देश के इन अस्पतालों में होता है ओवेरियन कैंसर का मुफ्त इलाज, जानिए रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस

देश के कई अस्पताल हैं जहां पर ओवेरियन कैंसर का इलाज मुफ्त में या फिर कम कीमत में उपलब्ध है। आइए जानते हैं इन अस्पतालों के बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 8, 2026 8:50 AM IST

वैश्विक स्तर पर बढ़ते ओवेरियन कैंसर के मामलों को देखते हुए हर साल 8 मई को वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे मनाया जाता है। पिछले एक दशक में भारतीय महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के मामलों में इजाफा देखा गया है। ICMR की रिपोर्ट बताती है कि ओवेरियन कैंसर के लक्षणों का सही समय पर पता चल जाए तो इसे इलाज के जरिए काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन भारत में जब कैंसर के इलाज की बात आती है तो लोगों के दिमाग में ख्याल आता ढेर सारा पैसा खर्च। अन्य कैंसर की तरह ही ओवेरियन कैंसर का इलाज भी काफी महंगा है। महंगे इलाज की वजह से कई मरीज समय पर इलाज नहीं करवा पाते हैं। हालांकि इन सबके बीच राहत की बात यह है कि देश के कई सरकारी अस्पतालों में ओवेरियन कैंसर का इलाज फ्री में हो सकता है। वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं देश के उन 5 अस्पतालों के बारे में जहां आप फ्री में कैंसर का इलाज करवा सकते हैं। साथ ही हम आपको बताएंगे कि किन अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कैसे होता है और इलाज का पूरा प्रोसेस क्या है।

ओवेरियन कैंसर के लक्षण क्या हैं?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी एक रिसर्च बताती है कि ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं में कई लक्षण सामने आते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः

  1. पेट में लगातार दर्द या सूजन
  2. भूख कम लगना
  3. जल्दी पेट भर जाना
  4. वजन कम होना
  5. बार-बार पेशाब आना
  6. पीरियड्स में बदलाव

अगर किसी महिला में यह लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते इलाज करवाना चाहिए।

किन अस्पतालों में होता है ओवेरियन कैंसर का इलाज

देश में कुछ ही अस्पताल हैं जहां पर ओवेरियन कैंसर का इलाज मुफ्त में होता है।

aiims

1. All India Institute of Medical Sciences (AIIMS)

दिल्ली स्थित एम्स देश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। दिल्ली एम्स में कैंसर मरीजों के लिए कम खर्च और कई योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। गरीब मरीजों को आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत ओवेरियन कैंसर का इलाज दिया जाता है। एम्स में कैंसर स्क्रीनिंग, कैंसर की विभिन्न प्रकार की सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी की जाती है।

एम्स में कैसे करवाएं इलाज

  1. मरीज AIIMS में ओवेरियन कैंसर का इलाज करवाने के लिए ऑनलाइन ORS पोर्टल के जरिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।
  2. इसके लिए सबसे पहले पोर्टल पर लॉगिन करें और विभाग चुनें। इसके इलाज के लिए आप Gynecologic Oncology, Medical Oncology या Surgical Oncology विभाग को चुनना पड़ेगा।
  3. इसके बाद आधार कार्ड या कोई ID proof, पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टर की पुरानी पर्चियां, बायोप्सी रिपोर्ट, CT Scan / MRI / PET Scan रिपोर्ट डालें।
  4. सभी जानकारी को भरने के बाद आपके सामने अपॉइंटमेंट नंबर और विभाग की डिटेल्स आ जाएगी।

अगर आपको ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने में परेशानी आ रही है तो आप कैंसर OPD में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन भी करवा सकते हैं। AIIMS में कैंसर मरीजों का इलाज कई विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर तय करते हैं। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या टारगेटेड थेरेपी शामिल हो सकती है। जानकारी दे बता दें कि एडवांस कैंसर इलाज या कुछ विशेष सुविधाओं के लिए मरीज को AIIMS के National Cancer Institute (झज्जर) भेजा जा सकता है।

2. टाटा मेमोरियल अस्पताल

टाटा मेमोरियल अस्पताल में ओवेरियन कैंसर का इलाज मुफ्त और कुछ मामलों में काफी कम कीमतों में भी किया जाता है। यहां पर कैंसर की एडवांस जांच, कम कीमत पर कैंसर की दवाएं, फ्री डॉक्टर से परामर्श मिलता है।

कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन

  1. टाटा मेमोरियल अस्पताल में ओवेरियन कैंसर का इलाज करवाने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन New Patient Registration करें।
  2. अस्पताल जाकर यूनिक केस नंबर बनवाएं। इसके बाद Gynecologic Oncology विभाग में अपॉइंटमेंट लें।
  3. अपॉइंटमेंट लेने के बाद यहां ओवेरियन कैंसर का इलाज शुरू कर दिया जाता है।

_ovarian cancer treatment ओवेरियन कैंसर का इलाज बहुत जरूरी है।

3. किदवई मेमोरियल इंस्टिट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी

किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी में कैंसर मरीजों को सस्ता और मुफ्त इलाज मिलता है। यह अस्पताल कर्नाटक  के बेंगलुरु में स्थित है। इस अस्पताल की खास बात यह है कि किदवई मेमोरियल इंस्टिट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी में महिलाओं के कैंसर के इलाज के लिए अलग से विभाग मौजूद हैं। यहां ओवेरियन कैंसर जांच, सर्जिकल ट्रीटमेंट, कीमोथेरेपी और फ्री काउंसलिंग सुविधा दी जाती है।

कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन

  1. अस्पताल पहुंचकर New Patient Registration काउंटर पर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। हर नए मरीज को OPD कार्ड दिया जाता है।
  2. OPD कार्ड मिलने के बाद आप इस अस्पताल में कैंसर का इलाज करवा सकते हैं।
  3. इस कार्ड पर डॉक्टर विभिन्न प्रकार के मेडिकल रिकॉर्ड, विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट लिखते हैं।
  4. OPD कार्ड या अस्पताल में इलाज के दौरान आपको किसी प्रकार की परेशानी आती है तो आप +91-80-66697999 पर फोन करके भी मदद मांग कर सकते हैं।ॉ

4. राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट में विभिन्न सरकारी योजनाओं और हेल्थ स्कीम के तहत ओवेरियन कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। कई मरीजों को यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत भी इलाज किया जाता है।

कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट में ओवेरियन कैंसर का इलाज करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाएं और फॉर्म भरें।

इस दौरान  फोटो ID प्रूफ (वोटर ID, पासपोर्ट आदि), एड्रेस प्रूफ और सभी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स, बायोप्सी, CT/MRI, ब्लड रिपोर्ट भी दिखानी होती है।

इसके बाद मेडिकल रिकॉर्ड फाइल बनती है, जो आगे के सभी विजिट में इस्तेमाल होती है।

आप चाहें तो इस अस्पताल में इलाज करवाने के लिए ओवेरियन कैंसर (Gynae Oncology) के लिए अपॉइंटमेंट 011-47022222 पर कॉल कर सकते हैं।

Normal ovary vs cancerous ovary कई योजनाओं के तहत ओवेरियन कैंसरका इलाज होता है।

ओवेरियन कैंसर इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज तक का पूरा प्रोसेस

  1. सही अस्पताल का चयन करें- सबसे पहले ऐसे सरकारी या ट्रस्ट अस्पताल का चयन करें जहां कैंसर का इलाज उपलब्ध हो। इस दौरान जरूरी दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पुराने मेडिकल रिकॉर्ड जरूर साथ रखें।
  2. OPD रजिस्ट्रेशन करवाएं- अस्पताल पहुंचने के बाद सबसे पहले ओपीडी रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काउंटर पर फॉर्म भरें, मरीज की बेसिक जानकारी दें, डॉक्टर की अपॉइंटमेंट लें और फिर यूनिक हॉस्पिटल नंबर प्राप्त करें।
  3. जांच और कैंसर की पुष्टि- OPD नंबर मिलने के बाद डॉक्टर मरीज के लक्षण देखकर कई मेडिकल टेस्ट लिखते हैं। इन जांचों से कैंसर की स्टेज और स्थिति का पता चलता है। इस दौरान अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन, MRI, बायोप्सी और ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
  4. इलाज की तैयारी- मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों की टीम इलाज का प्लान तैयार करती है। मरीज की उम्र, कैंसर की स्टेज और स्वास्थ्य को देखकर इलाज तय किया जाता है। इस दौरान सर्जरी, कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और रेडियोथेरेपी का इस्तेमाल भी किया जाता है।
  5. फॉलोअप और रिकवरी- ओवेरियन कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद मरीज को नियमित जांच करवानी पड़ती है ताकि कैंसर दोबारा न बढ़े। इस दौरान हर मरीज को डॉक्टर की सलाह माननी चाहिए। समय पर दवाइयां लें, मानसिक तनाव से बचें और नियमित चेकअप करवाएं।

Disclaimer: ओवेरियन कैंसर एक गंभीर बीमारी है। इसका समय पर इलाज बहुत जरूरी है। कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इसका इलाज संभव है। लेकिन, प्राइवेट हॉस्पिटल में ओवेरियन कैंसर का इलाज काफी महंगा हो सकता है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में कम कीमत में इसका इलाज हो सकता है।

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