
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : August 1, 2025 8:24 AM IST
Medically Verified By: Dr Arun Kumar Goel
Lung Cancer Types in Hindi: फेफड़ों का कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। यह हर साल लाखों लोगों की मौत का प्रमुख कारण बनता है। फेफड़ों का कैंसर, दुनियाभर में कैंसर से संबंधित मौतों का प्रमुख कारण है। यह कैंसर पुरुषों और महिलाओं, दोनों को हो सकता है। फेफड़ों का कैंसर तब होता है, जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। फेफड़ों के कैंसर का समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। लगातार खांसी होना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। फेफड़ों के कैंसर के प्रति लोगों में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 1 अगस्त को विश्व लंग कैंसर दिवस (World Lung Cancer Day) मनाया जाता है। आइए, आज इसी मौके पर एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, सोनीपत के चेयरमैन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अरुण कुमार गोयल से जानते हैं फेफड़ों के कैंसर के प्रकार-
नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर, फेफड़ों के कैंसर का सबसे आम प्रकार है। लगभग 80 से 85 फीसदी मामलों में यही प्रकार पाया जाता है। एनएससीएलसी के भी कुछ प्रकार हैं, इनमें शामिल हैं-
फेफड़ों के कैंसर का दूसरा प्रकार स्मॉल सेल लंग कैंसर है। यह कैंसर बहुत तेजी से फैलता है। यह लगभग 10-15 फीसदी मामलों में मिलता है। इसे आमतौर पर अधिक आक्रामक और खतरनाक माना जाता है। इस लंग कैंसर के भी कुछ प्रकार हैं, इसमें ओट सेल कार्सिनोमा (Oat Cell Carcinoma) और कंबाइंड स्मॉल सेल कार्सिनोमा (Combined SCLC) शामिल हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को फेफड़ों के कैंसर का सबसे अधिक जोखिम होता है।
फेफड़ों के कैंसर का इलाज, उसकी स्टेज पर निर्भर करता है। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी शामिल हैं।
जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो फेफड़ों का कैंसर होता है।
लगातार खांसी, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, सांस फूलना, वजन कम होना और बार-बार फेफड़ों का संक्रमण आदि फेफड़ों के कैंसर का लक्षण हो सकता है।