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सेहत को लेकर जब भी कोई बात आती है तो आमतौर पर यही बताया जाता है कि किस विटामिन की कमी से क्या बीमारियां हो सकती हैं। लेकिन अधिकांश लोग इस बारे में नहीं जानते कि विटामिन की अधिकता के कारण भी कई रोग हो सकते हैं। विटामिन की कमी जितनी खतरनाक है, उनकी अधिकता भी उतनी ही गंभीर है। यहां तक कि कुछ विटामिन का ज्यादा सेवन करना जानलेवा तक हो सकता है। हाल ही में ब्रिटेन में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां 89 वर्षीय एक शख्स की मौत विटामिन डी के अधिक सेवन के कारण हो गई। डेविड मिचनर नामक इस व्यक्ति की मौत हाइपरकैल्सीमिया से हुई है। यह बीमारी विटामिन डी हाई होने के कारण होती है। डॉक्टर्स के अनुसार इसका प्रमुख कारण विटामिन डी टॉक्सिसिटी है। इसके कारण कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, इस्केमिक हार्ट डिजीज, क्रोनिक किडनी फेलियर और हाइपरकैल्सीमिया जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपको यह जानने की जरूरत है कि आखिर विटामिन डी टॉक्सिसिटी क्या है।
विटामिन डी टॉक्सिसिटी को हाइपरविटामिनोसिस डी भी कहा जाता है। जब शरीर में विटामिन डी का लेवल बढ़ जाता है तो यह गंभीर स्थिति बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन कई बार लोग इसे धूप या आहार से लेने की जगह इसके सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं। ऐसे में शरीर में इस विटामिन की अधिकता हो जाती है। यह पावरफुल विटामिन शरीर में फास्फोरस और कैल्शियम के लेवल को बनाने में मददगार होता है। साथ ही आपकी हड्डियों को भी सेहतमंद रखता है। यह इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है। लेकिन जब शरीर में यह विटामिन ज्यादा हो जाता है तो ये सभी कामों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने लगता है।
1. विटामिन डी टॉक्सिसिटी का सबसे प्रमुख कारण है डॉक्टर की बिना सलाह के विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लेना। अगर आप लंबे समय से ऐसे सप्लीमेंट ले रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि ये आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं।
2. कुछ फूड्स में विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है। इनका सीमित मात्रा में सेवन तो आपकी सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन ज्यादा सेवन से विटामिन डी टॉक्सिसिटी हो सकती है। ऐसे में संतरे का जूस, दूध, ऑयस्टर, सीफूड, अंडे, मशरूम आदि का सीमित सेवन करना ही फायदेमंद होगा।
3. कई बार लोग विटामिन डी की पूर्ति के लिए धूप में बहुत ज्यादा बैठते हैं और साथ में सप्लीमेंट और विटामिन डी रिच फूड भी खाते रहते हैं। ऐसे में उनके शरीर में इस विटामिन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जो टॉक्सिसिटी का कारण बन जाता है।
विटामिन डी टॉक्सिसिटी एक जानलेवा स्थिति हो सकती है। ऐसे में समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और उनका उपचार करना बहुत जरूरी है। विटामिन डी की अधिकता से ब्लड में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाता है। जिसके कारण उल्टी, मतली, थकान और कमजोरी होने लगती है। जब शरीर में विटामिन डी का स्तर बढ़ता है तो डिहाइड्रेशन होने लगता है और आपको बहुत ज्यादा यूरिन आने की परेशानी हो जाती है। इस विटामिन की अधिकता से किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। कई बार इसके कारण भूख कम लगने, पेट दर्द और वजन कम करने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।