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कोमा क्या है? लंबे समय तक बेहोश होने से दिमाग पर क्या पड़ता है असर

Understanding Coma :कोमा को अगर आप लंबी या गहरी नींद समझ रहे हैं, तो शायद आप गलत हैं। क्योंकि कोमा एक ब्रेन से जुड़ी परेशानी होती है। आइए विस्तार से जानते हैं-

कोमा क्या है? लंबे समय तक बेहोश होने से दिमाग पर क्या पड़ता है असर
What is Coma

Written by Kishori Mishra |Published : April 7, 2026 1:36 PM IST

मिडिल ईस्ट में लंबे समय से युद्ध चल रहा है। इस बात से हम सभी काफी अच्छे से वाकिफ हैं। लेकिन इन तनाव की खबरों के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति काफी गंभीर है, तो वर्तमान में बेहोश हैं। बताया जा रहा है कि फिलहाल मोजतबा खामेनेई का कोम शहर में इलाज चल रहा है, वे अभी भी बेहोशी की हालत में हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इस खबर के सामने आते ही लोगों के मन में कोमा को लेकर कई तरह से सवाल उठ रहे हैं। कई लोग कोमा और गहरी नींद के बीच का फर्क नहीं समझ पाते हैं। इस विषय के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट और क्लिनिकल डायरेक्टर (PDMDRC) डॉ. रुक्मिणी मृदुला कंदादई से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कोमा क्या है और लोग कोमा में क्यों जानते हैं, इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं-

क्या है कोमा? - What is Coma

हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट और क्लिनिकल डायरेक्टर (PDMDRC) डॉ. रुक्मिणी मृदुला कंदादई का कहना है कि कोमा सिर्फ गहरी नींद नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का एक गंभीर और कॉम्प्लेक्स ऑब्सटेकल है। इस अवस्था में व्यक्ति को जगाया नहीं जा सकता और न ही वह किसी बाहरी उत्तेजना पर प्रतिक्रिया दे सकता है। कोमा में नींद और जागने का चक्र भी खत्म हो जाता है।

आदमी कोमा में क्यों चला जाता है?

हमारा ब्रेन शरीर का कमांड सेंटर है और कोमा की स्थिति में यह एक तरह से सर्वाइवल मोड में चला जाता है। कोमा का मुख्य कारण मस्तिष्क के एक महत्वपूर्ण हिस्से में रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम (RAS) में गड़बड़ी होता है। यह सिस्टम ब्रेनस्टेम में स्थित होता है और हमें जागृत एवं सचेत बनाए रखने में मदद करता है।

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डॉक्टर कहती हैं कि जब किसी कारण, जैसे- सिर में चोट, स्ट्रोक, संक्रमण या लो ब्लड शुगर जैसी मेटाबॉलिक समस्या, इस सिस्टम के कार्यों को बाधित करता है, तो मस्तिष्क के कॉर्टेक्स तक सिग्नल नहीं पहुंच पाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति कोमा में चला जाता है।

कोमा में चले जाने से दिमाग में क्या होता है? - What happens to the brain during a coma

डॉक्टर कहती हैं कि लंबे समय तक बेहोशी के दौरान हमारा ब्रेन आराम नहीं करता है, बल्कि वे लगातार संघर्ष करता है, जो निम्न हैं-

  1. इस दौरान न्यूरॉन्स यानि मस्तिष्क की कोशिकाएं, असामान्य तरीके से सक्रिय हो जाते हैं या बिल्कुल शांत हो जाते हैं।
  2. लंबे समय तक कोमा में रहने से ब्रेन तक ऑक्सीजन और ग्लूकोज की आपूर्ति कम होने लगती है।
  3. इस स्थिति में सूजन बढ़ जाती है, जिससे ब्रेन के नाजुक हिस्सों पर दबाव पड़ता है

लंबे समय तक कोमा में जाने से होने वाले जोखिम क्या हैं?

डॉक्टर कहती हैं कि अगर कोमा कई दिनों या हफ्तों तक बना रहता है, तो जोखिम और अधिक बढ़ जाते हैं, जिससे कुछ परेशानियां होने का खतरा रहता है, जैसे-

  • ब्रेन में सूजन और इंफ्लेमेशन के कारण सेकेंडरी डैमेज होने का खतरा रहता है।
  • एक्साइटोटॉक्सिसिटी का खतरा होता है, इस स्थिति में न्यूरॉन्स अपनी ही अत्यधिक गतिविधि से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
  • ब्रेन हर्निएशन का खतरा रहता है, इस स्थिति में ब्रेन के हिस्से खिसक जाते हैं, जो मरीज के लिए जानलेवा हो सकते हैं।

कोमा के मरीजों की कैसे होती है निगरानी?

न्यूरोलॉजिस्ट कहती हैं कि आज के समय में आधुनिक तकनीकें डॉक्टर्स को कोमा के मरीजों की स्थिति को समझने और संभालने में काफी ज्यादा मदद करती हैं।

  • ईसीजी (Electroencephalogram) के जरिए ब्रेन की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी का पता चलता है इसके साथ ही सीटी स्कैन और MRI से ब्रेन की संरचना की जानकारी मिलती है।
  • ICP मॉनिटरिंग के जरिए ब्रेन के अंदर के दबाव को मापा जाता है
  • इस स्थिति के मरीजों का ट्रीटमेंट करना का मुख्य उद्देश्य कारण को ठीक करना होता है। इसमें शरीर को ठंडा करना, दौरे रोकने के लिए दवाएं और सांस लेने में मदद के लिए वेंटिलेटर का उपयोग शामिल हो सकता है।

कोमा के मरीजों की रिकवरी कैसे होती है?

डॉक्टर कहती हैं कि कोमा से बाहर आने की संभावना हर मरीज में अलग-अलग होती है। कुछ लोग धीरे-धीरे ठीक होकर सामान्य जीवन में लौट आते हैं, जिसमें न्यूरोप्लास्टिसिटी यानि मस्तिष्क की खुद को दोबारा व्यवस्थित करने की क्षमता अहम भूमिका निभाती है। वहीं, कुछ मरीज वेजिटेटिव स्टेट या मिनिमली कॉन्शियस स्टेट में भी जा सकते हैं।

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Highlights

  • ब्रेन शरीर का कमांड सेंटर है।
  • कोमा की स्थिति में यह एक तरह से सर्वाइवल मोड में चला जाता है।
  • कोमा गहरी नींद नहीं होती है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।