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50 के बाद महिलाओं में हो सकती है इन 3 विटामिन की कमी, जानें और इनसे होने वाले रोगों से बचें

Vitamins for Women Over 50: महिलाओं में 50 के बाद कई ऐसी बीमारियां होने लगती हैं जो कि विटामिन की कमी से होने वाले रोग होते हैं। तो, आइए जानते हैं इन रोगों के बारे में।

50 के बाद महिलाओं में हो सकती है इन 3 विटामिन की कमी, जानें और इनसे होने वाले रोगों से बचें

Written by Pallavi Kumari |Updated : June 28, 2022 10:54 AM IST

उम्र बढ़ने के साथ कई बीमारियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में 50 के बाद की महिलाओं की बात करें तो उनमें ये उम्र मेनोपॉज का होता है और पीरियड्स बंद होने के साथ कई समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में बहुत ही समस्याएं विटामिन की कमी (vitamins deficiency in women's) से जुड़ी हो सकती है। जैसे कि विटामिन डी की कमी से जहां, हड्डियों को नुकसान हो सकता है वहीं, विटामिन बी जैसे अन्य तत्वों की कमी से पाचन क्रिया, बॉवेल मूवमेंट और शरीर के कई काम काज प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए जरूरी हो जाता है कि वे 50 की उम्र के बाद शरीर में कुछ विटामिन की कमी (vitamins deficiency in women's after 50) से बचें। तो, आइए आज हम आपको ऐसे तीन विटामिन की बारे में बताते हैं जो कि 50 की उम्र के बाद हर महिला के लिए जरूरी हो जाती है।

50 के बाद महिलाओं में विटामिन की कमी-Vitamins for Women Over 50

1. विटामिन बी 6 की कमी से होने वाले रोग (Vit b6 deficiency disease)

50 की उम्र के बाद महिलाओं में अक्सर विटामिन बी 6 की कमी हो जाती है। विटामिन बी 6 की कमी से त्वचा की सूजन और रेडनेस आ जाती है। तो वहीं कई बार स्किन पपड़ीदार दाने से भरे हो जाते हैं। हाथ और पैर सुन्न पड़ सकते हैं तो, कई बार चुभन वाला दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा जीभ खट्टी और लाल हो सकती है, और मुंह के कोनों में दरारें बन सकती हैं। इसके अलावा कई बार महिलाएं भ्रमित, चिड़चिड़े और उदास नजर आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी ये है कि विटामिन B6 की पूर्ति करें। इसके लिए पालक, छोले, एवोकाडो, केल, गाजर और सैल्मन खाएं।

2. विटामिन बी 12 की कमी से होने वाले रोग (Vit b12 deficiency disease)

50 की उम्र के बाद महिलाओं में विटामिन बी 12 की कमी का भी अधिक खतरा होता है। यह संभवतः एक चिकित्सा स्थिति, कम कैलोरी आहार, या यहां तक ​​कि भूख में कमी के कारण हो सकता है। ऐसे में इस विटामिन की कमी से कब्ज, दस्त, भूख न लगना या गैस की समस्या बढ़ जाती है। साथ ही शरीर सुन्न पड़ने लगता है और झुनझुनी बढ़ जाती है। साथ ही कई बारमांसपेशियों में कमजोरी और चलने में समस्या जैसी तंत्रिका समस्याएं भी होती हैं। इसके साथ मानसिक समस्याएं जैसे अवसाद, याददाश्त कम होना या व्यवहार में बदलाव भी महिलाएं महसूस कर सकती हैं। ऐसे में विटामिन B12 की पूर्ति करें और इसके लिए टूना, मोटे अनाज,चना, गहरे रंग के पत्तेदार साग, केला, पपीता, संतरा और खरबूजा जैसे फलों का सेवन करें।

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3. विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग (Vit D deficiency disease)

मजबूत हड्डियों के लिए विटामिन डीबेहद जरूरी है, क्योंकि यह शरीर को आहार से कैल्शियम का उपयोग करने में मदद करता है। परंपरागत रूप से, विटामिन डी की कमी को रिकेट्स से जोड़ा गया है, एक ऐसी बीमारी जिसमें हड्डियां अपने आप कमजोर होने लगती हैं। इसलिए 50 की उम्र के बाद जब हड्डियों की समस्याएं बढ़ने लगे तो समझ जाएं कि विटामिन डी की कमी है। इसके अलावा विटामिन डी दिल की बीमारियों और संज्ञानात्मक हानि जैसी समस्याओं का भी कारण बनता है। ऐसे में से धूप लेने काम नहीं चलेगा बल्कि आपको अपन डॉक्टर से भी बात करनी होगी।

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तो, 50 के बाद शरीर में इन विटामिन की कमी का खास ख्याल रखें और इन बीमारियों के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वे कुछ टेस्ट करने के साथ इन विटामिन का सप्लीमेंट्स दे सकते हैं और अगर रोग है तो इसका इलाज भी बता सकते हैं।

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