
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 6, 2026 2:19 PM IST
Image Credit: this image generated by chatgpt
डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर शरीर में बनने वाले इंसुलिन का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर पाता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो शरीर में ग्लूकोज को कंट्रोल करने का काम करता है। लेकिन ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है तो ब्लड शुगर भी बढ़ता है, जो धीरे- धीरे डायबिटीज जैसी लाइलाज बीमारी में बदल जाती है। हमारे देश में गलत खानपान, कम एक्सरसाइज और सफेद चीनी खाने के कारण बढ़ते डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने टिप्स शेयर किए हैं। आयुष मंत्रालय का कहना है कि डायबिटीज केवल शरीर में ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह हार्ट, किडनी, आंखों और नसों पर भी गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए समय रहते डायबिटीज को मैनेज करना बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर मंत्रालय ने डायबिटीज को मैनेज करने के लिए कुछ औषधीय पौधों, संतुलित आहार और योगासनों की जानकारी दी है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य डायबिटीज से जूझ रहा है तो इन 3 चीजों को अपनाकर इसे मैनेज किया जा सकता है।
Image Credit: Ministry of Ayush
डायबिटीज को मैनेज करने के लिए आयुष मंत्रालय ने सबसे पहले कुछ औषधीय पौधों की जानकारी दी है। रोजमर्रा इन पौधों का विभिन्न तरीकों से सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।
मधुनाशिनी को आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है। इसका नाम ही बताता है कि यह मधु यानी शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। मधुनाशिनी को खाने से मीठा खाने की इच्छा कम हो जाती है। इससे ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
जामुन को आयुर्वेदिक भाषा में जम्बू कहा जाता है। डायबिटीज को मैनेज करने में जामुन के बीज, पत्तियां और फल भी बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। जामुन में मौजूद तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और शरीर में ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
मामेजवा एक औषधीय जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से दवा के तौर पर किया जाता है। मामेजवा को खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर बनता है। इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि मामेदवो में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
डायबिटीज में खानपान का अहम रोल है।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि डायबिटीज को मैनेज करने के लिए खानपान को संतुलित करना बहुत जरूरी है। ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे इसके लिए आप नीचे बताई गई चीजों को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
करेला डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। स्वाद में कड़वा करेले में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। डायबिटीज को मैनेज करने के लिए करेला जूस, सब्जी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
जौ फाइबर से भरपूर होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है। जौ के पोषक तत्व शरीर में धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। डायबिटीज मरीज जौ की रोटी, दलिया या सूप को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
हरा मूंग प्रोटीन और फाइबर का अच्छा सोर्स है। नाश्ते में हरी मूंग का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है और ब्लड शुगर स्पाइक अचानक से नहीं होता है। डायबिटीज के मरीज हरी मूंग के स्प्राउट्स, दलिया और खिचड़ी बनाकर खा सकते हैं।
योगाभ्यास करने से डायबिटीज मैनेज करने में मदद मिलती है।
आयुष मंत्रालय का मानना है कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव कम करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में भी मदद करता है। तनाव डायबिटीज को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है, इसलिए योग करने से डायबिटीज को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
शीर्षासन को हेडस्टैंड पोज भी कहा जाता है। शीर्षासन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों को सुबह 15 मिनट शीर्षासन करना चाहिए। हालांकि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या न्यूरोलॉजिकल बीमारियां हैं, उन्हें इस योगासन को करने से बचना चाहिए।
यह एक फॉरवर्ड बेंड योगासन है जो शरीर को रिलैक्स करने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मददगार होता है।
धनुरासन को बो पोज भी कहा जाता है। यह अग्न्याशय को एक्टिव करने में मदद कर सकता है, जिससे इंसुलिन बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
Disclaimer: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे सही खानपान, नियमित व्यायाम, योग और डॉक्टर की सलाह पर काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। इस बीमारी को कंट्रोल करने के लिए मधुनाशिनी, जामुन और मामेजवा जैसे औषधीय पौधे पारंपरिक चिकित्सा में उपयोगी माने जाते हैं, जबकि करेला, जौ और हरा मूंग जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं। आप या आपके परिवार में कोई डायबिटीज का मरीज है तो वह इन तरीकों को अपनाकर इसे मैनेज किया जा सकता है। किसी व्यक्ति को ऊपर बताए गए किसी पौधे, खाद्य पदार्थ से एलर्जी है तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.