Vitamin D and Covid-19: क्या विटामिन डी की कमी से बढ़ सकता है कोविड-19 का ख़तरा ?

यूरोपिय देशों में कोविड से होने वाली मौतों के साथ विटामिन डी की कमी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। कैम्ब्रिज के एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसे देश जहां के लोगों में विटामिन डी का स्तर कम था, वहां कोविड-19 की वजह से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Published : June 25, 2020 7:10 PM IST

Vitamin D and Covid-19: कुछ सप्ताह पहले प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया कि इंडोनेशिया में कोविड इंफेक्शन से मरने वाले 750 से अधिक लोगों में  विटामिन डी कमी पायी गयी। डेलीमेल के अनुसार इस शोध में 780 लोगों का विश्लेषण किया गया। जिनमें से 99 फीसदी लोगों की विटामिन डी की कमी के चलते मृत्यु हो गयी। इसी तरह यूरोपिय देशों में कोविड से होने वाली मौतों के साथ विटामिन डी की कमी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। कैम्ब्रिज के एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसे देश जहां के लोगों में विटामिन डी का स्तर कम था, वहां कोविड-19 की वजह से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई। (Vitamin D and Covid-19 related deths in hindi)

क्या विटामिन डी की कमी है जानलेवा

एक रिसर्च के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के शरीर में विटामिन डी का स्तर 20 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर से नीचे होता है, तो, कोविड संक्रमण का ख़तरा 98.9 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस रिसर्च के अनुसार कोविड-19 से मरने वाले केवल 4 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनके शरीर में विटामिन डी का स्तर पर्याप्त पाया गया। इन दोनों ही बातों के आधार पर ऐसा कहा जा सकता है कि विटामिन डी की कमी के कारण कोविड इंफेक्टेड व्यक्ति के लिमृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान हुए कुछ रिसर्च और स्टडीज़ में कोविड इंफेक्शन और विटामिन डी की कमी के बीच संबंध पाए गए। शोधकर्ताओं का कहना है कि विटामिन डी रक्त में मौजूद सफेद रक्त कणिकाओं के काम को बढ़ाने में मदद करता है। कोविड मरीज़ों में साइटोकाइंस नामक सेल्स का निर्माण बहुत तेज़ी से होता है। लेकिन, रिसर्चर्स का दावा है कि सफेद ब्लड सेल्स इन कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती हैं। जिससे, कोविड इंफेक्शन गम्भीर नहीं हो पाता।

रोज़ाना कितना विटामिन डी है ज़रूरी

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब शरीर में विटामिन डी का लेवल लो रहता है, तो हड्डियों का वजन और शक्ति दोनों ही कम हो जाती है। विटामिन डी की कमी के कारण इंसुलिन रेज़िस्टेंस, हाई ब्लड प्रेशर और लो इम्यूनिटी की भी परेशानियां होने लगती हैं। इसी तरह कुछ एक्सपर्ट्स यह भी दावा करते हैं कि कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा भी विटामिन डी की कमी से बढ़ सकता है।  आमतौर पर लोगों को रोज़ाना 1000-4000 आईयू (IU) विटामिन डी की खुराक पर्याप्त होती है। लेकिन, अगर किसी व्यक्ति के शरीर में विटामिन डी की बहुत कमी हो तो, डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार इसका डोज़ बढ़ा सकता है।

विटामिन डी की कमी से बचनें के तरीके

  • रोज़ सुबह 30 मिनट धूप सेंके
  • नॉन-वेजिटेरियन्स अंडा, ऑयली फिश का सेवन करें
  • शाकाहारी भोजन में दूध, मशरूम और दही जैसे फूड्स का सेवन करें
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source