तक ही सीमित होती है। इसी प्रकार को नॉन-सेगमेंटल के मुकाबले ज्यादा आम माना जाता है।

बच्चों के किन अंगों को प्रभावित करता है विटिलिगो

बच्चों के इस बीमारी का शिकार होने पर, जो अंग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं उनमें कोहनी, घुटने शामिल हैं, जो कि koebner’s phenomenon के कारण है। हालांकि बहुत से मामलों में लक्षण व्यस्कों के समान ही होते हैं।

शुरुआती लक्षण कौन सा है

1-होंठों के आस-पास की स्किन का सफेद होना

2-बालों का सफेद होना जैसे लक्षण शुरू में दिखाई देते हैं।

विटिलिगो से जुड़ी खास बात

ये जानना बहुत ही जरूरी है कि ये स्थिति आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी खतरनाक नहीं है हालांकि दूसरों से अलग दिखना बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए अगर आपका बच्चा इस स्थिति से प्रभावित है तो उसे बिना अपने रंग की परवाह किए दूसरे बच्चों के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें सिखाएं कि स्किन के सभी रंग सुंदर होते हैं और जरूरी नहीं कि उन्हें अपनी स्किन को ढकना है। अपनी स्किन को लेकर आत्मविश्वास से भरे रहने पर उन्हें खुद को स्वीकार करने में मदद मिलेगी।

विटिलिगो का उपचार

1-सनस्क्रीन का उपयोग करें

2-कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करना

3-कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम और टैबलेट

4-अल्ट्रा वॉयलेट फोटोथेरेपी

5-नैरो बैंड अल्ट्रावॉयलेट बी थेरेपी

6-स्किन ग्राफ्टिंग

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source