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हर तरह की गांठ नहीं होती ब्रेस्ट कैंसर का कारण, इस तरह घर पर करें टेस्ट और पहचानें Lumps की गम्भीरता

किसी भी तरह की गांठ की जांच समय पर शुरू होने से उसके गम्भीर परिणामों से बचना भी आसान हो सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 9, 2023 11:52 PM IST

How to identify cancerous breast lumps: महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से बचने के लिए ब्रेस्ट की नियमित जांच करने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को रोजाना सोने से पहले या नहाते समय ब्रेस्ट्स की जांच करने के लिए कहा जाता है और ब्रेस्ट्स में किसी भी तरह के बदलाव, गांठ या लम्प्स दिखायी देने पर उन्हें तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करने के लिए कहा जाता है। ब्रेस्ट या अंडरआर्म्स के एरिया में किसी भी तरह की गांठ या लम्प दिखायी दें तो यह ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण हो सकता है। इसी तरह ब्रेस्ट में दर्द, या निप्पल्स से किसी तरह का डिस्चार्ज भी ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े लक्षण (symptoms of breast lumps) हो सकते हैं।

लेकिन, यह भी सही है कि ब्रेस्ट में बनने वाली हर तरह की गांठ कैंसरस नहीं होती। ऐसे में महिलाओं को कैंसरस और नॉन-कैंसरस गांठों का पता लगाने और उनमें अंतर (difference between cancerous breast lumps) समझने की कोशिश करनी चाहिए। जैसा कि कैंसरवाली गांठों का समय पर पता लगने से इलाज भी जल्दी शुरू हो सकता है। वहीं, किसी भी तरह की गांठ की जांच समय पर शुरू होने से उसके गम्भीर परिणामों से बचना भी आसान हो सकता है। इस लेख में आप जानेंगे ब्रेस्ट में होने वाली अलग-अलग प्रकार की गांठों (various types of breast lumps) के बारे में और साथ ही जानेंगे  उनकी गम्भीरता से जुड़ी अन्य जानकारियां।

ब्रेस्ट कैंसरका संकेत हो सकती हैं इस तरह की गांठें या ब्रेस्ट लम्प्स (Types of  breast lumps)

ब्रेस्ट सिस्ट

ये ब्रेस्ट टिश्यू के भीतर बनने वाले छाले हैं जो ज्यादातर मामलों में गम्भीर नहीं माने जाते। लेकिन, जब ये सिस्ट (Breast Cysts) या छाले गम्भीर हों तो आगे चलकर उनके कैंसंरस बनने और  ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनने का डर होता है।

फाइब्रोएडेनोमा ऑफ़ ब्रेस्ट (Fibroadenoma)

फाइब्रोएडीनोमा भी एक तरह की गांठ जो कैंसर की तरह ही फैल सकती है। लेकिन, इसका प्रसार केवल ब्रेस्ट तक नहीं होता। आमतौर पर फाइब्रोएडीनोमा कम उम्र की महिलाओं में अधिक देखी जाती है जबकि बुजुर्ग महिलाओं में इसके मामले कम ही पाए जाते हैं। वहीं, इस तरह की गांठ कई बार खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन, बड़े आकार की गांठ को निकालने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

एब्सेस(Abscesses)

ये साधारण फोड़े की तरह होती हैं जो ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं (lactating mothers) को हो सकते हैं। आमतौर पर ये बैक्टेरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection) की वजह से होते हैं और ये नॉन-कैंसरस होते हैं। हालांकि, अगर आपको इस प्रकार के फोड़े ब्रेस्ट पर दिखायी दें तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

सेल्फ एक्जामिनेशन करते समय ध्यान में रखें ये बातें

  • नियमित जांच करें और ब्रेस्ट में होने वाले किसी भी बदलाव को 2-3 दिनों तक ऑब्जर्व करें। अगर समस्या कम ना हो तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें।
  • महिलाएं पीरियड्स स्टार्ट होने के 7वें दिन से ब्रेस्ट की जांच शुरु कर सकती हैं।
  • 20 वर्ष से अधिक उम्र की लड़कियों को सेल्फ एग्जामिनेशन करना चाहिए।
  • वहीं, 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर 6 महीने में मेडिकल टेस्ट कराना चाहिए और जरूरत के अनुसार, मैमोग्राम और अल्ट्रासाउंड कराएं।