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Written By: Jitendra Gupta | Published : January 24, 2023 4:47 PM IST
शरीर में इस विटामिन की कमी से बढ़ जाता है वायरल इंफेक्शन का खतरा! जानें किन बीमारियों का 'काल' है ये विटामिन
हमारे शरीर के लिए यूं तो हर विटामिन जरूरी है लेकिन बदलता मौसम आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। इन्हीं में से एक विटामिन है विटामिन डी। दरअसल जब शरीर को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिलता है या धूप की कमी या फिर खराब डाइट के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है तो बहुत सी परेशानियां हो जाती हैं। विटामिन डी की कमी को दूर करना आसान है दरअसल जब आप सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आते हैं, तो आपकी त्वचा विटामिन डी का उत्पादन कर सकती है लेकिन अगर आप किसी ठंडी जगह पर रहते हैं या फिर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है है या आप इनडोर जीवनशैली में हैं तो आपके शरीर में विटामिन डी लेवल कम हो सकता है। आइए जानते हैं बदलते मौसम में शरीर के लिए विटामिन डी की कमी के नुकसान।
विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फेट के साथ मिलकर आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्टकरता है साथ ही एक स्वस्थ शरीर को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। इसे इम्यूनोमॉड्यूलेटरी हार्मोन भी कहा जाता है। विटामिन डी के सक्रिय रूप, 1,25-डाइहाइड्रॉक्सीविटामिन डी, जन्मजात और बेहतर इम्यून सिस्टम के साथ-साथ शरीर के लिए कई जरूरी काम को अंजाम देता है।
विटामिन डी की कमी कैंसर, हृदय रोग, बैक्टीरियल, वायरल संक्रमण, कोविड और अन्य बीमारियों से सुरक्षा के बीच संभावित संबंध हैं। विटामिन डी ट्यूमर कोशिकाओं के विकास को कम कर सकता है, संक्रमण में मदद कर सकता है और सूजन को कम कर सकता है।
विटामिन डी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है साथ ही इम्यून कोशिकाओं को संशोधित कर संक्रमण से लड़ने में मदद करता है, जो एक एंटीवायरल प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है। विटामिन डी की कमी इम्यून रिस्पॉन्स को ख़राब कर सकती है और संक्रमण और बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है। वास्तव में, यह विटामिन बहुत जरूरी विटामिन में से एक है।
प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए विटामिन डी की कमी से जुड़े हाल के वर्षों में अध्ययन से ये सामने आया है कि विटामिन डी की कमी संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है। इसके साथ ही डायथेसिस, ऑटोइम्यूनिटी वाले आनुवंशिक रूप से अतिसंवेदनशील लोगों में ये खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, विटामिन डी का लो लेवल तपेदिक, अस्थमा, और सांस संबंधी बीमारी, वायरल और जीवाणु श्वसन संक्रमण सहित कई श्वसन रोगों के लिए बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है।
विटामिन डी, हमें संक्रमण (कोविड सहित) और कैंसर, हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों, डायबिटीज और मनोभ्रंश जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकता है। कैंसर, हृदय रोग (सीवीडी), श्वसन पथ के संक्रमण, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सहित क्रॉनिक बीमारियों के जोखिम वाले विषयों पर विटामिन डी के सुरक्षात्मक प्रभावों के आधार पर, कोई अनुमान लगा सकता है कि विटामिन डी के साथ सप्लीमेट और सीरम विटामिन डी के स्तर में वृद्धि की तुलना में अधिक है।
50 ng/mL (125 nmol/L) विटामिन डी कोविड19 वायरस सहित कई वायरल रोगों के मामले और गंभीरता में कमी पर लाभकारी प्रभाव डाल सकता है। विटामिन डी तीव्र श्वसन पथ के संक्रमण के जोखिम को कम नहीं करता है, लेकिन यह लक्षण अवधि को थोड़ा कम कर सकता है।