Ujjayi Pranayama Benefits in Hindi: योग में ब्रिदिंग एक्सरसाइज (Breathing Exercise) को ‘प्राणयाम’ कहा जाता है। प्राणायाम योग पद्यति का एक अहम हिस्सा है। उज्जायी प्राणायाम, प्राणायाम का ही एक प्रकार है। उज्जायी (Ujjayi) एक संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब होता है जीतना या विजय प्राप्त करना। उज्जायी प्राणयाम (Ujjayi Pranayama) मन की शांति और शरीर में गर्माहट बनाए रखने में मदद करता है। उज्जायी प्राणायाम करते समय फेफड़ों में मौजूद सांस को महसूस कर सकते हैं। जानें, इस प्राणायाम को करने का सही तरीका और शरीर को होने वाले इससे फायदों (Ujjayi Pranayama benefits in hindi) के बारे में यहां...
कैसे करें उज्जायी प्राणायाम
एक शांत जगह पर बैठ जाएं। आप सुखासन की मुद्रा में भी बैठ सकते हैं। अब अपनी आंखें बंद कर लें। मुंह को हल्का सा खोलकर अपने मसूड़ों और जीभ को आराम देने की कोशिश करें।
इसके बाद मुंह से सांस लें और छोड़ें। इसके साथ ही जो भी हवा आपके मुंह से होते हुए आपके फेफड़ों में जा रही है उसे महसूस करने की कोशिश करें।
इसके बाद अपने सांसों को छोड़ते समय अपने गले के पिछले हिस्से में सांसों को महसूस करने और सांसों को छोड़ते समय हल्की सी ‘अह्हा’ ध्वनि निकालें।
इसके बाद जैसे ही आप इस प्राणायाम में लीन हो जाते हैं और आपका सारा ध्यान आपके सांसों की आवाजाही पर होता है, तो उस समय आप नोटिस करेंगे कि आपकी सांसों से निकलने वाली आवाज पूरी तरह से समुद्र में चलने वाली हवाओं की ध्वनि की तरह होने लगती है।
अपनी सांसों से आने वाली ध्वनि को महसूस करने की कोशिश करें और अपने मन को शांत रखें।
इसके बाद अपने फेफड़ों को श्वास के माध्यम से पूरी तरह से भर लें और फिर पूरी तरह से खाली भी कर लें।
शुरुआत में यह प्राणयाम कम से कम 5 मिनट तक करें और इसके बाद इसे बढ़ाते हुए 15 मिनट तक लेकर जाएं।
उज्जायी प्राणायाम के लाभ (Ujjayi Pranayama Benefits in Hindi)
ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है।
इससे शरीर स्वस्थ और मजबूत होता है।
आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है।
इस प्राणायाम का नियमित प्रयोग बंद धमनियों को खोलने और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का कार्य करता है।
इसके अभ्यास से साइनस और माइग्रेन की समस्या को दूर किया जा सकता है।
हृदय रोगों और हार्टअटैक जैसी समस्या की संभावनाओं को कम करता है।
आवाज को सुरीला बनाने के साथ-साथ यह प्राणायाम थाइरॉइड जैसी बीमारी से भी दूर रखता है ।
खांसी, अपच, लीवर की समस्याओं, पेचिश, बुखार जैसी बीमारियों के होने की सम्भावनाओं को कम करने का काम करता है।
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