
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : September 19, 2024 9:52 AM IST
Medically Verified By:
Causes of Tremors In Hands: आपने अक्सर कई लोगों के हाथों में कंपन की समस्या देखी होगी। ज्यादातर बड़े-बुजुर्ग लोगों के हाथ कांपते रहते हैं। इसके अलावा, कई बार डर के कारण भी हाथों में कंपन की समस्या होने लगती है। ऐसे में, अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन इसके पीछे कई अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं। इसके पीछे हमारा शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य जिम्मेदार हो सकता है। इसमें शारीरिक कमजोरी, पार्किंसन रोग, तनाव और थायराइड समस्याएं शामिल हैं। आइए, वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के निदेशक डॉ (प्रो) कामेश्वर प्रसाद से जानते हैं हाथ कांपने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
हाथ कांपने का सबसे प्रमुख कारण पार्किंसन रोग है। यह एक न्यूरोलॉजिकल रोग है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इस बीमारी में मस्तिष्क के उस हिस्से में डोपामिन नामक केमिकल की कमी हो जाती है, जो मांसपेशियों की गति को नियंत्रित करता है। इसके कारण हाथ में कंपन शुरू हो जाता है। साथ ही, हाथों में अकड़न और संतुलन बिगड़ने की समस्या भी हो सकती है।
हाथ कांपने के पीछे का एक कारण हाइपरथाइरॉयडिज्म भी हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन करती है। इसके कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है और हाथ-पैर कांपने लगते हैं।
यह एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें शरीर के कुछ हिस्से, मुख्य रूप से हाथों में कंपन होने लगती है। इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है और इसे इडियोपैथिक माना जाता है। यह रोग अक्सर जेनेटिक कारणों से होता है और किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है। इसका शुरुआत में इलाज बहुत जरूरी है, वरना समय के स्थिति गंभीर बिगड़ सकती है।
शारीरिक कमजोरी और पोषण की कमी भी हाथों के कांपने का कारण बन सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शरीर में विटामिन बी-12, विटामिन-के2 विटामिन-डी3 के कारण हाथों में कंपन होने लगती है।
तनाव और स्ट्रेस की वजह से भी हाथों में कंपन होती है। दरअसल, तनाव सीधा हमारे दिमाग पर असर करता है। इसके कारण व्यक्ति के हाथ-पैर कांपने लगते हैं, दिल की धड़कन तेज हो जाती है और पसीना आने लगता है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।