
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Nikita Trehan
प्रेग्नेंसी में सही वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
प्रेग्नेंसी किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास दौर होता है। इस दौरान मां के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनका असर उनके इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। ऐसे समय में किसी भी प्रकार का संक्रमण केवल मां के लिए ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ जरूरी वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं।
आज भी कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है? कौन-सी वैक्सीन कब लगती है? क्या सभी प्रेग्नेंट महिलाओं को एक जैसी वैक्सीन लगवानी चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब जानना जरूरी है ताकि मां और बच्चे दोनों को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं प्रेग्नेंसी के दौरान कौन- कौन सी वैक्सीन जरूरी है और इसे कब लेना चाहिए। इस बारे में ज्यादा जानकारी दे रही हैं दिल्ली के सनराइज अस्पताल की सीनियर गायनाकॉलॉजिस्ट डॉ. निकिता त्रेहन।
डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं- प्रेग्नेंसी के दौरान महिला की इम्यूनिटी सामान्य स्थिति से कुछ अलग तरीके से काम करती है। इसका उद्देश्य गर्भ में पल रहे शिशु को सुरक्षित रखना होता है, लेकिन इसी वजह से कुछ संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि मां किसी गंभीर संक्रमण का शिकार हो जाए तो समय से पहले प्रसव, कम वजन का बच्चा, नवजात में संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं। प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लेने से शरीर पहले से तैयार होने लगता है ताकि किसी वायरस या बैक्टीरिया के संपर्क में आने पर शरीर तेजी से उससे लड़ सके। इतना ही नहीं, मां के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी प्लेसेंटा के जरिए बच्चे तक भी पहुंचती हैं, जिससे जन्म के शुरुआती महीनों तक नवजात को भी सुरक्षा मिलती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) दोनों ही प्रेग्नेंसी में कुछ चुनिंदा वैक्सीन को सुरक्षित और आवश्यक मानते हैं। इसके अलावा American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) की गाइडलाइन भी यही बताती है कि सही समय पर लगाया गया टीका मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन लगवानी चाहिए।
यह प्रेग्नेंसी की सबसे महत्वपूर्ण वैक्सीन में से एक है। डॉक्टर बताती हैं कि टिटनेस, डिप्थीरिया और पर्टुसिस (Tdap) वैक्सीन को आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 27वें से 36वें सप्ताह के बीच इसे लगाया जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर प्रेग्नेंसी में यह वैक्सीन दोबारा लगवानी चाहिए, भले ही पहले गर्भ में लग चुकी हो।
यह वैक्सीन तीन गंभीर बीमारियों से सुरक्षा देती है-
नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद काली खांसी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। क्योंकि शुरुआती महीनों में उसे यह वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती, इसलिए मां के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी ही बच्चे की पहली सुरक्षा बनती हैं।
किसी कारण से अगर प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में महिला का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है तो डॉक्टर उन्हें टिटनेस टॉक्सॉइड (TT) या Td वैक्सीन लेने की सलाह भी दे सकते हैं।
इस वैक्सीन से मां और नवजात दोनों को टिटनेस जैसी जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकता है। जिन महिलाओं का वैक्सीन हो चुका है उन्हें भी यह वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने की सलाह दी जाती है।
फ्लू को अक्सर लोग सामान्य बीमारी समझ लेते हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी में यह गंभीर रूप ले सकता है। अगर फ्लू का सीजन चल रहा हो तो प्रेग्नेंसी के किसी भी ट्राइमेस्टर में इसे लगाया जा सकता है।
डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं कि प्रेग्नेंसी में फ्लू वैक्सीन लेने से निमोनिया का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
प्रेग्नेंसी में फ्लू वैक्सीन लेने से नवजात को शुरुआती छह महीने तक फ्लू से आंशिक तौर पर राहत मिलती है।
इस सवाल का जवाब देते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती हैं कि हर प्रेग्नेंट महिला की स्थिति अलग होती है। ऐसे में कुछ महिलाओं को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के अंतर्गत आने वाली वैक्सीन के अलावा कुछ अतिरिक्त वैक्सीन की भी सलाह दी जाती है। इनमें शामिल हैं-
ये सभी वैक्सीन प्रेग्नेंट महिला की मेडिकल हिस्ट्री, परिवार की मेडिकल हिस्ट्री और बीमारियों की स्थिति को देखते हुए दी जाती है।
कुछ वैक्सीन जीवित (Live Vaccine) होती हैं, जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान लगाने की सलाह नहीं दी जाती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-
डॉक्टर का कहना है कि जो महिलाएं प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही हैं, उन्हें यह वैक्सीन प्लानिंग से 1 महीने पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह पर लेनी चाहिए।
नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान वैक्सीन लेने से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता है। लेकिन कुछ महिलाओं को वैक्सीन लेने के बाद कई प्रकार की परेशानियां होती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
ये लक्षण सामान्य होते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
वैक्सीन लगवाने से मां और शिशु को सुरक्षा मिलती है।
यह सवाल लगभग हर होने वाली मां के मन में आता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है कि प्रेग्नेंसी वैक्सीन गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को नुकसान नहीं पहुंचाती। बल्कि इससे बनने वाली एंटीबॉडी बच्चे को जन्म के बाद शुरुआती महीनों में कई गंभीर संक्रमणों से बचाने में मदद करती हैं। Vaccine Journal में प्रकाशित कई अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के दौरान ली जाने वाली वैक्सीन सुरक्षित होती है। इससे मां और बच्चे पर किसी प्रकार का बुरा असर नहीं होता है।
सीनियर गायनाकॉलिजिस्ट डॉ. निकिता त्रेहन के अनुसार, प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लगवाने से डरने की जरूरत नहीं है। सही समय पर लगाई गई वैक्सीन मां के इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाता है। इन वैक्सीन को लगवाने से जन्म के बाद बच्चे को भी लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।
कई महिलाएं सोचती हैं कि यदि पहली प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लग चुकी है तो अगली बार जरूरत नहीं होगी। ऐसा हमेशा सही नहीं होता। उदाहरण के लिए Tdap वैक्सीन प्रत्येक प्रेग्नेंसी में दोबारा लगाने की सलाह दी जाती है ताकि हर नवजात को पर्याप्त एंटीबॉडी मिल सकें। वहीं अन्य वैक्सीन महिला की पिछली डोज, उम्र और सेहत के आधार पर तय की जाती है।
रिसर्च और सीनियर गायनाकॉलिजिस्ट डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी वैक्सीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर लगाया गया टीका केवल मां की सुरक्षा नहीं करता, बल्कि जन्म के बाद शिशु को भी कई गंभीर संक्रमणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर किसी महिला को पहले से कोई बीमारी है या हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी है, तो उसका वैक्सीनेशन प्लान मेडिकल स्थिति के आधार पर होता है।