Black Fungus Variant: मरीजों में दिखे ब्‍लैक फंगस के 2 अलग वेरिएंट, दोनों के लक्षण हैं एकदम अलग

देशभर में ब्लैक फंगस के 2 अलग अलग वेरिएंट (Two different variants of black fungus) दिखे हैं। ब्‍लैक फंगस के जो दो वेरिएंट सामने आए हैं उनके नाम एस्परजिलोसिस (Aspergillosis) और न्यूकोरमाइकोसिस हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 1, 2021 4:17 PM IST

पिछले साल फरवरी-मार्च से शुरू हुए कोरोनावायरस के अबतक कई रूप सामने आ चुके हैं। पिछले 1 साल में ही कोरोना के नए-नए वेरिएंट ने लोगों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। कोरोना की मार झेल रहे देश में ब्‍लैक फंगस एक नई मुसीबत बन गया है। देशभर में हजारों लोग ब्‍लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। लेकिन लोगों की रातों की नींद तब उड़ गई जब ब्‍लैक फंगस के दो अलग वेरिएंट (Black Fungus Variant in hindi) की बात सामने आई है। जी हां, हरियाणा के हिसार की एक लैब में ब्‍लैक फंगस के दो अलग अलग वेरिएंट का पता चला है। एक्‍सपर्ट का कहना है कि दोनों वेरिएंट के लक्षण और इलाज एक दूसरे से एकदम अलग हैं। ब्‍लैक फंगस के जो दो वेरिएंट सामने आए हैं उनके नाम एस्परजिलोसिस (Aspergillosis) और न्यूकोरमाइकोसिस हैं। अभी तक ब्‍लैक फंगस के लगभग सभी मामलों को न्यूकोरमाइकोसिस समझकर इलाज किया जा रहा था। लेकिन गुजरात में पिछले हफ्ते दो मरीजों में एस्परजिलोसिस वेरिएंट के सामने आने के बाद इस पर रिसर्च शुरू हो गई है।

ब्‍लैक फंगस के दो वेरिएंट (Black Fungus Variant)

एस्परजिलोसिस (Aspergillosis) और न्यूकोरमाइकोसिस, ब्‍लैक फंगस के दो वेरिएंट हैं। अगर इन दोनों ही फंगस का इलाज समय पर न किया जाए तो ये सीधा दिमाग और शरीर के अन्‍य अंगों को प्रभावित कर सकते हैं। जो लोग कोरोना से रिकवर हो रहे हैं उनमें एस्परजिलोसिस इंफेक्‍शन दिख रहा है। गुजरात में पिछले हफ्ते दो मरीजों में एस्परजिलोसिस देखा गया था। क्‍या है एस्परजिलोसिस? (What is Aspergillosis in hindi) दरअसल ये फंगस का एक ऐसा प्रकार है जो हमारे आसपास ही मौजूद होता है। ये फंगस कमजोर इम्‍युनिटी वाले लोगों में, फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे लोगों में और सांस संबंधी मरीजों पर अटैक करता है। यह खून के द्वारा शरीर के अलग'अलग अंगों को प्रभावित कर सकता है। जो लोग हाल ही में कोरोना से रिकवर हुए हैं या किसी दूसरी बीमारी से रिकवर हुए हैं उन्‍हें एस्परजिलोसिस हो सकता है। ऐसा क्‍यों? डॉक्‍टर के अनुसार स्‍टेरॉयड और ऑक्सीजन सप्‍लाई को हाइड्रेट करने के लिए प्यूरिफाई वॉटर का प्रयोग इसके लिए जिम्‍मेदार हो सकते हैं।

एस्परजिलोसिस के लक्षण क्‍या हैं? (Symptoms of Aspergillosis)

नए फंगल इंफेक्‍शन एस्परजिलोसिस के लक्षण इस चीज पर निर्भर करते हैं कि व्‍यक्ति को एस्परजिलोसिस का कौन सा प्रकार हुआ है। अलग-अलग प्रकार के एस्परजिलोसिस, शरीर को अलग अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि एस्परजिलोसिस के कुछ सामान्‍य लक्षण निम्‍न हैं-

  • खांसी करते वक्‍त खून आना
  • बुखार आना और ठंड लगना कोरोना का सबसे शुरुआती लक्षण होता है जो 4-5 दिनों तक रह सकता है। इसलिए डॉक्‍टर इलाज के दौरान सबसे पहले बुखार को कंट्रोल करते हैं। अगर संक्रमण सही होने के बाद बुखार फिर आता है तो ये फंगल इंफेक्‍शन हो सकता है।
  • जब फंगस फेफड़ों में फैलता है तो ये टिश्‍यू को डैमेज करने के साथ ही सांस लेने में कठिनाई का कारण बनता है। सांस देने में दिक्‍कत होना या सांस की कमी इस बात का संकेत हो सकता है कि फंगस फेफड़ों तक पहुंच चुका है।
  • फंगस शरीर में अमूमन नाक के द्वारा घुसता है। ये सबसे पहले साइनस फिर फेफड़े और उसके बाद दिमाग को प्रभावित करता है। जो आगे चलतर सिर में दर्द और आंखों में जलन व दर्द का कारण बनता है।
  • स्किन में जलन होना, लालपन आना, सूजन आना और छाले होना भी फंगल इंफेक्‍शन का लक्षण हो सकता है।
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