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Vaginal Infection: वजाइना में होने वाले यूटीआई और यीस्ट इंफेक्शन में क्या है अंतर?

अपने जीवन में हर महिला को कभी ना कभी इन इंफेक्शन्स की परेशानी होती है। क्योंकि इस इंफेक्शन की वजह सिर्फ पर्सनल हाइजीन से नहीं होता है, बल्कि कई अन्य हेल्थ फैक्टर्स और इश्यूज की वजह से होता है। चलिए जानते हैं महिलाओं में होने वाले कॉमन वजाइनल इंफेक्शन (Common vaginal infection) के बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 6, 2020 7:32 PM IST

Vaginal Infection:  अपने जीवन में हर महिला को कभी ना कभी वजाइनल इंफेक्शन्स की परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि यह इंफेक्शन सिर्फ पर्सनल हाइजीन की वजह से नहीं होता है, बल्कि कई अन्य हेल्थ फैक्टर्स और इश्यूज के कारण भी होता है। वजाइनल इंफेक्शन (Vaginal infection) में कुछ ऐसे इंफेक्शन हैं, जो बहुत ही कॉमन हैं। महिलाओं में होने वाले कॉमन वजाइनल इंफेक्शन (Common vaginal infection) के बारे में जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें-

यूटीआई और यीस्ट इंफेक्शन में अंतर (UTI and Yeast infection)

वजाइनल यीस्ट इंफेक्शन (Vaginal Yeast Infection)

यीस्ट इंफेक्शन वजाइना में कैंडिडा फंगस की वजह से होता है। इस इंफेक्शन की वजह से वजाइना मेंं जलन, खुलती, चुभन और डिस्चार्ज जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

यूटीआई (UTI)

बैक्टीरिया की वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) होता है। यह इंफेक्शन मूत्र मार्ग में समस्याओं की वजह बनता है। जो  मूत्र मार्ग (Urinary Tract ) के विभिन्न हिस्सों जैसे ब्लैडर, किडनी, यूरेटर, यूरेथ्रा को प्रभावित करता है।

गर्भवती महिलाएं रहें अधिक अलर्ट (Pregnant Women Stay more Alert) 

यूटीआई की समस्या हो या फिर यीस्ट इंफेक्शन, किसी भी तरह के वजाइना में असहजता महसूस करने पर तुरंत डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। ताकि समस्या बढ़ने से पहले इसे फैलने से रोका जा सके। डॉक्टर्स के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं में वजाइनल इंफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में उन्हें समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। वजाइनल इंफेक्शन के कारण भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है। इन इंफेक्शन्स की वजह से डिलिवरी के बाद और डिलिवरी के दौरान कई तरह की समस्याएं हो सकती है। 

कैसे बढ़ता है यीस्ट इंफेक्शन? (How Yeast Infection Increases)

वजाइना में कैंडिडा नामक फंगस के बढ़ने से यीस्ट इंफेक्शन होता है। यदि सही समय पर इसका इलाज नहीं कराया गया, तो एनस (मल मार्ग), मुंह, गट, पेनिस और शरीर के दूसरे पार्ट्स में भी फैल सकता है। यीस्ट इंफेक्शन को कैंडिडिआसिस (candidiasis) और वजाइनल थ्रस्ट भी कहते हैं। गर्भावस्था में महिलाओं द्वारा एंटीबायोटिक्स का अधिक इस्तेमाल करने और और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण भी यीस्ट इंफेक्शन ( Yeast Infection) हो सकता है।
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जिन महिलाओं को शुगर की समस्या रहती है। उन्हें भी यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा होता है। बर्थ कंट्रोल के लिए इस्तेमाल में किए जाने वाले दवाइयों के सेवन से भी यीस्ट इंफेक्शन होता है। इसके अलावा वजाइनल स्प्रे का इस्तेमाल और टाइट अंडरवेयर पहनने की आदत से भी यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना होती है। 

यूटीआई पनपने का कारण (Reason for UTI)

यूटीआई इंफेक्शन (UTI Infection) किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकता है। इसकी वजह महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट (Urinary tract) से जुड़ा है। यूरेथ्रा ट्यूब जो यूरिन को शरीर से बाहर निकालने का काम करती है, वह पुरुषों के यूरेथ्रा की तुलना में महिलाओं में बहुत ही छोटी होती है। यह यूरिनरी ट्रैक्ट के बहुत ही पास होता है। इसी वजह से महिलाओं में यूरेथ्रा के रास्ते बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर, वजाइना और यूरिनरी ट्रैक्ट तक पहुंच जाता है। इस वजह से महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन की समस्या बार-बार होती है।

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