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Written By: Pallavi | Published : August 23, 2022 12:12 PM IST
भारत के केरल राज्य में टोमैटो फ्लू (tomato flu in kids) बड़ी तेजी से फैलता जा रहा है। यहां 5 साल से कम उम्र के 82 बच्चे टोमैटो फ्लू से बीमार हैं। इसी को देखते हुए लैंसेट रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित एक शोध ने बच्चों में टोमैटू फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। शोध में कहा गया है इस वायरस बीमारी को हल्के में ना लें क्योंकि ये बीमारी तेजी फैल सकती है और लोगों को अपना शिकार बना सकती है। इसके अलावा इस स्थानिक वायरल बीमारी को लेकर पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक में भी अलर्ट जारी कर दिया है। पर प्रश्न ये है कि आखिरकार ये बीमारी इतनी तेजी से फैल क्यों रही है और इससे बचा कैसे जा सकता है।
बच्चों में टोमैटो फ्लू का एक बड़ा कारण उनकी कमजोर इम्यूनिटी है। दरअसल, कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में इस संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है। ऐसे बच्चों में टोमैटो फ्लू के लक्षण (Tomato flu in symptoms) आसानी से नजर आने लगते हैं। टोमैटो फ्लू वाले बच्चों में तेज बुखार, चकत्ते और जोड़ों में तेज दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इसके अलावा अन्य लक्षणों में थकान, मतली, उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन, जोड़ों की सूजन, शरीर में दर्द और सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण शामिल हैं। ऐसे में इन लक्षणों से बचने के लिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाएं।
बच्चों की इम्यूनिटी उनके एक्टिविटी से काफी हद तक जुड़ी हुई है। जी हां, आपके बच्चे जितना ज्यादा एक्टिव रहेंगे उतना अधिक उनकी इम्यूनिटी स्ट्रांग रहेगी। बच्चों को वास्तव में दिन में एक घंटे एक्टिव रहना चाहिए। इससे उनका फिजिकल हेल्थ ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। इसलिए बच्चों को एक्टिव रहने के लिए उन्हें एक्सरसाइज करने, योग करने या नियमित रूप से खेलने को कहें।
डाइट सही रखना बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है। दरअसल, बच्चों की डाइट में आपको हर तरह के मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए। साथ ही उनके खाने में सभी न्यूट्रिएंट्स और विटामिन का खास ख्याल रखना चाहिए। जैसे कि बच्चे को विटामिन ए और ई जैसे पर्याप्त विटामिन जरूर दें। इसके अलावा उनके खाने में जिंकऔर बाकी चीजों को भी जरूर शामिल करें।
ज्यादातर संक्रमण छूने से फैलता है। अपने बच्चे को छींकने, खांसने और बाथरूम जाने के बाद हाथ धोना बताएं। उन्हें बताएं कि कम से कम 20 सेकंड के लिए गर्म पानी और साबुन से जरूर हाथ धोएं। इससे बैक्टीरिया और वायरस दूर हो सकते हैं और फेफड़ों के संक्रमण की संभावना को 45% तक कम कर सकते हैं।
बच्चों का टीकाकरणजरूर करवाएं। इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें। टीकाकरण जन्म के बाद से शुरू होता है और वयस्कता तक जारी रहता है। इस दौरान खसरा, चिकनपॉक्स, रोटावायरस और निमोनिया जैसे रोगों का टीका जरूर लगवाएं। ये इन रोगों को तो रोकता है, साथ ही अन्य संक्रमणों को रोकता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। जैसे कि 0 से 3 महीने के बीच के बच्चों को 14 से 17 घंटे की नींद की जरूरत होती है। 4 से 12 महीने के बीच वालों को 12 से 16 घंटे की नींद की जरूरत होती है। इसी तरह 1 से 2 साल की आयु के बच्चों को 11 से 14 घंटे, 3 से 5 साल की आयु के बच्चों को 10 से 13 घंटे, 6 से 12 साल के बच्चों को 9 से 12 घंटे और 13 से 18 साल की आयु के किशोरों को 8 से 10 घंटे की नींद की जरूरत होती है।
पर्याप्त नींद न लेने से शरीर में साइटोकिन्स नामक प्रोटीन का उत्पादन करने की क्षमता कम हो जाती है जिससे बच्चे जल्दी संक्रमित हो जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं।