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Written By: Editorial Team | Published : November 24, 2017 12:20 PM IST
यदि आपको हाइपोग्लाइसीमिया (hypoglycaemia) के लक्षण महसूस होते हैं तो क्या करना चाहिए? सबसे आसान और असरदार तरीका है या तो चीनी खाएं या कोई कैंडी चूसें। यह आपके ब्लड शुगर के स्तर को तुरंत बढ़ाने में मदद करता है। हम में से ज़्यादातर लोगों को पता है हाइपोग्लाइसीमिया होने पर क्या करना चाहिए और जब ब्लड शुगर या ब्लड ग्लूकोज़ लेवल नॉर्मल से नीचे गिरता है, तो क्या करना चाहिए और क्या नहीं। लेकिन कई लोग नहीं जानते कि हाइपोग्लाइसीमिया के 3 रूप हैं। डायबिटीज़ोलॉजिस्ट डॉ.प्रदीप गाडगे (गाडगे डायबिटीज सेंटर, मुंबई) बता रहे हैं हाइपोग्लाइसीमिया के प्रकारों के बारे में और डॉक्टर से कब दिखाना चाहिए।
हाइपोग्लाइसीमिया के 3 प्रकार हैं- माइल्ड या हल्का, मॉडरेट या मध्यम और सीवियर या गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया।
हल्का हाइपोग्लाइसीमिया: यह एक ऐसी स्थिति है जहां रोगी को हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण समझ में आते और इसे वह अपना इलाज खुद कर पाता है। ऐसी स्थिति में शक्कर या मीठी चीज़ें खाने-पीने से ग्लूकोज का स्तर बढ़ सकता है।
मध्यम हाइपोग्लाइसीमिया: इस में, आपको हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण कहीं जानेवाली समस्याएं महसूस हो सकती हैं लेकिन इसका इलाज आप खुद नहीं कर सकते। आपकी मदद करने के लिए आपको अपने परिवार के किसी सदस्य या आपकी देखभाल करनेवाले की ज़रूरत होगी। इसलिए, अगर आपके आसपास ऐसा कोई मरीज़ है तो उसकी स्थिति के अनुसार शक्कर वाली चीज़ें खिलाएं।
गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया: यह गंभीर स्थिति है, जिसमें मरीज को बहुत परेशानी हो सकती है। यह एकमेडिकल इमरजेंसी का संकेत है। अगर कोई व्यक्ति हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों का अनुभव करता है, तो उसके आसपास मौजूद लोगों को मरीज़ को जबरदस्ती चीनी खिलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसके चलते सेहत से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे मामले में एकमात्र उपाय रोगी को अस्पताल ले जाना है और नसों के ज़रिए ग्लूकोज (इंजेक्शन ग्लूकोज) देना है क्योंकि यही सही उपचार विकल्प है।
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अनुवादक: Sadhana Tiwari
चित्र स्रोत: Shutterstock Images.