मौसम बदलने पर बढ़ता है टायफाइड का खतरा, डॉक्टर बता रहे हैं इस संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

बारिश के दिनों में हवा में नमी, फंगस और संक्रमण का खतरा कई गुणा ज्यादा होता है। इस मौसम में पानी भी दूषित होता है, जिसके कारण टाइफाइड का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं टाइफाइड से बचाव के लिए क्या करें।

WrittenBy

Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 5, 2026 9:16 AM IST

मानसून का मौसम। चाय-पकौड़े, भीगते बादल और ठंडी-ठंडी हवा। मजा ही आ जाता है ना? लेकिन इसी मौसम के साथ एक मेहमान और भी आता है जिसे हम बिल्कुल पसंद नहीं करते - टायफाइड। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अगर पिछले 2-3 साल का डेटा देखें तो पता चलेगा कि जैसे ही बारिश शुरू होती है और उसके बाद का समय आता है, अस्पतालों में टाइफाइड के मरीज अचानक बढ़ जाते हैं। इसकी वजह कोई और नहीं, हमारा दूषित पानी और बाहर का खाना है। मौसम बदलने पर अचानक टाइफाइड का खतरा क्यों बढ़ जाता है और इस संक्रमण से बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए, आज इसी बारे में बात करेंगे। टाइफाइड के बारे में ज्यादा जानकारी दे रहे हैं दिल्ली के आस्था हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के डॉ. प्रतीक कादियान।

हवा में मौजूद बैक्टीरिया के कारण टाइफाइड नहीं होता है।

टाइफाइड होता क्या है और फैलता कैसे है?

डॉ. प्रतीक कादियान बताते हैं कि टायफाइड एक बैक्टीरिया से होता है जिसका नाम है Salmonella Typhi। ये बैक्टीरिया गंदगी और सही हाइजीन को न अपनाने से फैलता है।

  1. पानी दूषित हो जाता है - बारिश में नालियों का गंदा पानी पीने के पानी में मिल जाता है। हैंडपंप, टंकी सब चपेट में आ जाते हैं। इस तरह का गंदा पानी पीने से टाइफाइड की परेशानी हो सकती है।
  2. बाहर का खाना - सड़क किनारे कटे हुए फल, गोलगप्पे, चाट, बिना ढका हुआ खाना खाने से भी टाइफाइड संक्रमण फैलता है।
  3. हाथ नहीं धोना - जैसा कि हम पहले ही बात कर चुके हैं कि बारिश के दिनों में हवा में ज्यादा बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं। ऐसे में बिना हाथ धोए खाना खाने या टॉयलेट के बाद हाथ अच्छे से नहीं धोने से टाइफाइड संक्रमण हो सकता है।

टाइफाइड के लक्षण क्या हैं?

डॉक्टर के अनुसार, टाइफाइड एक दिन में नहीं आता। ये धीरे-धीरे शरीर को जकड़ता है। शुरुआत में लगता है "शायद वायरल है। शुरुआती 3-4 दिन में नीचे बताए गए लक्षण नजर आ सकते हैं:

  1. तेज बुखार - अचानक से तेज बुखार आना, जो दिन-ब-दिन बढ़ता जाए। 102-103 तक चला जाए और दवा से भी पूरा न उतरे।
  2. सिर में भयानक दर्द और कमजोरी - बुखार के साथ शरीर में दर्द रहना। इसके साथ ही शारीरिक कमजोरी आना जो आपको अचानक से लो महसूस करवाने लगे।
  3. पेट का गड़बड़ाना - किसी को कब्ज, किसी को दस्त, पेट में मरोड़ और दर्द की परेशानी भी टाइफाइड का लक्षण होती है।
  4. मतली- खाना खाने का मन न करना। खाना खाने के बाद अक्सर ही मतली महसूस होते रहना।

दूषित खाने के कारण टाइफाइड हो सकता है। दूषित खाने के कारण टाइफाइड हो सकता है।

डॉ. कादियान के अनुसार- कई लोग 2 दिन बुखार में पेरासिटामोल खाकर घर बैठ जाते हैं। यही सबसे बड़ी गलती होती है। अगर किसी व्यक्ति को बुखार लगातार 3 दिन से ज्यादा है और साथ में ऊपर वाले लक्षण हैं, तो खुद से दवा मत लीजिए। तुरंत डॉक्टर को दिखाइए और खून की जांच कराइए। अगर टाइफाइड का इलाज समय पर नहीं हुआ तो ये बैक्टीरिया आंतों तक पहुंच जाता है। यह कंडीशन बहुत ज्यादा घातक हो सकती है।

टाइफाइड से बचने के लिए क्या करें?

बारिश के मौसम में टाइफाइड जैसे संक्रमण से बचाव करने के लिए डॉ. प्रतीक ने कुछ खास टिप्स भी शेयर किए हैं।

  1. साफ पानी पिएं- बारिश के मौसम में सीधे नल का पानी मत पीजिए। हमेशा उबालकर या RO/फिल्टर का पानी ही पीजिए। बाहर जाएं तो घर से बोतल लेकर जाइए। अगर आप बाजार से पानी खरीद रहे हैं तो सील बंद बोतल ही खरीदिए। बर्फ वाले जूस और शरबत से बचने की कोशिश करें। साफ पानी पीने से संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
  2. बाहर के खाने से बचें- बारिश के दिनों में टाइफाइड और अन्य संक्रमण से बचाव करने के लिए बाहर का खाना खाने से बचने की कोशिश करें। सड़क किनारे कटे फल, खुली चाट, पानी पूरी, बिना ढका खाना बिल्कुल न खाएं। मानसून के दिनों में सिर्फ घर पर पका हुआ ताजा खाना ही खाएं।
  3. 20 सेकंड तक हाथ धोना- खाना बनाने से पहले, खाना खाने से पहले और टॉयलेट के बाद - साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना। ये 20 सेकंड आपको हॉस्पिटल के 20 दिन से बचा सकते हैं।
  4. किचन की सफाई- सब्जी-फल को अच्छे से धोइए। खाना हमेशा ढककर रखिए। बचा हुआ खाना फ्रिज में रखें और दोबारा अच्छे से गर्म करके ही खाएं। किचन में साफ- सफाई से जुड़ी इन आदतों को अपनाकर संक्रमण से बचा जा सकता है।
  5. इम्यूनिटी मजबूत करें- टाइफाइड से बचने के लिए नींद पूरी लें, ताजा फल-सब्जी खाएं, पानी खूब पिएं। इस तरह की चीजें इम्यूनिटी को मजबूत बनाती हैं। जब इम्यूनिटी सही रहती है तो संक्रामक बीमारियों का खतरा कम रहता है।
  6. टीक लगवाएं- डॉक्टर बताते हैं कि टायफाइड का टीका भी आता है। खासकर अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां टायफाइड आम है या ट्रैवल करते हैं, तो डॉक्टर से पूछकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। लेकिन याद रखिए, टीका 100% गारंटी नहीं है। टीका लगवाने के बाद भी टायफाइड से बचाव करने के लिए ऊपर वाले नियम फॉलो करने ही पड़ेंगे।

Disclaimer: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। अगर आपको बुखार, बुखार के साथ शरीर में दर्द या कोई अन्य परेशानी हो रही है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें।