क्या टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है रिवर्स? स्टडी में सामने आई ये बात

हालही में एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि टाइप 2 डायबिटीज को भी रिवर्स किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 24, 2026 2:06 PM IST

भारत समेत तमाम विकासशील देशों में आज टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) सबसे तेजी से बढ़ने वाली क्रॉनिक बीमारियों में से एक है। टाइप 2 डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक जटिल मेटाबॉलिक डिसऑर्डर (Metabolic Disorder) है, जो पूरे शरीर के कामों को प्रभावित करता है। भारत में जब टाइप- 2 डायबिटीज की बात आती है, तो अक्सर लोग कहते हैं इसे रिवर्स नहीं किया जा सकता है। लेकिन पुणे स्थित हेल्थ प्लेटफॉर्म iThrive ने हाल ही में कई रिसर्च का विश्लेषण करते हुए Root-Cause Strategy for Reversing Type 2 Diabetes पर एक स्टडी शेयर की है। इसमें कहा गया है कि रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव किए जाए तो टाइप 2 डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है। स्टडी के अनुसार डाइट, लाइफस्टाइल और मेटाबॉलिक सुधार के जरिए टाइप 2 डायबिटीज में रिमिशन (Remission) संभव हो सकता है।

भारत में डायबिटीज के मरीजों का आंकड़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में डायबिटीज के आंकड़े चिंताजनक है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2022 तक 18 वर्ष से अधिक उम्र के 14% वयस्क डायबिटीज की चपेट में थे। यह आंकड़ा 1990 में यह आंकड़ा केवल 7% था। इसमें ज्यादातर मामले टाइप- 2 डायबिटीज के होते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि भारत में डायबिटीज से पीड़ित 50% लोगों को इसे मैनेज कैसे किया जा सकता है, इसकी जानकारी ही नहीं है।  ये आंकड़े बताते हैं कि डायबिटीज अब एक गंभीर पब्लिक हेल्थ चुनौती बन चुकी है।

डायबिटीज के कारण शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं। डायबिटीज के कारण शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं।

भारत में क्यों बढ़ रहे हैं टाइप 2 डायबिटीज के मामले

स्टडी बताती है कि भारत जैसे देश में टाइप 2 डायबिटीज के बढ़ते मामलों के पीछे 1 नहीं बल्कि कई कारण जिम्मेदार हैं। इसमें शामिल है

  1. 471,686 लोगों पर हुई स्टडी में पाया गया है कि भारत में अक्सर लोग रात को सोते हुए मोबाइल चलाते हैं। इससे बॉडी पर ब्लू लाइट एक्सपोजर होता है, जो डायबिटीज के जोखिम को कई गुणा तक बढ़ा सकता है।
  2. स्टडी में हर 3 में से 1 डायबिटीज मरीज में मैग्नीशियम की कमी पाई गई। यह मिनरल शरीर के कई कामों के लिए महत्वपूर्ण होता है। मैग्नीशियम की कमी से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भारतीयों में बढ़ रहा है।
  3. इसमें यह बात सामने आई है कि भारतीय के खान में 56.4% कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आती है। हिमाचल, मिरोजम, बिहार जैसे राज्यों में सफेद चावल के खाने का चलन ज्यादा है। सफेद चावल पूरी तरह से कार्बोहाइड्रेट है। इन राज्यों के लोगों के खाने में आयरन, जिंक, विटामिन D, मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी पाई गई है। पोषक तत्वों की कमी के कारण भी टाइप 2 डायबिटीज भारत के लिए चुनौती बन रहा है।

क्या टाइप 2 डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?

iThrive द्वारा की गई स्टडी में कहा गया है कि टाइप 2 डायबिटीज हमेशा के लिए रहने वाली बीमारी नहीं है। यदि टाइप- 2 डायबिटीज के मूल कारण (Root Causes) को ठीक किया जाए, तो यह रिवर्स या रिमिशन करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती है। यह स्टडी विभिन्न प्रकार के क्लिनिकल ट्रायल्स, मेटाबॉलिक साइंस और न्यूट्रिशन डेटा के आधार पर की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि टाइप 2 डायबिटीज को अब सिर्फ ब्लड शुगर की बीमारी मानना गलत होगा। यह एक पूरे शरीर का मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जो लिवर, मसल्स, फैट और पैंक्रियास को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित जरूर करती है। इसलिए इसे रिवर्स करने के लिए मूल कारण का पता लगाना बहुत जरूरी है।

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क्या है एक्सपर्ट की राय?

टाइप 2 डायबिटीज के रिवर्स होने पर फंक्शनल न्यूट्रिशनिस्ट मुग्धा प्रधान का कहना है कि कई दशकों से टाइप 2 डायबिटीज को लाइफटाइम बीमारी माना जाता था, लेकिन अब मेटाबॉलिज्म पर हो रही रिसर्च बताती है कि यदि लिवर फैट, पैंक्रियास फैट, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी, सूजन और लाइफस्टाइल को सही किया जाए, तो शरीर दोबारा संतुलन में आ सकता है। ऐसे में टाइप 2 डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है।

अगर आपके घर में किसी को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है, तो इसे रिवर्स करने के लिए आज ही डॉक्टर से बात करें और सलाह लें।

FAQs

क्या टाइप 2 डायबिटीज गंभीर है?

हां, टाइप 2 डायबिटीज का इलाज सही समय पर न किया जाए तो यह गंभीर हो सकता है। टाइप 2 डायबिटीज के कारण रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इससे कोरोनरी हृदय रोग और स्ट्रोक हो सकता है। पैरों से जुड़ी समस्याएं, जैसे कि अल्सर और इन्फेक्शन भी टाइप 2 डायबिटीज के कारण ही होते हैं।

टाइप 2 डायबिटीज का क्या मतलब है?

टाइप 2 डायबिटीज एक पुरानी बीमारी है जिसमें ब्लड शुगर (ग्लूकोज) का लेवल बहुत ज़्यादा हो जाता है क्योंकि शरीर काफ़ी इंसुलिन नहीं बनाता या उसे रोकता है, जिससे ग्लूकोज का ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पाता। यह सबसे आम बीमारी है, जो अक्सर वज़न, इनएक्टिविटी और जेनेटिक्स से जुड़ी होती है, जिससे लंबे समय तक सेहत को गंभीर खतरा होता है।

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