
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 7, 2026 8:54 AM IST
विटामिन D की कमी के कारण डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है।
भारत समेत दुनिया के विभिन्न विकासशील देशों में टाइप 2 डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब बात डायबिटीज की बात आती है तो लोग इसे खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, मोटापा और एक्सरसाइज की कमी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन हालही में एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सिर्फ लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि शरीर में मौजूद कुछ जीन और विटामिन डी कमी भी डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकती है। JAMA Network Open Research का कहना है कि शरीर में विटामिन D की कमी होने पर इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस वह स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का सही जवाब नहीं देतीं हैं।
रिसर्च में यह बात सामने आई कि विटामिन D इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को सपोर्ट कर सकता है। इससे शरीर में सूजन कम करने में मदद मिलती है। जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल बेहतर हो सकता है। हालांकि सभी लोगों में इसका असर एक जैसा नहीं होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि हर व्यक्ति के शरीर में अलग-अलग जीन होते हैं। यही जीन तय करते हैं कि शरीर खाना, दवाइयों और विटामिन्स पर कैसे रिएक्ट करेगा। रिसर्च में पाया गया कि कुछ लोगों में ऐसे जेनेटिक वैरिएंट्स होते हैं जो विटामिन D को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करते हैं। ऐसे लोगों में विटामिन D का डायबिटीज रोकने वाला प्रभाव ज्यादा देखा गया है। इसका मतलब यह है कि कुछ लोगों को विटामिन D से ज्यादा फायदा मिल सकता है, जबकि कुछ लोगों में इसका असर सीमित हो सकता है।
विटामिन D इंसुलिन सेंसेटिविटी को बढ़ाता है।
भारत जैसे देश में भी विटामिन D की कमी तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे लंबे समय तक घर के अंदर रहना, स्क्रीन टाइम बढ़ना, लोगों का धूप में बाहर जाने से बचना, खराब खानपान, वायु प्रदूषण जैसे कारक जिम्मेदार हैं। किसी व्यक्ति के शरीर में विटामिन D की कमी होने पर शारीरिक कमजोरी, हड्डियों में दर्द, जल्दी थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, बार-बार बीमार पड़ना और मूड खराब रहना जैसे लक्षण नजर आते हैं।
विटामिन D शरीर में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को सपोर्ट करने में मदद करता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो ब्लड में मौजूद शुगर को कंट्रोल करता है। जब शरीर में विटामिन D की कमी हो जाती है, तो इससे इंसुलिन बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है। जिसके कारण कोशिकाएं इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं और बल्ड शुगर लेवल धीरे- धीरे बढ़ने लगता है। इसी स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है, जो आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।
भारत में टाइप 2 डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
Disclaimer: रिसर्च में यह पाया गया है कि पर्याप्त Vitamin D स्तर रखने वाले लोगों में Type 2 Diabetes का खतरा कम हो सकता है। हालांकि सिर्फ विटामिन D ही डायबिटीज रोकने का एकमात्र उपाय नहीं है। डायबिटीज से बचाव के लिए विटामिन D के पूर्ति करने के साथ- साथ रोजाना एक्सरसाइज करें, वजन कंट्रोल रखें, मीठा कम खाएं। अगर आपको अपने शरीर में डायबिटीज का कोई लक्षण नजर आ रहा है तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें।
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