टखने में आई मोच का यूं रखें ख्याल

चोटिल टखने पर 1 स 2 दिन के लिए हर घंटे 15 से 20 मिनट तक बर्फ रखें। प्लास्टिक की थैली में बर्फ रखें। उसे मोच वाली जगह पर रख कर सिंकाई करें।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : October 31, 2018 12:25 PM IST

अक्सर तेज चलते-चलते पैर स्लिप कर जाता है, जिससे टखने में मोच आ जाती है। मोच आने से कई बार हड्डी भी अपनी जगह से खिसक जाती है या मांस-पेशियों में क्रैम्प हो जाता है। कुछ लोगों को बहुत तेज दर्द होता है, यहां तक कि सूजन हो जाती है तो कुछ लोगों को दर्द का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में यह समझकर इसे नजरअंदाज कर देना सही नहीं कि आपको कुछ भी नहीं हुआ है। टखना एक जोड़ है जहां टांगों और पैरों की हड्डियां मिलती हैं। ये हड्डियां स्नायुबंधन द्वारा टिकी होती हैं। स्नायुबंधन जब अचानक फैल या फट जाता है, तो मोच आ जाती है।

मोच आने के संकेत

- पीड़ा या कोमलता।

- सूजन।

- नीला पड़ना।

- टखना सही ढंग से चलाने में असमर्थ होना।

इसे भी पढ़ें- गिरती वायु गुणवत्ता से आपको बचाएगा ‘माइऑक्सी’

क्या करें

- जब भी मोच आए तो उसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से तुरंत दिखाएं।

- एक्सरे कराएं।

- चोटिल टखने को सहारा देने के लिए ऐस रैप पहनें।

- पेन किलर दवा लें, लेकिन मेडिकल स्टोर से अपनी तकलीफ को बता कर ही किसी भी दवा का सेवन करें।

- पहले दो दिन अपना पैर अपने सीने के स्तर से ऊपर उठा कर रखें। इससे सूजन और दद कम होगा।

- चोटिल टखने पर 1 स 2 दिन के लिए हर घंटे 15 से 20 मिनट तक बर्फ रखें। प्लास्टिक की थैली में बर्फ रखें और उसे मोच वाली जगह पर रख कर सिंकाई करें।

- पैर पर 24 घंटे तक जोर न डालें। उसके बाद ही चोटिल टखने पर धीरे-धीरे चलने की कोशिश करें।

- जब तक आप बिना दर्द के अपने टखने पर खड़ नहीं हो सकते, तब तक बैसाखी या छड़ी का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर से तुरंत मिलें जब

- मोच वाली जगह पर नील पड़ जाए, सूजन या बहुत अधिक दर्द हो।

- चोट के नीचे पैर की उंगुलियां ठंडी लगती हों। उन्हें छूने पर सुन्न या नीली लग रही हों।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source