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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 24, 2022 1:51 PM IST
कोरोनावायरस, मंकीपॉक्स, डेंगू और चिकनगुनिया से बिल्कुल अलग है टोमाटो फ्लू! जानें किन राज्यों में फैली है ये बीमारी
देश में बढ़ते टोमाटो फ्लू के मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को बीमारी से जुड़ी कुछ एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में केंद्र ने कहा है कि टोमाटो फ्लू कोरोनावायरस, मंकीपॉक्स, डेंगू और चिकनगुनिया से जुड़ा हुआ नहीं है। इतना ही नहीं ये फ्लू ज्यादातर 1 से लेकर 10 साल के बच्चों को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाता है। इसके अलावा जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हैं उन्हें भी इस वायरस का खतरा रहता है। इस बीमारी के उपचार के लिए विशिष्ट दवा नहीं है। हालांकि अपने आस-पास साफ-सफाई रखने और स्वच्छता की आदतों को फॉलो करने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
टोमाटो फ्लू वायरस के लक्षण अन्य वायरल इंफेक्शन की ही तरह दिखाई देते हैं जैसे बुखार, शरीर में दर्द, थकान और स्किन पर रैशेज। इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति को 5 से 7 दिनों के लिए आइसोलेट किया जाता है। लक्षणों के दिखाई देने पर और बीमारी को बच्चों से लेकर लोगों में फैलने से रोकने के लिए आइसोलेट करना जरूरी है।
टोमाटो फ्लू को हाथ, पैर और मुंह रोग के रूप में जाना जाता है। इस बीमारी का सबसे पहला मामला केरल के कोल्लम जिले में 6 मई 2022 को सामने आया था। स्थानिक रूप से फैला ये वायरल केरल के पड़ोसी राज्य तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
इस बीमारी के मुख्य लक्षण पर इसका नाम टोमाटो फ्लू पड़ा है। दरअसल इस बीमारी में मरीज के शरीर के कई हिस्सों पर टमाटर के आकार के रैशेज हो जाते हैं। ये रैशेज शुरू में लाल रंग के छोटे-छोटे दानों के रूप में शुरू होते हैं और धीरे-धीरे बड़े होकर टमाटर के आकार के हो जाते हैं। शुरू में इसके लक्षण बच्चों में आम वायरल इंफेक्शन की ही तरह दिखाई देते हैं, जिसमें बुखार, रैशेज और जोड़ों में दर्द शामिल है। स्किन पर रैशेज भी स्किन में खुजली का कारण बन सकते हैं। अन्य वायरल इंफेक्शनकी ही तरह इसके लक्षणों में थकान, मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, पानी की कमी, जोड़ों में सूजन, शरीर में दर्द और फ्लू जैसे लक्षण होते हैं।
केरल के स्थानीय अस्पतालों में 80 से ज्यादा बच्चे इस इंफेक्शन के शिकार पाए गए हैं। इन बच्चों की उम्र 5 साल से कम है। इसके अलावा ओडिशा के भुवनेश्वर में भी 26 बच्चों के इस इंफेक्शन का शिकार पाए गए हैं। इनकी उम्र 1 से 9 साल के बीच है। केरल के अलावा तमिलनाडु , हरियाणा और ओडिशा में ही इस फ्लू के मामले सामने आए हैं जबकि भारत के किसी दूसरे हिस्से में इस बीमारी के मामले अभी तक सामने नहीं आए हैं।