
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : December 12, 2024 7:31 AM IST
Kidney stone ke lakshan: किडनी स्टोन, जिसे गुर्दे की पथरी कहा जाता है, कठोर खनिजों और नमक के कणों का संग्रह है, जो गुर्दे में जमा होकर ठोस रूप ले लेता है। यह समस्या तब होती है जब मूत्र में खनिज और नमक की मात्रा अधिक हो जाती है और वे घुल नहीं पाते। स्टोन का आकार छोटा या बड़ा हो सकता है और यह मूत्र प्रणाली में रुकावट पैदा कर सकता है। इसके मुख्य कारणों में पानी की कमी, असंतुलित आहार और आनुवंशिक प्रवृत्ति शामिल हैं। समय पर इलाज और सही जीवन शैली से इसे रोका जा सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना महत्वपूर्ण है, ताकि समय पर इलाज किया जा सके। पेशाब में होने वाले कुछ बदलाव किडनी स्टोन के संकेत हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में,
वैसे तो पेशाब में बदबू आती ही है लेकिन अगर पेशाब में अचानक तेज और अप्राकृतिक बदबू आने लगे, तो यह किडनी स्टोन का संकेत हो सकता है। स्टोन के कारण पेशाब में संक्रमण (यूटीआई) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बदबू उत्पन्न होती है। इस संकट को आप आसानी से पहचान सकते हैं।
आमतौर पर पेशाब का रंग हल्का पीला होता है, लेकिन किडनी स्टोन के कारण इसका रंग गहरा पीला, भूरा या लाल हो सकता है। स्टोन के चलते पेशाब में खून आ सकता है, जिससे इसका रंग बदल जाता है। इस बदले हुए रंग की आप पहचान करें और कोई भी गंभीर समस्या देखते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
अगर पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस हो, तो यह भी किडनी स्टोन का एक आम लक्षण है। यह जलन स्टोन के मूत्रमार्ग में फंसने या पेशाब में संक्रमण के कारण हो सकती है। इसलिए आप तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें ताकि समस्या को समय से पहचाना जा सके।
किडनी स्टोन के कारण मूत्राशय पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। यह संकेत दर्शाता है कि स्टोन मूत्र प्रणाली को प्रभावित कर रहा है। हालांकि इसे पहचान पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन बार-बार पेशाब आने की समस्या होने पर आप डॉक्टर से बातचीत कर सकते हैं।
किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और कैल्शियम और ऑक्सलेट युक्त भोजन का संतुलित सेवन करें। यदि उपरोक्त लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।