
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sudip Raina
हाइजीन की कमी के कारण भी पुरुषों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
अरे छोड़ो, थोड़ी देर और रुक जाता हूं...पानी कम पीता हूं ताकि बार-बार बाथरूम न जाना पड़े। ये लाइनें हममें से कई पुरुषों की रोज की आदत हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, पेशाब से जुड़ी यही छोटी-छोटी लापरवाहियां आगे चलकर ब्लैडर कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं? यूरोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट अब खुलकर कह रहे हैं कि पुरुषों में कैंसर के बढ़ते केस के पीछे हमारी लाइफस्टाइल और बाथरूम की आदतों का बड़ा हाथ है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं पुरुषों में पेशाब से जुड़ी वो कौन सी आदतें हैं, जो कैंसर के जोखिम को कई गुणा ज्यादा बढ़ा रही हैं।
नई दिल्ली के द्वारका स्थित मैक्योर हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुदीप रैना बताते हैं कि ऑफिस की मीटिंग, ट्रैफिक या आलस की वजह से हम अक्सर पेशाब रोक लेते हैं। जब आप पेशाब रोकते हैं तो ब्लैडर में यूरिन ज्यादा देर तक जमा रहता है। यूरिन में मौजूद हानिकारक केमिकल्स और कार्सिनोजेन्स ब्लैडर की दीवार के संपर्क में लंबे समय तक रहते हैं। समय के साथ ये कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा कर ब्लैडर कैंसर का रिस्क बढ़ाते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी स्थिति में पेशाब आने पर इसे 30 मिनट से ज्यादा बिल्कुल भी नहीं रोकना चाहिए।
सिगरेट में मौजूद 70 से ज्यादा केमिकल्स खून में जाते हैं और किडनी द्वारा फिल्टर होकर यूरिन में आते हैं। जब आप पेशाब रोकते हैं तो ये टॉक्सिक केमिकल्स ब्लैडर में ज्यादा देर तक रहते हैं। एक रिसर्चबताती है कि धूम्रपान करने वाले पुरुषों में ब्लैडर कैंसर का खतरा 3 गुना ज्यादा होता है। और अगर साथ में पेशाब भी रोकते हैं तो कैंसर का रिस्क और भी ज्यादा हो जाता है।
50 की उम्र के बाद प्रोस्टेट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
डॉक्टर बताते हैं कि 50 की उम्र के बाद हर तीसरे पुरुष को प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या होती है। लेकिन ज्यादातर इसे बुढ़ापे का हिस्सा मानकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन पुरुषों को 50 साल की उम्र के बाद रात में बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में जोर लगाना, धार कमजोर होना, बीच में रुक-रुक कर आने की परेशानी हो रही है तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट यूरिन फ्लो रोकता है। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, किडनी डैमेज और समय रहते जांच न होने पर प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ता है।
पार्टी में शराब पीने के बाद कई पुरुष देर रात तक पेशाब रोकते हैं। पुरुषों में यह तीनों ही फैक्टर्स कैंसर का खतरा कई गुणा ज्यादा कर सकते हैं। डॉ. रैना कहते हैं कि शराब ब्लैडर की लाइनिंग को इरिटेट करती है। ऊपर से नींद की वजह से आप पेशाब रोकते हैं। यह कॉम्बिनेशन ब्लैडर की कोशिकाओं को डैमेज करता है। साथ ही रात में बार-बार उठकर पेशाब जाना प्रोस्टेट इश्यू का भी संकेत हो सकता है।
पुरुषों को भी यूटीआई की परेशानी होती है।
पुरुषों को लगता है UTI सिर्फ महिलाओं को होता है। यही कारण है कि ज्यादातर पुरुष अपने प्रोस्टेट की सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। आपको यह बात समझनी होगी कि यूटीआई पुरुषों को भी होता है। पुरुषों को बार-बार UTI होने से ब्लैडर में क्रॉनिक सूजन रहती है। लंबे समय तक रहने वाली सूजन कोशिकाओं में बदलाव लाकर कैंसर में बदल सकती है। खासकर कैथेटर लगाने वाले मरीजों में ये रिस्क ज्यादा होता है। विभिन्न प्रकार के कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने के लिए पुरुषों का प्रोस्टेट की सफाई पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
डॉक्टर कहते हैं कि आज के समय में जिस तरह की लाइफस्टाइल हम जी रहे हैं उस स्थिति में किसी भी व्यक्ति का कैंसर से पूरी तरह से बचना मुश्किल है, लेकिन रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में कुछ चीजों को अपनाकर इसका खतरा जरूर कम किया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। आपको अपने शरीर में कोई भी असामान्य लक्षण नजर आता है या पेशाब से जुड़ी कोई समस्या दिखती है, तो इस बारे में यूरोलॉजिस्ट या ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह लें।