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Written By: Editorial Team | Published : October 25, 2017 6:04 PM IST
शतावरी एक अद्भुत जड़ी-बूटी है। इसमें कई औषधीय और चिकित्सीय गुण हैं। प्राचीन काल से आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई रोगों के इलाज में किया जाता रहा है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डिलीवरी के बाद इस जड़ी-बूटी से बहुत फायदा होता है क्योंकि यह ब्रेस्ट मिल्क बनाने में मदद करती है। लेकिन इस औषधीय जड़ी-बूटी के फायदे यहीं खत्म नहीं होते हैं। इसका आंतों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का इलाज करने के लिए भी व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है।
एशियन पैसिफिक जर्नल ऑफ टॉपिकल डिजीज में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, शतावरी में जठरांत्र (gastrointestinal) संबंधी प्रभाव पैदा करने की क्षमता होती है। इसके सूखे पाउडर का अपच के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। अपच के दौरान पेट में जलन, पेट फूलना, एसिडिटी और मतली आदि की समस्या होती है। इसके पाउडर में लैक्सटिव गुण होते हैं जिसे खाने से आंत्र को साफ करने में मदद मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार इसका इस्तेमाल पेट और आंत के अल्सर के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसकी ताजा जड़ों का रस पीने से आंत के अल्सर से पीड़ित व्यक्ति को आराम मिलता है। जानवरों पर किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि इसका पेट की मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल
इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें। अगर आप अन्य दवाएं ले रहे हैं या आप डायबिटीज या हाइपरटेंशन आदि रोग से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। यह अन्य दवाओं के रियेक्ट कर सकती है जिससे जटिलताएं हो सकती हैं। शतावरी के ओवर-द-काउंटर पैक ना खरीदें। इसके बजाय रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास जाएं और वहां से उचित सलाह लें। वास्तव में मार्किट में कई ब्रांड हैं जिस वजह से इसमें मिलावट हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से सलाह के बाद ही इसे खरीदें। याद रखें, मिलावटी जड़ी बूटियों का सेवन करने से आपको नुकसान हो सकता है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
सन्दर्भ- Alok, S., Jain, S. K., Verma, A., Kumar, M., Mahor, A., & Sabharwal, M. (2013). Plant profile, phytochemistry and pharmacology of Asparagus racemosus (Shatavari): A review. Asian Pacific journal of tropical disease, 3(3), 242-251.