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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 2, 2023 3:53 PM IST
पेशाब करते वक्त ये 8 परेशानियां पुरुषों में इस जगह पर कैंसर का देती हैं संकेत, जानें पुरुषों में होने वाले 2 'आम' कैंसर
कैंसर के कई प्रकार हैं और ये कहना बिल्कुल गलत है कि ये कैंसर छोटा है या फिर कौन सा कैंसर बड़ा। कुछ कैंसर महिलाओं में होते हैं तो कुछ विशेष रूप से पुरुषों में होते हैं। लेकिन कुछ कैंसर दोनों में समान होते हैं। हालांकि हम बात कर रहे हैं पुरुषों में होने वाले दो आम कैंसर की, जिनकी वजह से सबसे ज्यादा पुरषों को परेशान होना पड़ता है। इन दोनों कैंसर के लक्षण पुरुष आमतौर पर पहचान भी नहीं पाते हैं। आइए जानते हैं प्रोस्टेट कैंसर और लिम्फोमा कैंसर के बारे में, जिनसे सबसे ज्यादा पुरुष परेशान होते हैं।
गुरुग्राम स्थित नारायणा हॉस्पिटल में रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, सीनियर कंसलटेंट, डॉ इंदु बंसल बताती है प्रोस्टेट एक ग्रंथि है यह केवल पुरुषों में मूत्रमार्ग के आस पास पाई जाती है और यह कैंसर यही पर होता है। प्रोस्टेट ग्रंथि कुछ तरल पदार्थ को बनाती है जो वीर्य बनाने में मदद करता है। प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है पर कई बार यह तेजी से भी प्रोस्टेट ग्रंथि के बाहर फैल सकते हैं जो घातक हो सकते हैं। एक आदमी की उम्र के अनुसार प्रोस्टेट का आकार बदल सकता है। छोटे पुरुषों में, यह अखरोट के आकार होगा, लेकिन वृद्ध पुरुषों में यह बहुत बड़ा हो सकता है।
1-पेशाब करने मे मुश्किल या जलन होना
2- बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना, खासकर रात में
3- मूत्र या वीर्य में खून आना
4- मूत्र करने में दर्द होना
5- कुछ मामलों में स्खलन पर दर्द
6- इरेक्शन करने या बनाए रखने में कठिनाई
7-बैठने पर दर्द या बेचैनी
8- अगर प्रोस्टेट बढ़ गया है, हड्डी मे दर्द होना जैसे लक्षण प्रोस्टेट कैंसर हो सकते हैं।
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज हो सकता है लेकिन इसके लिए इसको समय पर पता लगना जरुरी है। एक आसान सी और सस्ते सी खून की जांच पीएसए टेस्टिंग द्वारा इस कैंसर को बहुत जल्दी पकड़ा जा सकता है। यह एक प्रकार की खून की जांच होती है जिससे प्रोस्टेट ग्रन्थि के असामान्य तौर पर बड़े होने के शुरुआती लक्षणों के बारे में पता लगाया जाता है। यह पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती जांच का सबसे सामान्य तरीका है। इसलिए आप यह जांच समय समय पर करवाते रहें। हर पुरुष को 50 साल की उम्र से साल में एक बार यह टेस्ट कराना चाहिए। लक्षणों को पहचान कर समय रहते यदि इलाज करवाना शुरू कर दे तो आप बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। प्रोस्टेट कैंसर का इलाज सर्जरी और रेडिएशन द्वारा किया जाता है और हार्मोन के इंजेक्शन और गोलियां भी इसके इलाज में प्रयोग की जाती हैं। इसलिए नियमित रुप से पीएसए टेस्टिंग कराएं और किसी भी लक्षण को इग्नोर न करके समय रहते उपचार कराकर कैंसर मुक्त हो जाएं।
एक्शन कैंसर हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सीनियर कंसलटेंट, डॉ जे बी शर्मा का कहना है कि लिम्फोमा कैंसर व्हसइट ब्लड सेल्स में होता है। यह शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। इसमें मरीज़ को बहुत ज्यादा लंबे समय तक बुखार, गले और बगल में गांठे महसूस होती है और वज़न काफी जल्दी गिरने लग जाता है। लिम्फोमा कई प्रकार होते हैं, लेकिन इनमें से दो मुख्य हैं- हॉजकिन्स लिम्फोमा और नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा, इससे बचने के लिए लक्षणों को जल्द से जल्द समझना बहुत जरूरी है जिससे इलाज भी जल्द से जल्द करवाकर आप स्वस्थ हो सकें।
इसके लक्षण शरीर के कई हिस्सों में दिखाई पड़ते हैं जैसे
1- आपकी गर्दन, बगल या कमर में लिम्फ नोड्स की दर्द रहित सूजन
2- लगातार थकान
3- बुखार
4- रात को पसीना आना
5- सांस लेने में कठिनाई
6- वजन घटना
7- त्वचा में खुजली होना
लिम्फोमा कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी द्वारा होता है। इसके अलावा टारगेटेड थेरपी द्वारा एंटी बॉडीज़ के इंजेक्शन से कैंसर युक्त कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इस उपचार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें दवा कैंसर युक्त कोशिकाओं को पहचान कर केवल उन्हीं को नष्ट करती है। आपको लक्षणों को समझना और जल्द से जल्द इलाज करना चाहिए। तभी आप लिम्फोमा कैंसर से बच सकते हैं।