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Written By: Anshumala | Updated : September 6, 2020 6:43 PM IST
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन की मां का कार्डियक अरेस्ट से निधन, दिवंगत मां की आंखें एम्स में की दान।
Tips to donate eyes in Hindi: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Union Minister Harsh Vardhans) की मां का रविवार को निधन हो गया। हर्षवर्धन अपनी मां के निधन के बाद उनकी आंखें (Eye Donation) एम्स में दान कर दीं। हर्षवर्धन ने ट्विटर के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, "पूजनीया माता जी की इच्छानुसार, उनके निधन के तुरंत बाद उनका नेत्रदान (Tips to donate eyes) एम्स (दिल्ली) में संपन्न हुआ।"
Heartbroken to inform that my dearest person on earth, my Mother, has left for heavenly abode.
She was 89 & suffered a cardiac arrest today morning. A towering personality, my guide & philosopher, she has left a void in my life that none can fill. May her pious soul find peace. pic.twitter.com/wCAm0P74OC — Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) September 6, 2020
उन्होंने आगे कहा, "आज दोपहर तीन बजे, मैं उनके पार्थिव देह को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंपूंगा। उनका देहदान हम सभी को सदैव समाज के लिए जीने की प्रेरणा देता रहेगा।" मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी 89 वर्षीय मां का निधन रविवार को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) से हो गया। मंत्री ने एक निजी नोट भी शेयर किया था, जहां उन्होंने अपनी मां को एक उच्च व्यक्तित्व वाली शख्सियत करार दिया, जो उनकी मार्गदर्शक थीं। उन्होंने कहा कि मां का निधन उनके जीवन में एक खालीपन छोड़ गया, जिसे कोई नहीं भर सकता।
पूजनीय माता जी की इच्छानुसार, उनके निधन के तुरंत बाद, उनका नेत्रदान AIIMS, दिल्ली में संपन्न हुआ।
आज दोपहर तीन बजे, मैं उनके पार्थिव देह को मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंपूंगा। उनका देहदान हम सभी को सदैव समाज के लिए जीने की प्रेरणा देता रहेगा। ॐ शांति !! — Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) September 6, 2020
डॉ. हर्षवर्धन की मां का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ है। अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक समझ लेते हैं, जबकि दोनों में काफी अंतर होता है। हार्ट अटैक में खून का बहाव दिल के कुछ हिस्से में रुक जाता है, जिससे हार्ट अटैक होता है। कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब दिल सही तरीके से काम करना बंद कर देते है और अचानक रुक जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति की कई बार घटना स्थल पर ही मौत हो जाती है। यदि पीड़ित को तुरंत सीपीआर (CPR In Cardiac Arrest) दे दिया जाए, तो काफी हद तक मरीज की जान बचाई जा सकती है। डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल, एक्सरसाइज की कमी, स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर जैसे कुछ कारण हैं, जो कार्डियक अरेस्ट के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
हृदय का तेजी से धड़कना
थकान महसूस करना
सांस लेने में समस्या
दिल और सीने के आसपास दर्द होना
चक्कर आना
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