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Written By: Anshumala | Published : July 12, 2018 1:04 PM IST
टाइफाइड बुखार के लक्षण- टाइफाइड होने पर व्यक्ति को 102 डिग्री से ऊपर बुखार रहता है और उनके शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है। इसके अलावा पेट दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना,सुस्ती, उल्टी, कमजोरी, कब्ज, दस्त आदि इसके आम लक्षण हैं।
टाइफॉइड होने पर काफी तेज बुखार रहता है, जो कई दिनों तक बना रहता है। इसका बुखार कभी ज्यादा तो कभी कम होता रहता है। यह साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है। एक्सपर्ट के अनुसार, दूषित पानी पीने या भोजन करने से टाइफॉइड होता है। इसमें शरीर में तेज दर्द, भूख न लगना आदि शामिल हैं। बुखार 103-104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाता है। बुखार कंट्रोल न होने पर जल्द से जल्द पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर से दिखाना चाहिए। हालांकि, इससे पीड़ित व्यक्तियों के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन आप कुछ घरेलू इलाज के जरिए भी इस पर काबू पा सकते हैं। इसका कोई साइड एफेक्ट भी नहीं होगा।
लिक्विड है जरूरी
कई बार टाइफॉइड से डिहाइड्रेशन हो जाता है। ऐसे में अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेते रहें। पानी, फलों के जूस, हर्बल चाय आदि लें। लिक्विड जितना लेंगे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। हेल्दी और रोग मुक्त रहने के लिए शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। जूस शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को निकालने में मदद करता है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलती है। जीवाणु व संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।
लहसुन अधिक लें
लहसुन को सुबह खाली पेट खाने से कई तरह के लाभ होते हैं। यह टाइफॉइड बुखार को भी कंट्रोल करता है। इसमें मौजूदएंटीऑक्सिडेंट खून को प्यूरीफाई करने का काम करता है। इसके अलावा लहसुन किडनी से अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसका अधिक लाभ तब होता है, जब आप इसे कच्चा या अधपका खाएंगे। टाइफॉइड बुखार से पीड़ित व्यक्ति की प्रतिरक्षा को भी बढ़ाता है।
सेब का सिरका
सेब के सिरके में अम्लीय गुण होते हैं, जो टाइफॉइड के असर को कम करने के लिए अच्छा घरेलू उपाय है। यह तेज बुखार को कम करता है, क्योंकि इससे टाइफॉइड से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से गर्मी जल्दी बाहर निकलती है। इसमें खनिज होते हैं, जो बीमार होने वाले व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर दस्त हो, तो ऐसे में सेब का सिरका उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।
लाभकारी तुलसी
तुलसी एक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है। यह कई बीमारियों को दूर करने में काम आती है। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खांसी, दांतों के रोग और सांस संबंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसका इस्तेमाल आप टाइफॉइड बुखार में भी कर सकते हैं। टाइफॉइड की वजह से कुछ लोगों को सूजन और ज्वाइंट पेन होने लगता है। इसे कम करने में तुलसी मदद करती है। इतना ही नहीं यह मलेरिया समेत कई बीमारियों का इलाज करने में सहायता करती है। टाइफॉइड से पीड़ित व्यक्ति को तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर उबला हुआ पानी पीने को दें। लाभ होगा। तुलसी के जीवाणुरोधी गुण बैक्टीरिया को हटाने में मदद करते हैं।
ठंडे पानी की पट्टियां
यह किसी भी तरह के बुखार को कम करने का पुराना घरेलू उपचार है। टाइफॉइड में पीड़ित को हाई फीवर रहता है। ऐसे में बुखार सिर तक ना पहुंच जाए, इसके लिए मरीज के शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए आप बर्फ के पानी की मदद ले सकते हैं। रोगी के माथे, पैर और हाथों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखने से बुखार कम होता है। ध्यान रखें कि समय-समय पर पट्टियों को बदलते रहें, ताकि बेहतर परिणाम मिल सके।
चित्रस्रोत: Shutterstock.