कॉन्स्टिपेशन और डायरिया हो सकते हैं टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण, स्टडी में हुआ खुलासा, इन समस्याओं से बचने के लिए करें ये उपाय

हाई ब्लड शुगर लेवल से जिसमें नसों को नुकसान पहुंचता है जिससे शरीर की कार्यप्रणालियां प्रभावित होती हैं। इसका असर बड़ी आंत पर भी पड़ता है। जिससे, बाउल मूवमेंट्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। नर्व डैमेज का असर जब इंस्टेटाइन पर पड़ता है तो कॉन्स्टिपेशन यानि कब्ज़ और डायरिया जैसी समस्याएं बार-बार होती हैं। इसका अर्थ है कि ये दोनों ही समस्याएं टाइप 2 डायबिटीज का महत्वपूर्ण लक्षण हैं। (Type 2 Diabetes Symptoms)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 3, 2021 5:00 PM IST

Type 2 Diabetes Symptoms:डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें, पैंक्रियाज़ पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाती। नतीजनत शरीर भोजन द्वारा प्राप्त ग्लूकोज़ से शक्ति प्राप्त नहीं कर पाता और यह ग्लूकोज रक्त में घुल जाता है।  रक्त में ब्लड शुगर का लेवल अधिक होने से शरीर पर कई प्रकार के दुष्परिणाम दिखायी दे सकते हैं। इन समस्याओं को टाइप 2 डायबिटीज के पूर्व संकेत या लक्षणों के तौर पर देखा जा सकता है।

हाई ब्लड शुगर लेवल के प्रमुख लक्षणों में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी (autonomic neuropathy) भी शामिल है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें नसों को नुकसान पहुंचता है जिससे शरीर की कार्यप्रणालियां प्रभावित होती हैं। इसका असर बड़ी आंत पर भी पड़ता है। जिससे, बाउल मूवमेंट्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। नर्व डैमेज का असर जब इंस्टेटाइन पर पड़ता है तो कॉन्स्टिपेशन यानि कब्ज़ और डायरिया जैसी समस्याएं बार-बार होती हैं। इसका अर्थ है कि ये दोनों ही समस्याएं टाइप 2 डायबिटीज का महत्वपूर्ण लक्षण हैं। (Type 2 Diabetes Symptoms)

कॉन्स्टिपेशन और डायरिया हो सकते हैॆ टाइप 2 डायबिटीज का लक्षण (Type 2 Diabetes Symptoms):

अगर आपको भी इस तरह की समस्याएं होती हैं तो आपको अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखने के प्रयास करने चाहिए। क्योंकि नर्व डैमेज़ को रोकने का सबसे बेहतरीन तरीका यही है।ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करने के 2 मुख्य तरीके हैं डायट और एक्सरसाइज़। डायबिटीज में हर चीज को सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है और खासकर ऐसी चीज़ों के सेवन से परहेज करना चाहिए, जिनसे ब्लड शुगर लेवल तेज़ी से बढ़ता है। हाई-कार्ब फूड्स ऐसे ही खाद्य हैं जो डायबिटीज के मरीज़ों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। (Type 2 Diabetes Symptoms) इसके अलावा इन मुख्या बातों का भी रखें ध्यान जैसे-

इन हाई जीआई फूड्स से करें परहेज

  • शक्कर और मीठी चीज़ें ना खाएं
  • आलू का सेवन ना करें
  • सफेद चावल का सेवन ना करें

रिफाइंड फूड और मैदे से बनी चीज़ों से करें परहेज

  • इन लो-जीआई फूड्स का करें सेवन
  • मौसमी फल और सब्ज़ियां
  • विटामिन सी और विटामिन डी से भरपूर फूड्स्
  • साबुत अनाज, बीन्स और दालों को करें डायट में शामिल

इन टिप्स को भी करें फॉलो

  • वजन कम करें।
  • अनहेल्दी इटिंग की आदतें छोड़ें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
  • एक्सरसाइज करें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट या रोज़ाना 25-30 मिनट की कसरत करें। वॉक, सीढियां चढने और एरोबिक्स या साइकिल चलाने जैसी आसान और मज़ेदार एक्सरसाइजेस कर सकती हैं।
  • सोने-जागने का समय निश्चित करें और रोज़ाना 8 घंटें की नींद लें
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