Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
पुरुषों में होने वाले इंफर्टिलिटी के आम कारण होते है जैसे की सेक्चुअल डिजायर बदलाव होना, टेस्टीकल में सूजन या इरेक्शन करने में समस्या होना। मगर कुछ ऐसे लक्षण होते है जो पुरुषों के इंफर्टिलिटी का कारण होते है, हर पुरुष को इन कारणों के बारें में जान लेना जरूरी है। क्या आप जानते है सांस लेने में तकलीफ होना ये पुरुषों में इंफर्टिलिटी कारण हो सकता है? डॉ. लक्ष्मी वालावलकर कोकोन फर्टिलिटी इंडिया की कन्सलटंट रिप्रोडक्टीव मेडिसिन और सर्जरी, इन्होंने बताया हैं की क्या है इंफर्टिलिटी के लक्षण:
बहुत छोटे टेस्टीकल्स होना: ये पहला लक्षण है इसमे टेस्टीकल्स छोटे होने के कारण मेल हार्मोन टेस्टास्टरोन या स्पर्म नहीं बनता है, इसे क्लिनफेल्टर्स सिंड्रोम कहते है। ये लक्षण 600 में 1 व्यक्ति को हो सकती है। ये जेनेटिक परिस्थिती के कारण होता है जहां एक अतिरिक्त एक्स क्रोमोजोम होता है। इनमें और लक्षण होते है जैसे चेहरे पर दाढ़ी सही तरीके से नहीं आती है, ब्रेस्ट एरिया में फैट बढ़ता है, कमजोर हड्डियां और शरीर सही शेप में या सही आकार में नहीं होता है।
गंध लेने की क्षमता नहीं होना: ये जेनेटीक बीमारी है, इसे कॉलमैन सिंड्रोम कहते है। प्यूबर्टी के समय ये पुरुष और महिला दोनों को हो सकता है। ये बहुत कम लोगों में होता हैं जब प्यूबर्टी पूरी तरह शुरुआत या खत्म नहीं होती है। ब्रेन और टेस्टीस दोनों से स्राव होने वाले हार्मोन्स कम होते है। कॉलमैन सिंड्रोम और लक्षण ये है की लीबिडो कम होता है, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, मसल्स में मजबूती कम होना और ड्राइव कम होना।
बार-बार सांस लेने में परेशानी होना: इसका मतलब ये नहीं है की सांस लेने में परेशानी होनेवाले हर कोई पुरुष को इंफर्टिलिटी की समस्या होती है, मगर ये शुरुआती लक्षण हो सकता है। बार-बार सांस लेने में परेशानी और इंफर्टिलिटी की समस्या होना इसे कार्टेजेनर्स सिंड्रोम कहते है। इसको दूसरा नाम भी है प्राइमरी सिलिअरि डिकिंनेशिया। ये बीमारी 30000 लोगों मे किसी 1 को हो सकती है। इसमे स्पर्म टेल काम नही करता है, इस वजह स्पर्म आगे बढ नही सकता, तैर नही सकता और एग्ज फर्टिलाइज नहीं कर सकता। इसमे एक अलग लक्षण है, की आपके शरीर के महत्वपूर्ण ऑरगन या शरीर के अंग जहां होने चाहिये उसके बिल्कुल विरुद्ध दिशा में बन जाते है जैसे लीवर दाएं की बजाए बाएं तरफ होता और हार्ट बाएं के बजाए दाएं तरफ होता है।
Read this in English
अनुवादक Sushantdeep Sagvekar
चित्र स्रोत: Shutterstock