
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 24, 2023 2:58 PM IST
Side effects of excessive use of mobile: आजकल की जनरेशन चाहे कितनी भी परफेक्ट हो उनसे लोगों के एक शिकायत तो जरूर रहती है और वह है पूरा दिन फोन में लगे रहना। आजकल का युवा फोन को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने लगा है, गली में कहीं पैदल जा रहा है या फिर बस या मेट्रो में यात्रा कर रहा है हर समय फोन की स्क्रीन की तरफ देखने की आदत पड़ गई है। दरअसल, यह हमारी आदत सी बन गई है, जिससे कारण हमारा लाइफस्टाइल लगातार खराब होता जा रहा है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि लगातार फोन यूज करना कहीं कोई बीमारी तो नहीं? पूरा दिन फोन में लगे रहना कोई मानसिक बीमारी भी हो सकती है और इसके लक्षणों को इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन कैसे पता लगाया जाए कि दिनभर फोन चलाना कोई आदत है या फिर किसी मानसिक बीमारी का लक्षण। यदि आपको भी फोन चलाने की आदत है, तो आपको भी इस लेख में दिए गए लक्षणों की पहचान करके देख लेनी चाहिए।
फोन को यूज करना भले ही ज्यादातर लोगों की आदत सी बन गई है, लेकिन बहुत ज्यादा फोन यूज करना मानसिक बीमारी का संकेत है। इन मानसिक बीमारियों में डिप्रेशन का नाम भी शामिल है। क्या आपको पता है कि बहुत ज्यादा फोन यूज करना डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारी का संकेत हो सकता है। लेकिन कैसे पता लगाया जाए कि आप जो बहुत ज्यादा फोन यूज करते हैं वह कोई डिप्रेशन जैसी बीमारी है या सिर्फ आपको बहुत ज्यादा फोन यूज करने की आदत पड़ गई है। यदि आपको फोन को ज्यादा यूज करने के साथ-साथ निम्न लक्षण हो रहे हैं, तो यह डिप्रेशन की ओर इशारा करता है।
डिप्रेशन के दौरान किसी से बात करने का मन न होने के कारण या किसी भी जगह पर मन न लगने के कारण व्यक्ति फोन का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करने लग जाता है। ऐसे में ज्यादा फोन इस्तेमाल करना भी डिप्रेशन का एक संकेत हो सकता है। वहीं बहुत ज्यादा फोन यूज करना भी आपको अकेलापन व अलगाव महसूस करा सकता है और इस कारण से डिप्रेशन हो जाता है।
कई बार डिप्रेशन के कारण मरीज को नींद आना बंद हो जाती है, जिस कारण से बेचैनी रहने लगती है। ज्यादा बेचैनी होने के कारण व्यक्ति रात के समय फोन चलाने लग जाता है, ताकि बेचैनी से थोड़ा बहुत बचा जाए। इसलिए रात के समय ज्यादा फोन यूज करना या नींद न आना डिप्रेशन का ही संकेत है।
डिप्रेशन के मरीजों में बार-बार मूड में बदलाव होने लगते हैं और इस कारण से व्यक्ति बार-बार फोन उठाकर उसे चेक करने लगता है। कुछ देर चलाकर फिर से रख देना और फिर थोड़ी देर बाद फिर से रख देना। ऐसे लक्षण गंभीर बेचैनी का संकेत देते हैं, जो आमतौर पर डिप्रेशन के कारण हो सकती है।
बहुत ज्यादा फोन में व्यस्त रहने के कारण चिड़चिड़ापन भी रहने लगता है। जब आप ऐसे व्यक्ति को फोन रखने या फिर कुछ और करने की सलाह देते हैं, तो चिड़ जाते हैं। यह डिप्रेशन का संकेत है व जिससे निपटने के लिए फोन चला रहा होता है और इस दौरान व्यक्ति को किसी से भी बात करना अच्छा नहीं लगता है।
हालांकि, यदि आपको या आपके परिवार में किसी व्यक्ति को फोन चलाने की आदत पड़ गई है और उसमें उपरोक्त बताए गए ये लक्षण भी दिख रहे हैं, तो उसे बात कर लेनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि स्थिति गंभीर है, तो उसे किसी अच्छे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए।