
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : September 12, 2023 2:09 PM IST
Urine related symptoms in heart problems: हार्ट के मरीजों को अपने स्वास्थ्य के लिए हर कदम बहुत ही सावधानी से रखना पड़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हार्ट से जुड़ी किसी भी बीमारी से जुड़े लक्षण को इग्नोर करना बाद में ज्यादा परेशानी का कारण बन सकता है। हार्ट फेलियर होना हृदय से जुड़ी प्रमुख बीमारियों में से एक है, जो एक जानलेवा स्थिति है और इसलिए इसकी समय रहते जांच करना बहुत ज्यादा जरूरी है। हार्ट फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियों से निपटने के लिए इनसे शुरुआती लक्षणों की अच्छे से पहचान होना बहुत ज्यादा जरूरी है, क्योंकि इनके शुरुआती लक्षणों को इग्नोर करना ही जानलेवा स्थिति पैदा करता है। हार्ट फेलियर के लक्षण सिर्फ सीने में दर्द या सांस से जुड़े लक्षण नहीं बल्कि शरीर कई अन्य तरीकों से भी इसका संकेत दे सकता है। पेशाब करते समय महसूस होने वाले कुछ अजीब बदलाव भी हार्ट फेलियर का शुरुआती स्टेज का एक लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें नहीं करना चाहिए।
हार्ट के मरीजों के लिए यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि जरूरत से ज्यादा बार पेशाब आना हार्ट से जुड़ी बीमारियों का भी संकेत हो सकता है। खासतौर पर यदि आप सामान्य रूप से पानी पीते हैं और आपको दिन में 8 बार से भी ज्यादा बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है, तो यह आपके हार्ट से जुड़ी किसी बीमारी जैसे हार्ट फेलियर का एक संकेत हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि सिर्फ डॉक्टर जांच करने के बाद ही की जा सकती है।
ऐसी समस्याएं आमतौर पर वृद्ध व्यक्तियों और बच्चों में ही देखी जाती है, क्योंकि उनके शरीर की मांसपेशियां व नर्वस सिस्टम कमजोर होने के कारण वे इन्हें कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। लेकिन यह हार्ट से जुड़ा एक लक्षण भी हो सकता है और किसी भी उम्र के हार्ट के मरीज में यह देखा जा सकता है। खासतौर पर जिन्हें पहले से ही हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस यानी पेशाब की तीव्र इच्छा अचानक से होना आपके यूरीनरी ट्रैक्ट से जुड़ी कई अन्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। वहीं यदि आपकी मूत्र प्रणाली के सभी अंग सही है, तो इस लक्षणों को भी गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह हार्ट से जुड़ी कुछ बीमारियों का संकेत देता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है, तो ये लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कई बार जब पेशाब करने की इच्छा होती है, तो हम टॉयलेट की तरफ जाते हैं और वहां तक पहुंचने से पहले ही कई बार रिसाव हो जाता है। ऐसा आमतौर पर हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। हार्ट के मरीजों में यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस काफी बढ़ जाता है और साथ ही इस दौरान शरीर की मांसपेशियां भी कई बार ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।
बहुत ही कम लोग जानते हैं कि पेशाब में खून आना भी हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों से संबंधित हो सकता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि जब हार्ट ठीक से ब्लड पंप नहीं कर पाता है, तो इसके कारण थोड़ा बहुत खून कई बार वेस्ट के रूप में जाने लगता है और पेशाब में खून देखा जा सकता है। हालांकि, पेशाब में खून आना प्रमुख रूप से किडनी या मूत्र प्रणाली की किसी अन्य बीमारी का संकेत देता है और डॉक्टर से इसकी पुष्टि जरूर करा लेना चाहिए, ताकि किसी गंभीर समस्या को विकसित होने से पहले ही कंट्रोल किया जा सके।