ओपन सर्जरी से कई गुना बेहतर है मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी, डॉक्टर से जानिए क्यों है ये बेहतर

Minimally Invasive Surgery : मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी साधारण ओपन सर्जरी से कई गुना बेहतर साबित हो रहा है, क्योंकि इसमें कम दर्द के साथ मरीजों की रिकवरी तेजी से हो रही है। आइए जानते हैं इस बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : June 12, 2024 4:01 PM IST

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Minimally Invasive Surgery : आधुनिक समय में मेडिकल साइंस द्वारा कई टेक्नोलॉजी सामने लाई जा रही है, जिससे आपके कई गंभीर से गंभीर समस्याओं का इलाज करना काफी आसान होता जा रहा है। इन टेक्नोलॉजी में हाल ही में स्पाइनल सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। हाल ही में मेडिकल साइंस द्वारा मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल डीकंप्रेसन और फ्यूजन सर्जरी का विकास किया गया है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से पुरानी पीठ के दर्द और रीढ़ की हड्डियों से जुड़ी परेशानियों का इलाज करना काफी आसान हो गया है। साथ ही सर्जिकल दृष्टिकोण को एक नया आयाम मिला है। डॉ. अरविंद कुलकर्णी, हेड स्पाइनल सर्जन, मुंबई स्पाइन स्कोलियोसिस और डिस्क रिप्लेसमेंट सेंटर ने कहा का कि नॉर्मल ओपन सर्जरी की तुलना में यह काफी लाभकारी साबित हो सकता है, जिससे मरीजों को रिकवर होने में काफी कम समय लगेगा। साथ ही इससे रोगियों को अच्छे रिजल्ट हासिल होंगे।

साधारण सर्जरी में होती है कई परेशानियां

डॉक्टर का कहना है कि साधारण स्पाइनल सर्जरी में रीढ़ तक पहुंचने के लिए डॉक्टर्स को काफी बड़े चीरे और मांसपेशियों में चीरे लगाए जाते थे, जिसमें मरीजों को काफी दर्द होता था। साथ ही रिकवर होने में भी समय लगता था। लेकिन यह तकनीक काफी प्रभावी साबित हो सकता है। साधारण सर्जरी में ज्यादातर मरीजों को पोस्टऑपरेटिव दर्द, लंबी रिकवरी का समय और कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही कई बार मांसपेशियों के डैमेज होने का खतरा बी रहता है। इसके अलावा खून की कमी और संक्रमण होने की भी संभावना होती है। इन कारकों की वजह से मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रहना होता है।

मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी है आसान

वहीं, मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल डीकंप्रेसन और फ्यूजन सर्जरी में मरीजों को काफी छोटे चीरे लगाए जाते हैं और विशेष तरह के उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे आस-पास के टिश्यूज के डैमेज होने के जोखिमों को कम किया जा सकता है। डीकंप्रेसन स्टेप्स के दौरान सर्जन हड्डी या टिश्यूज के उन हिस्सों को हटाता है, जो रीढ़ की हड्डी या नसों को दबा रहे हैं। इससे दर्द होने और अन्य लक्षणों को कम की जा सकती है।

क्या हैं मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी के फायदे

डॉक्टर का कहना है कि रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के लिए अगर आप मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी का सहारा लेते हैं, तो इससे आपको कई तरह के लाभ हो सकते हैं, जैसे-

  • इस सर्जरी की मदद से मांसपेशियों और टिश्यूज के डैमेज होने का खतरा कम होता है।
  • रोगी 1 या दो दिन के अंदर रिकवर होकर घर लौट सकता है।
  • साधारण ओपन सर्जरी की तुलना में तेजी से होगी रिकवरी
  • मरीज कुछ ही दिनों के अंदर अपनी एक्टिविटी को सामान्य कर सकता है।
  • अतिरिक्त चिकित्सा केयर की जरूरत नहीं होती है, जिससे ट्रीटमेंट की कुल लागत भी कम हो जाती है।
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