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Pollution Mia Vitamin D Ki Kami: शहरों में इतना ज्यादा पॉल्यूशन बढ़ गया है कि लोग अपनी सेहत और जान को बचाने के लिए घर के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। एक हद तक तो यह सही है, लेकिन क्या आप जानते हैं घर के अंदर रहना भी एक स्वास्थ्य समस्या को पैदा कर रहा है? बात कर रहे हैं विटामिन D की कमी की। यह कोई आम बात नहीं है, क्योंकि जब हमने आकाश हेल्थ केयर के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर राकेश पंडित से पूछा की ‘घर के अंदर प्रदूषित हवा से बचने से विटामिन डी की कमी कैसे बढ़ती है? और यह इम्यूनिटी को कैसे प्रभावित कर रहा है?’ तो डॉक्टरों ने बताया कि लंबे समय तक धूप से दूरी बनाने से शरीर में विटामिन D का लेवल तेजी से गिर रहा है, जिसका सीधा असर इम्यूनिटी पर पड़ रहा है।
हमारे लिए यह समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि विटामिन D शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को सक्रिय बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। सूर्य की किरणें विटामिन D का सबसे प्राकृतिक और प्रभावी स्रोत हैं। लेकिन प्रदूषण के डर से लोग सुबह की धूप में बाहर निकलना बंद कर रहे हैं। आइए जानते हैं इससे आपके शरीर को क्या नुकसान पहुंच सकता है।
इस विषय पर डॉक्टर कहते हैं कि ‘पिछले कुछ वर्षों में विटामिन D की कमी के मामलेतेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर शहरी इलाकों में लोग प्रदूषण से बचने के लिए घर के अंदर रहते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती। यह स्थिति इम्यूनिटी को कमजोर कर रही है।’ एक्सपर्ट के अनुसार, विटामिन D की कमी से बार-बार सर्दी-खांसी, थकान, मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों की कमजोरी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कोविड के बाद से इम्युनिटी को लेकर जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन धूप से दूरी बनाना एक विरोधाभास बन गया है।
डॉक्टर आगे बताते हैं कि ‘विटामिन D इम्यून सेल्स को सक्रिय करता है। इसकी कमी होने पर शरीर वायरस और बैक्टीरिया से सही तरीके से लड़ नहीं पाता। हमने देखा है कि जिन मरीजों में विटामिन D कम होता है, उनमें संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है।’ महिलाएं, बुजुर्ग, वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग और बच्चे इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खासकर बच्चे, जो पहले खेलकूद के लिए बाहर जाते थे, अब स्क्रीन टाइम के कारण घर के अंदर ही सीमित रह गए हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि प्रदूषण से बचाव जरूरी है, लेकिन इसके लिए धूप को पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं है। सुबह 8 से 11 बजे के बीच 15–20 मिनट की धूप लेना अपेक्षाकृत सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ‘अगर बाहर निकलना संभव न हो, तो विटामिन D की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना चाहिए। साथ ही, डाइट में अंडा, दूध, दही और फोर्टिफाइड फूड्स को शामिल करना भी जरूरी है।’
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि साफ हवा के साथ-साथ बैलेंस धूप भी सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है। सिर्फ प्रदूषण से डरकर घर में कैद रहना लंबे समय में इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है। डॉक्टर यही मानते हैं कि विटामिन D की कमी एक साइलेंट महामारी बनती जा रही है, जिसे समय रहते पहचानना और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे और शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बना रहे।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां। खराब वायु गुणवत्ता के संपर्क में आने से धमनियों में ऐंठन हो सकती है, प्रदूषण और रक्तचाप बढ़ सकता है, और सीने में दर्द या यहां तक कि दिल का दौरा भी पड़ सकता है।
वायु प्रदूषण के कारण होने वाली सबसे आम बीमारियों में अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियाँ, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), हृदय संबंधी विकार जैसे दिल का दौरा और स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर और तंत्रिका संबंधी स्थितियाँ शामिल हैं।
विटामिन डी और बी12 की कमी को पूरा करने के लिए आपको अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए। विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में फोर्टिफाइड अनाज, सोया दूध, और अन्य प्लांट-बेस्ड दूध, मांस मछली, अंडे, और डेयरी उत्पाद को शामिल करें। विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी, मशरूम, और फोर्टिफाइड डेयरी उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें।
विटामिन-बी12 और विटामिन-डी की कमी के कारण शरीर में गंभीर दर्द हो सकता है। इसके अलावा, पोटैशियम और आयरन की कमी भी शरीर में दर्द का कारण बन सकती है।