एनेस्थीसिया कितने प्रकार के होते हैं? जानें इसके जोखिम और क्या सावधानियां हैं जरूरी

Anesthesia Types in Hindi: एनेस्थीसिया दवा की मदद से रोगी को सर्जरी के लिए बेहोश किया जाता है, ताकि रोगी को दर्द न हो और आराम से सर्जरी सफल हो सके।

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Written By: Anju Rawat | Published : January 13, 2026 9:35 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Pradeep Kumar Goyal

Types of Anesthesia: एनेस्थीसिया एक ऐसी दवा है, जिसका उपयोग किसी सर्जरी को करने से पहले किया जाता है। इस दवा के माध्यम से रोगी के किसी एक विशेष हिस्से को सुन्न या शरीर को पूरी तरह से बेहोश किया जाता है। एनेस्थीसिया की मदद से रोगी का बिना दर्द के ही छोटी या बड़ी सर्जरी आसानी से हो जाता है। एनेस्थीसिया, सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द के सिग्नल यानी संकेत को दिमाग तक पहुंचाने से रोकता है। इसकी वजह से ही रोगी आराम से और बिना तकलीफ के सर्जरी करवा पाता है। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर के क्लिनिकल डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप गोयल बताते हैं भारत में हर साल लाखों लोग छोटी-बड़ी सर्जरी करवाते हैं, जिनमें एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है। एनेस्थीसिया सर्जरी या ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या छोटे-बड़े, सभी तरह की सर्जरी में एक ही तरह के एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है? तो ऐसा बिल्कुल नहीं है, छोटी और बड़ी सर्जरी अलग-अलग तरह के एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है। जानें, इनके बारे में विस्तार से-

एनेस्थीसिया के प्रकार

एनेस्थीसिया कई प्रकार का होता है। इसमें शामिल हैं-

1. लोकल एनेस्थीसिया

आपको बता दें कि लोकल एनेस्थीसिया में शरीर के एक छोटे से हिस्से को सुन्न किया जाता है। इस तरह के एनेस्थीसिया का उपयोग दांत निकालने या घाव पर टांका लगाने के लिए किया जाता है। जब छोटी सर्जरी की जाती है, तब भी लोक एनेस्थीसिया दिया जाता है। इस प्रकार के एनेस्थीसिया में रोगी पूरा होश में रहता है, बस जिस हिस्से की सर्जरी होती है, वहां पर दर्द महसूस नहीं होता है।

2. रीजनल एनेस्थीसिया

रीजनल एनेस्थीसिया में शरीर के एक बड़े हिस्से को सुन्न किया जाता है। इस प्रकार के एनेस्थीसिया का उपयोग डिलीवरी के दौरान किया जाता है। इसके अलावा, घुटने या हाथ-पैर के किसी हिस्से की सर्जरी में रीजनल एनेस्थीसिया दिया जाता है। इस तरह के एनेस्थीसिया में दवा को रीढ़ की हड्डी के पास या नसों में इंजेक्ट किया जाता है। इससे दर्द के संकेत मस्तिष्क तक नहीं पहुंच पाते हैं।

3. जनरल एनेस्थीसिया

जनरल एनेस्थीसिया का उपयोग काफी ज्यादा मामलों में किया जाता है। इस प्रकार के एनेस्थीसिया में रोगी को पूरी तरह से बेहोश कर दिया जाता है। इस एनेस्थीसिया को बड़ी सर्जरी के लिए उपयोग में लाया जाता है। हृदय, मस्तिष्क या पेट की सर्जरीके लिए जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है। इस एनेस्थीसिया को सांस द्वारा या नसों के जरिए दिया जाता है।

एनेस्थीसिया में होने वाली जटिलताएं

  • वैसे तो एनेस्थीसिया पूरी तरह से सुरक्षित होता है। लेकिन, कुछ मामलों में जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  • कुछ लोगों को एनेस्थीसिया के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है या हृदय गति में बदलाव हो सकता है।
  • इसकी वजह से सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। कुछ लोगों को गले में खराश भी हो सकती है।
  • कुछ लोगों को एनेस्थीसिया से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।

एनेस्थीसिया के कुछ आम नुकसान

एनेस्थीसिया से कुछ गंभीर जटिलताओं के साथ ही, आम नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।

  • उल्टी या मतली जैसा महसूस होना
  • हल्का सिर दर्द होना या चक्कर आने की समस्या
  • गले में सूखापन महसूस होना
  • थकान या कमजोरी सा महसूस होना

एनेस्थीसिया के दौरान या बाद में क्या करें?

एनेस्थीसिया से पहले रोगी की पूरी जांच की जाती है। रोगी का ब्लड टेस्ट, ईसीजी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, एलएफटी, केएफटी सभी प्रकार की जांचें करवाई जाती है।

एनेस्थीसिया के दौरान ऑक्सीजन का स्तर भी मापा जाता है। इस दौरान सांस की गति पर लगातार नजर रखा जाता है।

रिकवरी के दौरान रोगी को पूरा आराम करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान रोगी को हल्का भोजन खिलाया जाता है।

एनेस्थीसिया के बाद रोगी को कुछ दिनों तक गाड़ी चलाने से मना किया जाता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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