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विटामिन B12 एक आवश्यक पोषक तत्व है और यह काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि B12 शरीर में डीएनए सिंथेसिस, ऊर्जा उत्पादन और सेंट्रल नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। भारत में अधिकांश लोगों में विटामिन B12 की कमी देखने को मिलती है। विटामिन बी12 की कमी का मुख्य कारण विटामिन B12 युक्त आहार की कमी है। इसके अलावा कुछ शारीरिक समस्याएं जैसे- गैस्ट्राइटिस, एनीमिया, डाइजेस्टिव डिजीज या फिर शराब के अत्यधिक सेवन के कारण भी हो सकता है। विटामिन B12 की कमी होने पर शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलती है। यहां हम आपके साथ 5 प्रमुख समस्याओं के बारे में चर्चा करेंगे साथ ही विटामिन B12 के वेजीटेरियन सोर्स के बारे में भी बताएंगे।
अगर आपके शरीर में विटामिन B12 की कमी है तो निश्चित रूप से आप थकान महसूस कर सकते हैं। दरअसल शरीर की कोशिकाओं को ठीक से कम करने के लिए विटामिन B12 की जरूरत होती है लेकिन जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन B12 की पूर्ति नहीं होती है तो रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन कम होने लगता है जो ऑक्सीजन डिलीवरी को नुकसान पहुंचा सकता है। देश रूप से बी12 की कमी से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है। जिसमें थकान, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
जिस प्रकार से आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या देखने को मिलती है, उसी प्रकार से विटामिन B12 की कमी से संबंधित एनीमिया में रेड ब्लड सेल्स की कमी के कारण त्वचा का रंग पीला होने लगता है। B12 की कमी से पीलिया रोग भी हो सकता है।
विटामिन बी12 की कमी वाले लोगों में डिप्रेशन होने का खतरा भी जुड़ा है। दरअसल, B12 की कमी से होमोसिस्टीन नामक सल्फर युक्त अमीन एसिडका लेवल बढ़ जाता है, जो बदले में शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, डीएनए को डैमेज करने और शरीर में कोशिकाओं की मृत्यु को बढ़ाकर डिप्रेशन के विकास में योगदान करता है।
कुछ बड़ों और बच्चों में विटामिन बी12 की कमी से हाथ और पैर में जलन या चुभन जैसी स्थितियों का अनुभव हो सकता है। जिसे पेरेस्थेसिया भी कहते हैं। दुर्भाग्य से विटामिन B12 की कमी का यह लक्षण डायबिटिक न्यूरोपैथी से संबंधित लक्षणों के साथ समानता प्रकट करता है। क्योंकि यह हाई ब्लड शुगर के चलते नर्व डैमेज का कारण बनता है जिसमें हाथ-पांव में दर्द और सुन्नता का अनुभव प्रकट करती है।
क्योंकि विटामिन बी12 की कमी सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर नेगेटिव इंपैक्ट डालती है, लोगों को धुंधलापन महसूस हो सकता है ध्यान केंद्रित करने और काम को पूरा करने में कठिनाई हो सकती है। यही वजह है कि विटामिन B12 की कमी को खराब मानसिक स्तर से जोड़ा गया है। अध्ययनों की माने तो हल्के मानसिक विकारों को विटामिन B12 की कमी पूरी कर ठीक किया जा सकता है।
अगर आप शाकाहारी हैं और मांस अंडे और एनिमल बेस्ड प्रोडक्ट का सेवन किए बगैर विटामिन B12 की कमी को पूरा करना चाहते हैं तो आपके लिए कई विकल्प हैं। इसके लिए आप डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं इसके अलावा हरी सब्जियां और साबुत अनाज में भी विटामिन B12 पाया जाता है खासकर फोर्टीफाइड अनाजों में विटामिन B12 प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा आप चिकित्सक की सलाह पर भी विटामिन B12 वाले वेजिटेरियन फूड सोर्स के बारे में जानकारी ले सकते हैं।