
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
rem vs non rem sleep (AI generated image)
नींद आज भी हम भारतीयों के लिए कम जरूरी चीज है, हमें लगता है कि अगर एक दो घंटे कम सोएंगे तो या ज्यादा सोएंगे तो उससे हेल्थ पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि नींद का हर एक मिनट आपके लिए कीमती होता है और जरूरत से ज्यादा नींद का एक-एक एक्स्ट्रा मिनट हेल्थ लिए अच्छा नहीं होता है। लेकिन दिक्कत यह है कि हम भारतीयों को नींद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। नींद दरअसल नींद नहीं होती है, बल्कि इसके भी अलग-अलग दो प्रकार होते हैं, अब अगर आप यही सोच रहे हैं कि नींद के भी प्रकार होते हैं? तो यह लेख आपके लिए ही है, जिसमें नींद के प्रकारों के बारे में बात करेंगे और नींद से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जानेंगे।
मेडिकल साइंस के अनुसार नींद मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है जो इस प्रकार है -
REM Sleep - इसका पूरा नाम रैपिड आई मूवमेंट स्लीप होता है और इसका यह नाम इसलिए है क्योंकि बंद पलकों के पीछे हमारी आंखों की पुतलियां तेजी से इधर-उधर घूमती हैं। दरअसल यह नींद का वह हिस्सा होता है, जिसमें दिमाग सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है। REM Sleep के दौरान सिर्फ आपका दिमाग ही एक्टिव होता है, जो सिर्फ आंखों की मांसपेशियों को अलावा बाकी सारे शरीर की मांसपेशियों को अस्थायी रूप से लॉक कर देता है या यूं कह लीजिए कि टेम्परेरीली पैरालाइज कर देता है।
Non-REM Sleep - इसका पूरा नाम होता है नॉन-रैपिड आई मूवमेंट स्लीप यानी रैपिड आई मूवमेंट दूसरा हिस्सा यानी जिसमें आंखें भी कोई मूवमेंट नहीं कर ही होती हैं और आप गहरी नींद में सो रहे होते हैं। Non-REM Sleep स्लीप के दौरान आपका शरीर और दिमाग पूरी तरह से रिलैक्स मोड पर होता है और इस दौरान आप कोई सपना भी नहीं देखते हैं।
ऐसा नहीं है कि आप इनमें से कोई एक ही प्रकार की नींद लेते हैं, बल्कि आप दोनों ही प्रकार की नींद ले रहे होते हैं और हर कोई ऐसा ही करता है। दरअसल ये दोनों एक ही नींद के दो भाग होते हैं, जिसमें व्यक्ति अपनी नींद का कुछ हिस्सा REM Sleep में सोता है और बाकी हिस्सा Non-REM Sleep में सोता है। जब आप सोते हैं, तो पहले आपका शरीर Non-REM Sleep की स्टेज में जाता है, जिसका मतलब है कि आप गहरी नींद में सोते हैं और फिर जब वह फेज पूरा हो जाता है, तो उसके बाद REM Sleep शुरू होती है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग सुबह के समय ही सपने देखते हैं, क्योंकि उस समय REM Sleep मोड चल रहा होता है।
नींद के ये दोनों ही प्रकार आपकी कंप्लीट नींद के लिए बेहद जरूरी हैं। Non-REM Sleep आपके शारीरिक स्वास्थ्य को रिलैक्स करने और दिनभर में हुए डैमेज को ठीक करने का काम करती है और आपकी फीजिकल हेल्थ को अगले दिन के लिए चार्ज करती है। वहीं REM Sleep खासतौर पर आपके दिमाग की सर्विस करती है, मेंटल और इमोशनल हेल्थ को सही बनाए रखने के लिए सभी थॉट्स प्रोसेस करती है। ताकि आपका दिमाग अगले दिन फुल फोकस के साथ काम कर सके।
अब आप ये तो जान गए होंगे कि REM Sleep और Non-REM Sleep दोनों ही हमारे लिए जरूरी है और अब आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपको इन दोनों को ही बैलेंस में लेना है। उसके लिए कुछ तरीके इस प्रकार हैं -
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल नींद के बारे में सही जानकारी देने के लिए है। हालांकि, इस लेख में दी गई कोई भी जानकारी नींद से जुड़ी किसी समस्या का इलाज करने के लिए नहीं है। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।