शहरी जीवनशैली बढ़ा रही युवाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या, हर दिन बढ़ रही IVF कराने वालों की संख्या

खाने पीने में लापरवाही और देर रात तक जागने वालों के कारण IVF का मार्केट बढ़ रहा है, खासकर शहरी जीवनशैली युवाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या को बढ़ा रही है!

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Written By: Atul Modi | Published : May 1, 2024 6:31 PM IST

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आजकल लोगों का वर्कलोड इतना बढ़ गया है कि उसे बैलेंस करने के लिए वो वीकेंड का इंतजार करते रहते हैं। जैसे ही फ्राइडे नाईट हमारे दरवाजे पर दस्तक देता है हर बड़े शहर के क्लब्स में लोगों की भीड़ लग जाती है। सभी लोग अपना स्ट्रेस कम करने के लिए और काम से छुटकारा पाने की खुशी में नाईट लाइफ एन्जॉय करने निकल जाते हैं, जहां वो अनलिमिटेड स्मोकिंग और ड्रिंकिंग में ऐसे संलिप्त हो जाते हैं कि उससे होने वाले नुकसान के बारे में सोचते भी नहीं हैं। आज की इस सामाजिक दुर्दशा को देखते हुए आशा आयुर्वेदा की इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा कहती हैं कि ''आप यह सुनकर चौंक जायेंगे कि किस तरह यह कूल दिखने वाली आदतें आपको भविष्य में बहुत बुरे दिन भी दिखा सकती हैं। जिन लोगों की अभी शादी नहीं हुई है या बच्चे नहीं हुए हैं उन्हें तो एकदम सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि उनकी यह लापरवाही, माता पिता बनने के उनके हसीन सपने चकनाचूर हो सकते हैं।''

इनफर्टिलिटी की वजह क्या है?

डॉक्टर चंचल शर्मा कहती हैं कि, जो लोग सिर्फ वीकेंड्स पर नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं वो फिर भी शायद कुछ हद तक खतरे से बचे हों लेकिन जो लोग रेगुलर बेसिस पर अन्हेल्‍दी खाना खाते हैं और स्मोकिंग करते हैं उनके लिए यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खाने पीने के साथ सोने के समय से भी आपकी फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आजकल देर रात तक जगकर काम करना या फोन चलाना इतनी सामान्य सी बात हो गयी है कि एक ही घर में बैठे चार लोग आपस में बात न करके फोन में लगे रहते हैं और स्क्रॉल करते-करते एक दो बजे तक सोते हैं। जो बहुत ही खतरनाक है।

भविष्य में और बढ़ेंगी इनफर्टिलिटी की समस्या?

एक हेल्दी जीवनशैली किस हद तक आपको भविष्य में होने वाले खतरे से बचा सकती है इस बात का अंदाजा आप फर्टिलिटी सर्विस मार्केट की रिपोर्ट से लगा सकते हैं, जिसमे बताया गया है कि 2031 में फर्टिलिटी का मार्केट कुछ इस तरह बढ़ेगा कि 90.79 बिलियन लोग इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे होंगे जो 2021 की तुलना में चार गुना ज्यादा है।

इनफर्टिलिटी की समस्या से कैसे निपटें?

डॉक्टर चंचल शर्मा कहती हैं कि, लोगों को यह बात समझनी होगी कि इनफर्टिलिटी के बढ़ते मार्केट को बूस्ट करने की जिम्मेदारी आपकी नहीं है बल्कि आपको उस भीड़ से बचने की कोशिश करनी है। क्योंकि आज जो आदतें आपको अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं कल उन्ही की वजह से अलग-अलग डॉक्टर्स के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं और उनके परामर्श पर थेरेपी, दवाई, सर्जरी आदि का सहारा लेना हो सकता है। वक़्त रहते अपनी आदतों में सुधार लाएं और अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें, नशीली पेय पदार्थों और धूम्रपान से परहेज करें। रात को समय पर सोने की कोशिश करें और नियमित रूप से योग, व्यायाम आदि करें।

माता-पिता बनने की सही उम्र क्या है?

डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, फर्टिलिटी के लिए सबसे सही उम्र 20-35 वर्ष की आयु है लेकिन आजकल करियर को लेकर युवक युवतिओं के अंदर जागरूकता बढ़ गयी है जिसकी वजह से कई बार शादी में देर हो जाती है और फिर बच्चे होने में भी। 35 की उम्र के बाद धीरे-धीरे फर्टिलिटी कम होने लगती है और जोखिम बढ़ने लगते हैं ऐसे में स्पर्म और एग मिलने के बाद भी नैचुरली फर्टिलाइज नहीं हो पाते हैं इसलिए आपको अपनी जीवन शैली में बदलाव लाना होगा ताकि आप भविष्य की इन समस्यों से सफलतापूर्वक अपना बचाव कर सकें।

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