
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 3, 2026 8:55 AM IST
Brain Tumor ki Pahchan: बुखार होना हमारे शरीर के बीमार पड़ने का सबसे सामान्य संकेत माना जाता है और फीवर इतना कॉमन हो गया है कि इसे ज्यादा शायद ही लोग सीरियस लेते हैं। लेकिन इस बात का पता भी आपको जरूर होना चाहिए कि बुखार हमारे शरीर के अंदर बड़ी से बड़ी स्वास्थ्य बीमारियों का संकेत हो सकता है जिसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। और अगर आप इग्नोर करते हैं, तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ सकता है जिसके बारे में हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं। यहां तक कि ब्रेन ट्यूमर या मस्तिष्क के कैंसर जैसी जानलेवा हेल्थ कंडीशन का पहला संकेत भी बुखार आना हो सकता है। ऐसे में बुखार के कुछ खास पैटर्न को आप नोटिस कर सकते हैं, जो आपको बताएगा कि यह बुखार कोई सामान्य बीमारी का बुखार नहीं है। साथ ही कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जो ब्रेन ट्यूमर या कैंसर का संकेत दे सकते हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में खास जानकारी देने वाले हैं।
अगर किसी व्यक्ति को अचानक से बुखार हो जाता है और बुखार बहुत तेज है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर मस्तिष्क में कोई ट्यूमर विकसित या कैंसर विकसित हो रहा है, तो ऐसे-ऐसे लक्षण देखे जा सकते हैं। ऐसे में मरीज को अचानक से तेज बुखार आने लगता है। हालांकि, जरूरी नहीं है कि यह ब्रेन ट्यूमर का ही संकेत हो ब्रेन इन्फेक्शन या शरीर के किसी अन्य हिस्से में अचानक से ज्यादा संक्रमण बढ़ जाना भी तेज बुखार का एक संकेत हो सकता है। लेकिन तेज बुखार के लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए और खासतौर पर अगर किसी व्यक्ति के परिवार में पहले किसी को ब्रेन कैंसर या ट्यूमर जैसी समस्याएं हो चुकी हैं उन्हें ऐसे लक्षणों इग्नोर नहीं करना चाहिए।
ब्रेन ट्यूमर या ब्रेन कैंसर का सबसे शुरुआती लक्षणों में एक सिरदर्द भी हो सकता है। जब मस्तिष्क के अंदर कोई ट्यूमर या कैंसर बनने लगता है, तो तभी से ही मरीज को हल्का सिरदर्द रहने लग सकता है। ऐसे में जैसे-जैसे समय बीतता है यह ट्यूमर बड़ा होने लगता है और इसके अनुसार ही सिरदर्द की गंभीरता भी बढ़ जाती है। कुछ मरीजों में ट्यूमर कुछ महीनों में बड़ा हो सकता है तो कुछ मामलों में इसका आकार बढ़ने ने सालों भी लग सकते हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से सिरदर्द रहता है, तो इस तरह के लक्षण को इग्नोर करने की सलाह नहीं दी जा सकती है।
हमारे शरीर का हर एक मोटर फंक्शन यानी शरीर को हिलाने-डुलाने वाले सभी कार्यों को कंट्रोल करने का काम ब्रेन से ही होता है। ऐसे में जब मस्तिष्क में कोई ट्यूमर बन जाता है, तो मस्तिष्क का कोई एक हिस्सा प्रभावित हो जाता है। ऐसे में मस्तिष्क को जो हिस्सा प्रभावित होता है, वहां से कंट्रोल किए जाने वाले मोटर फंक्शन पर कंट्रोल कम हो जाता है। ब्रेन ट्यूमर की गंभीरता के अनुसार शरीर के मोटर फंक्शन धीरे-धीरे पूरी तरह से कंट्रोल छोड़ सकते हैं या फिर इनका कोई एक हिस्सा धीरे-धीरे प्रभावित होने लगता है। ब्रेन ट्यूमर जितना गंभीर होगा शरीर का वह हिस्सा जैसे एक हाथ या एक पैर या फिर एक तरफ के हाथ व पैर दोनों आदि उतने ही प्रभावित होने लगेंगे।
ब्रेन प्रभावित होगा तो याददाश्त जैसी समस्याएं भी होने लगेंगे और यह भी पूरी तरह से ब्रेन ट्यूमर के आकार व उसकी गंभीरता पर निर्भर करेगा। कुछ मरीजों की याददाश्त का एक हिस्सा पूरी तरह से मिट जाता है और वे उस खास घटना को याद ही नहीं कर पाते हैं, जैसे अपनी शादी का समय या किसी अपने की मृत्यु का समय भूल जाना। वहीं कुछ मरीज बार-बार भूलने लगते हैं, जैसे किसी वस्तु को रख कर भूल जाना, किसी मृत व्यक्ति को बार-बार याद करना या जगह को गलत बताना आदि।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।