
... Read More
Written By: Anshumala | Published : January 20, 2019 6:46 PM IST
तनाव कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा फाइबरयुक्त चीजें खाएं। © Shutterstock.
अगर आपको अपना तनाव कम करना है तो आपको ज्यादा से ज्यादा फाइबरयुक्त चीजें जैसे दालें, साबुत अनाज, अनाज, ओट्स और सब्जियों का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि इससे तनाव का स्तर कम होता है।
तनाव से छुटकारा पाने के ये हैं 4 सबसे आसान और असरदार उपाय
यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि तनाव की वजह से पेट में कई प्रमुख बदलाव आते हैं और ये दिमाग पर भी असर डालता है। रिसर्च के परिणाम के अनुसार, पाया गया कि गट बैक्टीरिया शॉर्ट चेन फैटी एसिड पैदा करता है जो कि शरीर के इस हिस्से में कोशिकाओं के लिए पोषण का प्रमुख स्रोत होता है। फाइबर की उच्च मात्रा शॉर्ट चेन फैटी एसिड्स के उत्पादन को उत्तेजित करती है।
कील-मुंहासों से बढ़ता है तनाव, जानें कैसे
इस शोध के तहत चूहों में तनाव के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए फाइबर में समृद्ध खाद्य पदार्थ खिलाए गए थे। आंत बैक्टीरिया और शरीर विज्ञान और व्यवहार के विनियमन में किए गए रसायनों की भूमिका बढ़ती जाती है। शॉर्ट चेन फैटी एसिड्स की भूमिका को इस प्रक्रिया में अब तक समझा नहीं जा सका है।
तनाव से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान काम
"यह महत्वपूर्ण होगा कि हम शॉर्ट-चेन फैटी एसिड का मनुष्यों में तनाव से संबंधित विकारों के लक्षणों को बेहतर करने पर विचार करें। ये स्टडी द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी में प्रकाशित हुई है। इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने चूहों पर अध्ययन किया। ये चूहे तनाव और ड्रिपेशन के लक्षणों से जूझ रहे थे और इसका असर उनके व्यवहार और दिमाग पर भी पड़ रहा था। परिणाम में सामने आया कि एससीएफएक के बढ़ते स्तर के कारण चूहों पर तनाव और बेचैनी का स्तर कम हुआ था।
तनाव से पाना है छुटकारा तो नंगे पांव चलें, जानें नंगे पैर चलने के फायदे
शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक स्ट्रेस होने से आंतों पर इसका असर पड़ता है और ये पेट और पूरे शरीर के बीच बाधा उत्पन्न करता है। सीएसएफएक के जरिए इसका इलाज करना बेहतर होता है। इस रिसर्च में गट बैक्टीरिया के दिमाग और व्यवहार पर प्रभाव को लेकर एक नई सोच सामने आई है। डायट्री ट्रीटमेंट से इस बैक्टीरिया को टारगेट करके स्ट्रेस से संबंधित विकार से लड़ा जा सकता है।