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Written By: Yogita Yadav | Published : August 24, 2019 9:09 PM IST
कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की चर्बी है जो आपके लिवर में पैदा होती है। यह दो तरह का होता है गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। शरीर की कार्यप्रणाली को ठीक रखने के लिए इसकी एक नियत मात्रा की आवश्यक होती है। © Shutterstock
कोलेस्ट्रॉल (control cholesterol level) का बढ़ जाना कई समस्याओं का कारण होता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाने से सबसे ज्यादा खतरा हार्ट हेल्थ को होता है। हर साल लगभग एक करोड़ लोगों की दिल की बीमारी से मौत हो जाती है। इन दिनों हमारा लाइफ स्टाइल और डाइट ऐसी हो गई है कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता चला जाता है। अगर आप अपनी सेहत के लिए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल (control cholesterol level) करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट और रूटीन में यह जरूरी बदलाव करें।
कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की चर्बी है जो आपके लिवर में पैदा होती है। यह दो तरह का होता है गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। शरीर की कार्यप्रणाली को ठीक रखने के लिए इसकी एक नियत मात्रा (control cholesterol level) की आवश्यक होती है। पर इसका उस सीमा से बढ़ जाना सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है।
कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाने पर धमनियों में थक्के बनना शुरू हो जाते हैं। जिससे रक्त चाप बढ़ जाता है, छाती में दर्द, दिल के दौरे और कई दूसरे तरह के ह्रदय रोगों की आशंका बढ़ जाती है।
ओट्स में फाइबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं जिसमें बीटा ग्लुकन होता है। यह फाइबर घुलनशील होता है और रक्त में कोलेस्ट्रॉल (control cholesterol level) के संचार को रोकता है। इस कारण कोलेस्ट्रोल शरीर से उत्सर्जित हो जाता है और फलस्वरूप कोलेस्ट्रॉल लेवल में गिरावट आती है।
इन चावलों को पूरी तरह प्रोसेस नहीं किया जाता, बल्कि सिर्फ बाहरी छिलके उतारे जाते हैं। इस कारण से चावल में मौजूद भूसी यथावत बनी रहती है और इसमें न सिर्फ प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है बल्कि विटामिन और मिनरल भी बहुलता में मौजूद होते हैं। यदि आप कोलेस्ट्रॉल (control cholesterol level) घटाने के बारे में सोच रहे हैं तो अपने डाइट में सामान्य चावल को ब्राउन राइस से बदल दीजिए।
यह एक सल्फर युक्त एंटी-ऑक्सीडेंट है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। न सिर्फ यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है बल्कि अध्ययनों से यह भी पता चला है कि इससे एचडीएल कोलेस्ट्रॉल में भी इजाफा होता है। चाहें तो इसे सलाद में डालकर खाएं, या सैंडविच में या सूप, दाल या रसम में, लहसुुन का सेवन चाहे किसी भी रूप में करें, फायदेमंद ही होगा।
डाइट के साथ ही यह भी जरूरी है कि जो आहार आप ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें हजम भी कर पाएं। इसके लिए वर्कआउट को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं (control cholesterol level)। इसमें पैदल चलना, सीढि़यां चढ़ना, साइकिल चलाना, जॉगिंग, रनिंग, रस्सी कूदना, स्विमिंग आदि को शामिल किया जा सकता है।