पीरियड्स का तेज दर्द, बच्चेदानी में सूजन की वजह से तो नहीं? डॉक्टर बता रही हैं इसके कारण और इलाज
पीरियड्स का तेज दर्द, बच्चेदानी में सूजन की वजह से तो नहीं? डॉक्टर बता रही हैं इसके कारण और इलाज
स्त्री रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चेदानी यानी गर्भाशय महिलाओं के प्रजनन तंत्र का सबसे अहम हिस्सा है। इसमें सूजन तब आती है जब वहां बैक्टीरिया पहुंचकर इंफेक्शन कर देते हैं। आइए स्त्री रोग विशेषज्ञ से जानते हैं इसके कारण और इलाज
Written By:
Ashu Kumar Das
| Published : July 21, 2026 1:20 PM IST
क्या आपको भी अक्सर पेट के निचले हिस्से में दर्द रहता है, पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग और तेज मरोड़ होती है और पति के साथ संबंध बनाने में दर्द और कठिनाई महसूस होती है- अगर हां। तो यह सारी परेशानियां बच्चेदानी की सूजन के कारण हो सकती है। बच्चेदानी में सूजन, जिसे मेडिकल भाषा में एंडोमेट्राइटिस या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज कहा जाता है। बच्चेदानी की सूजन एक ऐसी समस्या है, जिसका इलाज समय पर न किया जाए तो इससे महिलाओं के जीवन में कई प्रकार की परेशानियां आ सकती है। दिल्ली के सनराइज हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं, "बच्चेदानी में सूजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर इलाज न मिले तो ये आगे चलकर इनफर्टिलिटी और क्रॉनिक पेल्विक पेन का कारण बन सकती है।
बच्चेदानी में सूजन होती क्यों है?
स्त्री रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चेदानी यानी गर्भाशय महिलाओं के प्रजनन तंत्र का सबसे अहम हिस्सा है। इसमें सूजन तब आती है जब वहां बैक्टीरिया पहुंचकर इंफेक्शन कर देते हैं। किसी भी महिला के बच्चेदानी में सूजन होने के पीछे कई कारण होते हैं, इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
महिला के योनि या सर्विक्स में हुआ इंफेक्शन अगर इलाज न हो तो ऊपर चढ़कर बच्चेदानी, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय तक पहुंच जाता है। इसे Pelvic Inflammatory Disease कहते हैं। डॉक्टर निकिता त्रेहन कहती हैं कि गोनोरिया और क्लैमाइडिया जैसे STD इसके बड़े कारण हैं।
नॉर्मल डिलीवरी, C-सेक्शन या अबॉर्शन के बाद अगर सफाई ठीक से न हो या हाइजीन का ध्यान न रखा जाए तो, बैक्टीरिया बच्चेदानी में चले जाते हैं। मेडिकल भा इसे पोस्टपार्टम एंडोमेट्राइटिस कहते हैं।
पहली प्रेग्नेंसी के बाद कई डॉक्टर महिलाओं को कॉपर टी लगवाने की सलाह देते हैं। कॉपर टी लगवाने के पहले कुछ हफ्तों में अगर स्टेराइल प्रोसेस फॉलो न हो तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
पीरियड्स के दौरान बार-बार पैड न बदलना, गंदे कपड़े का इस्तेमाल या असुरक्षित यौन संबंध से बैक्टीरिया आसानी से शरीर के अंदर चले जाते हैं। इसके कारण भी महिलाओं को बच्चेदानी में सूजन हो सकती है।
बच्चेदानी में सूजन असहनीय दर्द का कारण बनती है।
बच्चेदानी में सूजन के लक्षण क्या हैं?
बच्चेदानी में सूजन के लक्षण हर महिला में अलग- अलग नजर आते हैं। किसी महिला को डिलीवरी के बाद बच्चेदानी में सूजन हुई है तो उसके लक्षण अलग होंगे। बच्चेदानी में सूजन के सामान्य लक्षणों में शामिल हैः
डॉ. निकिता त्रेहन का कहना है कि अगर ये लक्षण 3 दिन से ज्यादा रहें तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
बच्चेदानी में सूजन का इलाज क्या है?
अगर किसी महिला को बच्चेदानी में सूजन की परेशानी होती है तो पहले डॉक्टर उससे बीमारी के बारे में बात करेंगे कि उन्हें कौन- कौन से लक्षण नजर आ रहे है। फिर पेल्विक एग्जाम, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट और डिस्चार्ज की कल्चर टेस्ट के जरिए इंफेक्शन की जगह और इंफेक्शन कितना गंभीर है इसका पता चल जाएगा। इस प्रोसेस को फॉलो करने के बाद ही डॉक्टर किसी प्रकार का इलाज करते हैं। समय पर पकड़ में आने पर बच्चेदानी की सूजन पूरी तरह ठीक हो जाती है। बच्चेदानी के इलाज में मुख्य रूप से शामिल हैः
बच्चेदानी में हल्की सूजन है तो 14 दिन का एंटीबायोटिक कोर्स दिया जाता है। साथ में दर्द और बुखार के लिए दवा दी जाती है। डॉ. निकिता त्रेहन जोर देकर कहती हैं, "एंटीबायोटिक का कोर्स बीच में मत छोड़िए। भले ही 3 दिन में आराम लग जाए।"
बच्चेदानी की सूजन के कारण अगर बुखार बहुत तेज है, उल्टी हो रही है या इंफेक्शन ज्यादा फैल गया है तो इंजेक्शन वाले एंटीबायोटिक के लिए अस्पताल में 24-48 घंटे भर्ती होना पड़ सकता है।
अगर पस बन गई है या ट्यूब में फोड़ा हो गया है तो छोटी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जरूरत पड़ती है। ये 5% से भी कम केस में होता है।
बच्चेदानी में सूजन से बचाव के लिए क्या करें?
हाइजीन सबसे पहले - पीरियड्स में हर 4-6 घंटे में पैड बदलें। कॉटन के अंडरगारमेंट पहनें।
सुरक्षित संबंध - असुरक्षित संबंध और मल्टीपल पार्टनर से बचें। कंडोम का इस्तेमाल करें।
डिलीवरी के बाद ध्यान - घर पर पूरी सफाई रखें। डॉक्टर के बताए अनुसार दवाएं लें।
इंफेक्शन को इग्नोर न करें - योनि में खुजली, बदबू या डिस्चार्ज दिखे तो तुरंत जांच कराएं।
रूटीन चेकअप - शादीशुदा महिलाओं को साल में एक बार गायनी चेकअप कराना चाहिए।
बच्चेदानी में सूजन कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। ये एक चेतावनी है कि आपके शरीर को मदद चाहिए। शर्म या घबराहट की वजह से इसे छुपाना सबसे बड़ी गलती है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी महिला के बच्चेदानी में सूजन की समस्या है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें।
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