
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : February 19, 2020 3:11 PM IST
टीके लेने के मामले में इंटरनेट देता है ग़लत जानकारी।
Vaccines: छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स (health care) होने पर लोग अपने स्तर पर उपचार करने के लिए इंटरनेट (social media) की मदद लेते हैं। लेकिन, कई बार इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करके लोग डॉक्टर से सम्पर्क नहीं करते। यह खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन, फिर भी बहुत से लोग खतरनाक बीमारियों और वायरस से जुड़े वैक्सीन्स (Vaccines) ना लेने जैसी ग़लतियां केवल इसीलिए कर बैठते हैं क्योंकि, उन्हें इंटरनेट पर डॉक्टर से भी ज़्यादा भरोसा होता है। (social media misguiding about Vaccination) एक्सपर्टस के अनुसार ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है जो, इंटरनेट पर लोंगों की सलाह मानकर वैक्सीन्स नहीं लेते।
एक हालिया स्टडी में इस बात का उल्लेख किया गया कि बहुत से लोग इंटरनेट की वजह से टीके लेने से बचते हैं। लेकिन, स्टडी में यह बात भी कही गयी कि इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पूरी तरह से सही और पर्याप्त नहीं है। जिसके चलते उन्हें फायदे की बजाय नुकसान ही होता है।
खासकर, सोशल मीडिया पर वैक्सिन्स (Vaccines) के बारे में जानकारी हासिल करने वालों में सही जानकारी का अभाव ज़्यादा था। जबकि, पारम्परिक मीडिया की मदद लेने वालों को ज़्यादा जानकारी थी।
इस स्टडी में 19 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से यह समय आया कि वैक्सीन या टीके लेने से बेहतर है अपनी इम्यूनिटी (immunity) बढ़ाना। जबकि, 15 फीसदी लोगों को यह जानकारी थी कि टीके या वैक्सीन्स में जहरीले तत्व भरे हुए होते हैं।
इस स्टडी (academic-research) में लगभग 2500 लोगों को शामिल किया गया और जो जानकारियां सामने आयीं। उसे, रिसर्चर्स ने चिंताजनक बताया है। क्योंकि, ज़्यादातर लोगों को वैक्सीन लेने से जुड़ी सही जानकारियां नहीं हैं। जिससे, लोगों की सेहत को नुकसान हो सकता है।
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि, इस स्थिति को बदलने के लिए ऑनलाइन प्रो-वैक्सीन (pro-vaccine) डेटा उपलब्ध कराना मददगार साबित हो सकता है। ऐसे लेख और खासकर डॉक्टर्स द्वारा ऐसी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध करानी चाहिए। जिससे, लोगों को टीके लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
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