Happy Hormones Types in Hindi: हम स्वस्थ हैं या अस्वस्थ, हमें कोई बीमारी है या नहीं, इसके लिए काफी हद तक हार्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। क्योंकि हार्मोनल असंतुलन कई बीमारियों का कारण बनता है। इतना ही नहीं, हम खुश है या उदास, हमारा मूड अच्छा है या खराब, यह सब भी हमारे हार्मोन्स पर निर्भर करता है। इसके लिए हैप्पी हार्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। जब हैप्पी हार्मोन्स संतुलित होते हैं, तो हम अच्छा और तनावमुक्त महसूस करते हैं। वहीं, जब हैप्पी हार्मोन्स का स्तर असंतुलित रहता है, तो हम डिप्रेशन, एंग्जाइटी और चिड़चिड़ापन महसूस कर सकते हैं। असंतुलित हैप्पी हार्मोन्स, आपको उदास भी बनाए रख सकते हैं और हर वक्त थकान-सुस्ती का कारण बन सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि हैप्पी हार्मोन्स क्या होते हैं? हैप्पी हार्मोन कितने प्रकार के होते हैं? हैप्पी हार्मोन्स कहां रिलीज होते हैं और क्या काम करते हैं? आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं आकाश हेल्थकेयर के वरिष्ठ सलाहकार- एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. मोनिका शर्मा से-
हैप्पी हार्मोन कितने प्रकार के होते हैं?
आपको बता दें कि हैप्पी हार्मोन मुख्य रूप से 4 तरह के होते हैं। इसमें-
सेरोटोनिन हार्मोन: आपको बता दें कि सेरोटोनिन हार्मोन दिमाग और आंतों में रिलीज होता है। यह हार्मोन 90 फीसदी आंतों में ही रिलीज होता है।
डोपामिन हार्मोन: यह हार्मोन दिमाग के रिवार्ड सेंटर में रिलीज होता है।
ऑक्सीटोसिन हार्मोन: यह हार्मोन दिमाग (हाइपोथैलेमस) में रिलीज होता है।
एंडोर्फिन हार्मोन: यह हार्मोन दिमाग और नर्व सिस्टम में रिलीज होता है।
हैप्पी हार्मोन क्या काम करते हैं?
सेरोटोनिन हार्मोन: सेरोटोनिन हार्मोन का काम व्यक्ति को खुश करना होता है। यह हार्मोन मूड को बेहतर बनाने का काम करता है। यह चिंता और डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है। सेरोटोनिन हार्मोन पाचन को बेहतर बनाने और नींद की अच्छी गुणवत्ता के लिए जरूरी होता है।
डोपामिन हार्मोन: डोपामिन हार्मोन का मुख्य काम कॉम्फिडेंस लेवल को बढ़ाना और फोकस करना होता है। यह आपको खुश रखने में मदद करता है। यह हार्मोन आपको खुशी का अनुभव कराता है और तनाव मुक्त रखता है।
ऑक्सीटोसिन हार्मोन: यह हार्मोन प्यार और भरोसे का हार्मोन है। यह रिश्तों में जुड़ा बनाए रखने का काम करता है और आपको तनाव मुक्त रखता है।
एंडोर्फिन हार्मोन: यह हार्मोन शरीर के दर्द को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, एंडोर्फिन हार्मोन तनाव को कम करता है और व्यक्ति को खुश रखने का काम करता है।
हैप्पी हार्मोन की कमी से क्या होता है?
सेरोटोनिन हार्मोन: इस हार्मोन की कमी से व्यक्ति को उदासी, डिप्रेशन और एंग्जाइटी हो सकती है। इसकी वजह से नींद की समस्या भी होने लगती है। सेरोटोनिन हार्मोन की कमी से अनिद्रा की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक उदासी का सबसे बड़ा कारण सेरोटोनिन की कमी हो सकती है।
डोपामिन हार्मोन: डोपामिन हार्मोन की कमी होने पर थकान और कमजोरी का अनुभव हो सकता है। यह आपके आत्मविश्वास को गिरा सकता है और तनाव का कारण बन सकता है। डोपामिन हार्मोन कम होने पर व्यक्ति अंदर से खाली-खाली महसूस कर सकता है।
ऑक्सीटोसिन हार्मोन: ऑक्सीटोसिन हार्मोन की कमी से तनाव और अकेलापन हो सकता है। इस हार्मोन की कमी से इमोशनल दूरी बनने लगती है और व्यक्ति स्ट्रेस में रहने लगता है। इसकी कमी से रिश्ते बिगड़ने शुरू हो सकते हैं।
एंडोर्फिन हार्मोन: एंडोर्फिन हार्मोन की कमी से आपको तनाव, चिड़चिड़ापन और दर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि एक्सरसाइज करने से इस हार्मोन को रिलीज करने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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