Uterus Tuberculosis : गर्भाशय में भी होती है टीबी, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस महिलाओं के गर्भाशय को भी प्रभावित कर सकती है। जानें, क्या है यूटरस ट्यूबरकुलोसिस, इसके लक्षण और बचाव के उपाय...

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Written By: Anshumala | Updated : September 20, 2019 3:54 PM IST

अक्सर लोग यही सोचते हैं कि क्षय रोग यानी टीबी सिर्फ फेफड़े में होने वाली बीमारी है, पर ऐसा नहीं है। टीबी आपके दिमाग में भी हो सकती है और महिलाओं के यूटरस में भी। जी हां, टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस महिलाओं के गर्भाशय या यूटरस (know Uterus tuberculosis) को भी प्रभावित कर सकती है। भारत में प्रत्येक वर्ष लाखों टीबी के नए मामलों का निदान किया जाता है और लगभग इस बीमारी से दो लाख से भी ऊपर लोगों की मृत्यु हो जाती है। टीबी रोग माइको बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है। यदि आप नहीं चाहती हैं कि आपको यूटरस टीबी (Uterus tuberculosis) हो, तो इसके बारे में पहले से ही सारी बातें जरूर जान लें...

गर्भाशय ट्यूबरकुलोसिस को जानें

आजकल फेफड़ों के अलावा महिलाओं के गर्भाशय में होने वाली टीबी के मामले भी काफी बढ़ रहे हैं। गर्भाशय में टीबी (What is uterus TB) होने से महिलाएं बांझपन (Infertility) का शिकार हो सकती हैं। गर्भाशय में टीबी होने के कारण अंडाशय, फेलोपियन ट्यूब, गर्भाशय (यूटरस), गर्भाशय ग्रीवा (uterine cervix) और योनि के आसपास मौजूद लिम्फ नोड्स प्रभावित होने लगते हैं। यह मुख्य रूप से इंफेक्शन के कारण होता है। जब फेफड़ों में इंफेक्शन होता है, तब इस बीमारी का पता लगाना आसान हो जाता है। देर होने पर बैक्टीरिया यूटरस पर अटैक कर सकते हैं, जिससे फेलोपियन ट्यूब को नुकसान पहुंचता है, इसी कारण इंफर्टिलिटी की समस्या सामने आती है।

दिमाग में भी होती है टीबी, जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार

फैलती है यह बीमारी

यदि किसी भी महिला के यूटरस में टीबी है, तो यह दूसरी महिला को भी हो सकता है। यह भी अन्य टीबी की तरह एक संक्रामक रोग (infectious disease) है। यदि इससे पीड़ित महिला खांसे या छींके तो यह रोग दूसरे को भी हो सकता है। जिन महिलाओं की इम्यूनिटी वीक होती है, उनमें यह रोग अधिक होता है। प्रेग्नेंसी के दिनों में यदि आपके यूटरस में टीबी की समस्या हो जाए, तो इससे गर्भपात होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

गर्भाशय टीबी के लक्षण

शुरुआत में इस समस्या को पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। पहली बार गर्भधारण (Symptoms of Uterus tuberculosis) करने में समस्या आ रही हो, तो इसे नजरअंदाज ना करें।

थकान

हल्का बुखार

पेट संबंधी समस्या या दर्द

योनि में स्राव

पीरियड्स की अनियमितता या फिर हेवी ब्लीडिंग

वजन कम होना

गर्भाशय टीबी से बचाव

ऐसा नहीं है कि इसका इलाज संभव नहीं है। सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान और जांच (treatment of Uterus tuberculosis) करा कर आप इसका पूर्ण इलाज करवा सकती हैं। इससे यह शरीर के दूसरे भागों में नहीं फैलेगा। ऐसे में कम उम्र में ही फेफड़ों में होने वाली टीबी के प्रति सावधान रहना जरूरी है। उन लोगों से बचकर रहें, जिन्हें टीबी की समस्या है, क्योंकि यह रोग खांसी और छींकने के जरिए फैलती है। जिन महिलाओं को यूटरस टीबी है, उन्हें अपने पार्टनर के साथ सुरक्षित यौन संबंध स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा, अपने प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का ख्याल रखें। हेल्दी डाइट लें। फल, रही सब्जियों का सेवन करें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। डॉक्टर से चेकअप कराती रहें। टीबी का इंजेक्शन लगवाएं।